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4 min read | अपडेटेड July 16, 2026, 16:07 IST
सारांश
जनरल इंश्योरेंस कंपनी आईसीआईसीआई लम्बार्ड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 46 पर्सेंट घटकर 403 करोड़ रुपये रह गया है।

आईसीआईसीआई लम्बार्ड ने जारी किए पहली तिमाही के नतीजे | Image: Shutterstock
जनरल इंश्योरेंस सेक्टर की बड़ी कंपनी आईसीआईसीआई लम्बार्ड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी के मुनाफे को एक बड़ा झटका लगा है और इसका नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले लगभग आधा रह गया है। कंपनी के मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे फायर सेगमेंट में हुआ भारी नुकसान और सुप्रीम कोर्ट का एक बड़ा फैसला मुख्य वजह रहे हैं। हालांकि, इस दौरान कंपनी के नेट प्रीमियम अर्न में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा है और अलग-अलग सेक्टर्स में क्या बदलाव आए हैं।
पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, आईसीआईसीआई लम्बार्ड का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 46% गिरकर 403 करोड़ रुपये पर आ गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 747 करोड़ रुपये था। इसी तरह कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स यानी पीबीटी भी 46.1% टूटकर 536 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल 994 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस दौरान कंपनी को मिलने वाले कैपिटल गेन्स में भी कमी आई है और यह 380 करोड़ रुपये से घटकर 183 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि, सकारात्मक बात यह रही कि कंपनी का नेट प्रीमियम अर्न सालाना आधार पर 16% की बढ़त के साथ 5,950 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 5,136 करोड़ रुपये था। कंपनी का ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम भी 7.5% बढ़कर 8,318 करोड़ रुपये रहा है, जो इंडस्ट्री की 10.9% की ग्रोथ से कम है।
कंपनी के कम्बाइंड रेशियो और मुनाफे पर इस तिमाही दो बड़े कारणों से बुरा असर पड़ा है। पहला कारण फायर सेगमेंट के तहत हुए दो बड़े नुकसान हैं, जिनकी कुल रकम 63 करोड़ रुपये रही है। इसने कम्बाइंड रेशियो को 1% बढ़ा दिया। दूसरा बड़ा कारण सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला रहा, जिसके चलते कंपनी को अपने मोटर टीपी पोर्टफोलियो में क्लेम रिजर्व को 165 करोड़ रुपये बढ़ाना पड़ा। इसका कम्बाइंड रेशियो पर 2.8% का अतिरिक्त असर पड़ा। इन दोनों दावों के कारण कंपनी का कम्बाइंड रेशियो पहली तिमाही में बढ़कर 107.2% हो गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही में 102.9% था। अगर इन दोनों विशेष दावों के असर को हटा दिया जाए, तो कम्बाइंड रेशियो 102.3% रहता।
आईसीआईसीआई लम्बार्ड के मोटर इंश्योरेंस सेगमेंट में इस तिमाही अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। मोटर सेगमेंट में कंपनी की ग्रोथ 14% रही है, जो इंडस्ट्री की 13.9% की ग्रोथ से थोड़ी बेहतर है। यह मुख्य रूप से टू-व्हीलर और कमर्शियल वाहनों के गैर-ओईएम चैनलों से मिली ग्रोथ के कारण हुआ है। यूनिट के आधार पर कंपनी की नई सेल्स 33.6% रही है, जबकि इंडस्ट्री की ग्रोथ केवल 14.9% थी। इसके अलावा, रिटेल हेल्थ (इंडिविजुअल) सेगमेंट ने 69.5% की बहुत ही शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जो इंडस्ट्री की 31.6% की ग्रोथ के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है। नए हेल्थ बिजनेस में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा के सम एश्योर्ड का हिस्सा भी बढ़कर 96.4% हो गया है।
दूसरी तरफ, कंपनी के कमर्शियल सेगमेंट में 13.8% की गिरावट देखी गई है। यह मुख्य रूप से फायर इंश्योरेंस बिजनेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भारी प्राइसिंग प्रेशर के कारण हुआ है, जिसने पूरे पोर्टफोलियो की प्रीमियम ग्रोथ को प्रभावित किया है। जहां तक कंपनी की वित्तीय मजबूती की बात है, तो 30 जून 2026 तक कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो 2.71 गुना रहा है, जो 31 मार्च 2026 के 2.67 गुना के मुकाबले बेहतर है। यह नियामक द्वारा तय की गई 1.50 गुना की न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक है, जो यह दिखाता है कि मुनाफा घटने के बावजूद कंपनी की पूंजीगत स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है।
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