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Hindustan Copper Q1: पहली तिमाही में दोगुना से ज्यादा बढ़ा नेट प्रॉफिट, फिर भी क्यों गिर गया शेयर?

विकास तिवारी

5 min read | अपडेटेड August 10, 2026, 15:39 IST

सारांश

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट दोगुना से ज्यादा बढ़ाया है। कंपनी का रेवेन्यू भी 81.4% बढ़ा है। इसके बावजूद 10 अगस्त को दोपहर के कारोबार में हिंदुस्तान कॉपर का शेयर मामूली गिरावट के साथ 533.25 रुपये पर आ गया।

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रिजल्ट के बाद हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली।

शेयर बाजार में 10 अगस्त को दोपहर के कारोबार के दौरान हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली। 10 अगस्त को दोपहर 2:36 बजे के करीब कंपनी का शेयर 0.53% गिरकर 533.25 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 2.85 रुपये की कमी दर्ज की गई। यह गिरावट तब देखने को मिली है जब कंपनी ने जून तिमाही में बहुत ही शानदार नतीजे पेश किए हैं। बाजार के जानकारों के मुताबिक बंपर नतीजों के बाद शेयर में ऊपरी स्तरों पर हल्की प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल रही है, जिसके चलते शेयर में यह मामूली सुस्ती आई है।

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पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट हुआ दोगुना से ज्यादा

जून तिमाही के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का प्रदर्शन हर पैमाने पर काफी मजबूत रहा है। इस अवधि में हिंदुस्तान कॉपर का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 353 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 134 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। यानी कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर दोगुना से भी ज्यादा बढ़ा है। कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन से यह साफ होता है कि मेटल सेक्टर में इसकी पकड़ काफी मजबूत हुई है।

कंपनी की कुल कमाई में भी इस तिमाही के दौरान बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। जून तिमाही में हिंदुस्तान कॉपर का ऑपरेशन से रेवेन्यू 936.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 516.4 करोड़ रुपये के मुकाबले 81.4% ज्यादा है। इसके साथ ही कंपनी का एबिटा भी 212.3 करोड़ रुपये से दोगुना से अधिक होकर 507.5 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के मार्जिन में भी बड़ा सुधार देखा गया है। हिंदुस्तान कॉपर का एबिटा मार्जिन पिछले साल के 41% से बढ़कर इस बार 54% के स्तर पर पहुंच गया है।

तो इस वजह से निवेशकों का बिगड़ा मूड?

सालाना आधार पर भले ही कंपनी की परफॉर्मेंस बेहतर दिख रही हो, लेकिन अगर पिछली तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 की अवधि से तुलना करें तो कंपनी का प्रदर्शन कमजोर हुआ है। जून 2026 तिमाही में हिंदुस्तान कॉपर का ऑपरेशन से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 936.50 करोड़ रुपये रहा, जो मार्च 2026 तिमाही के 1,156.08 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है। इसी तरह जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 352.61 करोड़ रुपये रहा, जबकि इससे पिछली तिमाही में यह 444.06 करोड़ रुपये था। यानी सीक्वेंशियल या तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी की कमाई और नेट प्रॉफिट दोनों में गिरावट आई है, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है।

इसके अलावा नतीजों में सबसे चौंकाने वाली बात ऑडिटर्स की रिपोर्ट में सामने आई है। स्टैचुटरी ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया है कि कंपनी में कानून के मुताबिक जरूरी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ही मौजूद नहीं हैं। 3 नवंबर 2024 से कंपनी के पास पर्याप्त इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स न होने के कारण वैध ऑडिट कमेटी का गठन ही नहीं हो सका है। इस वजह से कंपनी की पहली तिमाही के नतीजों को ऑडिट कमेटी द्वारा रिव्यू ही नहीं किया गया और इन्हें सीधे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा मंजूरी दी गई। कॉरपोरेट गवर्नेंस के नियमों का यह उल्लंघन निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बन गया है।

यहां हुआ 24.27 लाख रुपये का घाटा

कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों में इसकी जॉइंट वेंचर कंपनी खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) में हुआ नुकसान भी शामिल है। 30 जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में इस जॉइंट वेंचर कंपनी को 24.27 लाख रुपये का घाटा दर्ज करना पड़ा है। इसके अलावा कंपनी के फाइनेंस कॉस्ट में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जून 2026 तिमाही में कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर 3.20 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 1.64 करोड़ रुपये और पिछली तिमाही में 0.80 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर कमजोर आंकड़े, ऑडिट कमेटी की अनुपस्थिति और कॉरपोरेट गवर्नेंस की कमियों ने मिलकर निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

इस मोर्चे पर कंपनी को मिली कामयाबी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे की कीमतों में लगातार तेजी का दौर देखा गया है। पिछले हफ्ते ग्लोबल मार्केट में तांबे का भाव 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गया, जो जनवरी के बाद का सबसे ऊपरी स्तर है। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाएं कम होने और सीमित सप्लाई के कारण तांबे के दामों में पिछले छह हफ्तों से बढ़त बनी हुई थी। एनालिस्ट्स का मानना है कि फ्यूचर में भी ग्लोबल मार्केट में तांबे की कीमतें मजबूत बनी रह सकती हैं। इन मजबूत ग्लोबल संकेतों के बावजूद हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में नतीजों के तुरंत बाद प्रॉफिट बुकिंग की वजह से दबाव देखने को मिला है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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