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4 min read | अपडेटेड July 15, 2026, 16:01 IST
सारांश
एथर एनर्जी के बोर्ड ने प्रेफरेंशियल बेसिस पर 1,200 करोड़ रुपये का फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करके जुटाया जाएगा। इसमें मौजूदा इन्वेस्टर इंडिया-जापान फंड और कंपनी के प्रमोटर हीरो मोटोकॉर्प समेत तरुण मेहता और स्वप्निल जैन पैसा लगाएंगे।

एथर एनर्जी के बोर्ड ने कंपनी में 1,200 करोड़ रुपये का बड़ा फंड जुटाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली प्रमुख कंपनी एथर एनर्जी लिमिटेड के बिजनेस विस्तार को लेकर एक बड़ी खबर आई है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रेफरेंशियल बेसिस पर कुल 1,200 करोड़ रुपये तक का बड़ा फंड जुटाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फैसला 15 जुलाई को हुई बोर्ड मीटिंग में लिया गया है। कंपनी यह फंड नए इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करके जुटाएगी। इस बड़े निवेश में कंपनी के मौजूदा इन्वेस्टर के साथ-साथ उनके प्रमोटर भी हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए रेगुलेटरी नियमों के तहत 15 जुलाई 2026 की तारीख को प्रासंगिक तारीख यानी रेलेवेंट डेट तय किया गया है।
बोर्ड से मिली मंजूरी के मुताबिक कंपनी 1,230 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 16,26,016 पूरी तरह से पेड अप इक्विटी शेयर जारी करेगी। इन शेयरों की फेस वैल्यू 1 रुपये प्रति शेयर है और इसमें 1,229 रुपये का प्रीमियम शामिल है। यह पूरा अलॉटमेंट इंडिया-जापान फंड को किया जाएगा, जो कि एक कैटेगरी टू एआईएफ और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर यानी QIB है। यह फंड कंपनी में पहले से ही एक इन्वेस्टर है। इस इक्विटी शेयर की बिक्री से कंपनी को लगभग 199.99 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस अलॉटमेंट के बाद कंपनी में इंडिया-जापान फंड की हिस्सेदारी 5.75% से बढ़कर 6.02% हो जाएगी।
इक्युटी शेयरों के अलावा कंपनी प्रमोटर्स को प्रेफरेंशियल बेसिस पर कुल 79,36,507 कन्वर्टिबल वारंट भी जारी करने जा रही है। इन वारंट्स की इश्यू प्राइस 1,260 रुपये प्रति वारंट तय की गई है जिसमें 1,259 रुपये का प्रीमियम शामिल है। इन वारंट्स के जरिए कंपनी कुल 999.99 करोड़ रुपये का फंड जुटाएगी। इसमें से सबसे बड़ा हिस्सा कंपनी की प्रमोटर हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड खरीदेगी। हीरो मोटोकॉर्प लगभग 960 करोड़ रुपये में 76,19,047 वारंट हासिल करेगी। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर तरुण संजय मेहता और स्वप्निल बबनलाल जैन भी इसमें हिस्सा लेंगे। ये दोनों फाउंडर्स करीब 20-20 करोड़ रुपये का निवेश करके 1,58,730-1,58,730 वारंट खरीदेंगे।
कंपनी ने बताया है कि वारंट के अलॉटमेंट के समय निवेशकों को कुल तय कीमत का 25% हिस्सा चुकाना होगा। इसके बाद बाकी का 75% हिस्सा तब देना होगा जब वारंट होल्डर इन्हें इक्विटी शेयर में बदलने के अपने विकल्प का इस्तेमाल करेंगे। इन वारंट्स की अवधि अलॉटमेंट की तारीख से अधिकतम 18 महीने की होगी। अगर कोई वारंट होल्डर 18 महीने के अंदर इसे शेयर में नहीं बदलता है, तो वे वारंट लैप्स हो जाएंगे और जमा की गई शुरुआती रकम जब्त कर ली जाएगी। सभी वारंट्स के पूरी तरह शेयर में बदलने के बाद हीरो मोटोकॉर्प की हिस्सेदारी 29.48% से बढ़कर 30.68% हो जाएगी। वहीं तरुण मेहता और स्वप्निल जैन की हिस्सेदारी घटकर 4.85-4.85% रह जाएगी जो पहले 4.93% थी।
इस पूरे प्रेफरेंशियल इश्यू के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेने के लिए कंपनी जल्द ही एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग यानी ईजीएम बुलाने जा रही है। इस मीटिंग में एक स्पेशल रेजोल्यूशन के जरिए शेयरहोल्डर्स से वोटिंग कराई जाएगी। कंपनी इस ईजीएम के नोटिस और तारीख के बारे में जल्द ही स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करेगी। इसके साथ ही इनसाइडर ट्रेडिंग के नियमों को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने यह भी साफ किया है कि कंपनी के डेजिग्नेटेड व्यक्तियों और उनके रिश्तेदारों के लिए ट्रेडिंग विंडो फिलहाल बंद रहेगी। बोर्ड की यह मीटिंग सुबह 8 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे समाप्त हुई।
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