return to news
  1. LIC के Q1 नेट प्रॉफिट में 24% का उछाल, नेट प्रीमियम इनकम में भी 7% की बढ़ोतरी

मार्केट न्यूज़

LIC के Q1 नेट प्रॉफिट में 24% का उछाल, नेट प्रीमियम इनकम में भी 7% की बढ़ोतरी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 06, 2026, 18:08 IST

सारांश

इस तिमाही में LIC की नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 6.7% बढ़कर ₹1.28 लाख करोड़ हो गई, जबकि Q1 FY26 में यह ₹1.20 लाख करोड़ थी। कंपनी के शेयरों में आज 1 फीसदी की गिरावट रही और यह स्टॉक BSE पर 387.55 रुपये के भाव पर बंद हुआ है।

LIC Q1

LIC ने FY27 की जून तिमाही में ₹13,584.25 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है।

LIC Q1 Results: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने FY27 की पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23.97 फीसदी बढ़कर 13,492 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी ने 10987 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। कंपनी के शेयरों में आज 1 फीसदी की गिरावट रही और यह स्टॉक BSE पर 387.55 रुपये के भाव पर बंद हुआ है।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

जून तिमाही में LIC की नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 6.7% बढ़कर ₹1.28 लाख करोड़ हो गई, जबकि Q1 FY26 में यह ₹1.20 लाख करोड़ थी। कंपनी के बेहतर प्रीमियम कलेक्शन, नए कारोबार से बढ़ी कमाई और निवेश से हुई अधिक आय का फायदा मुनाफे में देखने को मिला।

प्रीमियम और नए कारोबार में मजबूत बढ़ोतरी

तिमाही के दौरान LIC की शुद्ध प्रीमियम आय (Net Premium Income) 7% बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये रही। वहीं, अन्य आय (Other Income) 130 करोड़ रुपये से बढ़कर 635 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी का पहले साल का प्रीमियम (First-Year Premium Income) भी 22% बढ़कर 9,217 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिससे साफ है कि नई पॉलिसियों की बिक्री में अच्छी तेजी रही।

VNB और मार्जिन में बड़ा उछाल

इस तिमाही की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक कंपनी का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) रहा, जो सालाना आधार पर 61% बढ़कर 3,136 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, VNB मार्जिन 15.4% से बढ़कर 22.9% पहुंच गया। इसका मतलब है कि LIC ने अधिक लाभ देने वाले उत्पादों की बिक्री बढ़ाई है, जिससे नए कारोबार से कमाई में सुधार हुआ।

वित्तीय स्थिति और पॉलिसी रिन्यूअल

LIC की वित्तीय स्थिति भी पहले से मजबूत हुई है। सॉल्वेंसी रेशियो बढ़कर 2.42 हो गया, जो एक साल पहले 2.17 था। यह नियामकीय जरूरत से काफी ऊपर है और कंपनी की मजबूत वित्तीय क्षमता को दिखाता है। पॉलिसी रिन्यूअल के मामले में 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो मामूली घटकर 70.4% रहा, जबकि 61वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो 58.3% से बढ़कर 61.3% हो गया। इससे पता चलता है कि लंबे समय तक ग्राहक अपनी पॉलिसियां बनाए रख रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

अगला लेख