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  1. बैंक ऑफ बड़ौदा का नेट प्रॉफिट 72% क्यों लुढ़का? NII में 10% की बढ़ोतरी, जानिए कैसे रहे नतीजे

मार्केट न्यूज़

बैंक ऑफ बड़ौदा का नेट प्रॉफिट 72% क्यों लुढ़का? NII में 10% की बढ़ोतरी, जानिए कैसे रहे नतीजे

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 24, 2026, 18:08 IST

सारांश

बैंक ऑफ बड़ौदा की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली कमाई 10% बढ़कर 12,525 करोड़ रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 11,435 करोड़ रुपये थी। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार की उम्मीद से थोड़ा कम रहा।

Bank of Baroda

Bank of Baroda: एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा।

Bank of Baroda Q1 Results: पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ बड़ौदा ने आज 24 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 72% घटकर 1,278 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में बैंक ने 4541.4 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से भी काफी कम रहा। इस बीच बैंक के शेयरों में आज 1.48 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 246.60 रुपये के भाव पर बंद हुआ। इसका मार्केट कैप 1.27 लाख करोड़ रुपये है।
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क्यों आई मुनाफे में बड़ी गिरावट?

बैंक ऑफ बड़ौद ने बताया कि इस तिमाही में उसे 5680.2 करोड़ रुपये का एकमुश्त नुकसान दर्ज करना पड़ा। इसी वजह से बैंक के मुनाफे में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बैंक ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कंपनी NMC Health के संयुक्त प्रशासकों के साथ अदालत के बाहर समझौता (Out-of-Court Settlement) किया। इसी खर्च का सीधा असर बैंक के मुनाफे पर पड़ा।

NII में बढ़ोतरी, लेकिन अनुमान से कम

बैंक ऑफ बड़ौदा की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली कमाई 10% बढ़कर 12,525 करोड़ रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 11,435 करोड़ रुपये थी। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार की उम्मीद से थोड़ा कम रहा, जिससे बैंक के मुख्य कारोबार का प्रदर्शन अनुमान से कमजोर माना गया।

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा। जून तिमाही के अंत तक ग्रॉस एनपीए (GNPA) बढ़कर 1.99% हो गया, जो मार्च तिमाही में 1.89% था। वहीं नेट एनपीए (NNPA) भी 0.45% से बढ़कर 0.50% हो गया।

प्रोविजन में आई कमी

इस तिमाही में बैंक का प्रोविजन घटकर 643 करोड़ रुपये रह गया। पिछले तिमाही में यह 3,150 करोड़ रुपये और एक साल पहले की समान तिमाही में 1,967 करोड़ रुपये था। प्रोविजन वह राशि होती है जिसे बैंक संभावित खराब कर्ज (Bad Loan) के जोखिम को देखते हुए अलग रखता है।

जून तिमाही में बैंक के कुल एडवांस (Loans) 17.4% बढ़कर 14.16 लाख करोड़ रुपये हो गए, जो पिछले साल 12.07 लाख करोड़ रुपये थे। वहीं, कुल जमा (Deposits) 13.8% बढ़कर 16.33 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Capital Adequacy Ratio) पहली तिमाही में 16.31% रहा, जबकि एक साल पहले यह 17.61% था। यानी इस अनुपात में 1.30 प्रतिशत अंक (130 बेसिस पॉइंट) की गिरावट दर्ज की गई।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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