return to news
  1. NSE आईपीओ के दूसरे दिन आई तेजी, पूरा सब्सक्राइब हुआ देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू, देखें लेटेस्ट अपडेट्स

मार्केट न्यूज़

NSE आईपीओ के दूसरे दिन आई तेजी, पूरा सब्सक्राइब हुआ देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू, देखें लेटेस्ट अपडेट्स

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड September 18, 2026, 18:20 IST

सारांश

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के आईपीओ को दूसरे दिन निवेशकों का शानदार सपोर्ट मिला है। 18 सितंबर 2026 की शाम तक यह पब्लिक इश्यू कुल 1.04 गुना यानी पूरा सब्सक्राइब हो चुका है। क्यूआईबी और एनआईआई कैटेगरीज में निवेशकों ने आक्रामक तरीके से बोलियां लगाई हैं।

nse-ipo-day-2-subscription-status

NSE आईपीओ के दूसरे दिन सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 100% के पार पहुंच गया।

देश के सबसे बड़े शेयर एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के आईपीओ को दूसरे दिन निवेशकों का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। पहले दिन की सुस्त शुरुआत के बाद दूसरे दिन 18 सितंबर 2026 को शाम 4:06 बजे तक यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुका है। दूसरे दिन के आंकड़े बताते हैं कि बड़े और संस्थागत निवेशकों ने इस आईपीओ में भारी दिलचस्पी दिखाई है। इस वजह से यह इश्यू दूसरे दिन ही 100% से ज्यादा यानी कुल 1.04 गुना भर गया है। निवेशकों के पास इस आईपीओ में पैसा लगाने के लिए सोमवार 21 सितंबर तक का मौका है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

किस कैटेगरी में लगी कितनी बोलियां?

NSE आईपीओ के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर डालें तो नॉन-इन्स्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में सबसे ज्यादा बोलियां देखने को मिली हैं। एनआईआई कैटेगरी का रिजर्व हिस्सा दूसरे दिन शाम तक 1.46 गुना यानी 146% भर चुका है। वहीं क्वालिफाइड इन्स्टिट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी कैटेगरी में एंकर इन्वेस्टर्स को छोड़कर यह हिस्सा 1.32 गुना यानी 132% सब्सक्राइब हो चुका है। छोटे रिटेल निवेशकों की बात करें तो रिटेल कैटेगरी में यह आईपीओ 0.69 गुना यानी 69% भरा है। सभी कैटेगरीज को मिलाकर यह इश्यू अब तक कुल 1.04 गुना भरा है।

कैसा है NSE का बिजनेस मॉडल?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत का सबसे बड़ा और प्रमुख शेयर एक्सचेंज है। कंपनी शेयर बाजार में कैश सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस, करेंसी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग, क्लियरिंग और सेटलमेंट की सर्विस देती है। देश के कैश और एफएंडओ सेगमेंट में NSE का लगभग एकछत्र राज है। इसके अलावा निफ्टी इंडेक्स और पैसिव फंड्स के जरिए भी कंपनी लाइसेंसिंग फीस से हर साल अच्छी कमाई करती है। भारत के शेयर बाजार में होने वाले ज्यादातर सौदे इसी एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म पर होते हैं, जिससे कंपनी को ट्रांजैक्शन चार्ज के रूप में बड़ा रेवेन्यू मिलता है।

कंपनी की कमाई और नेट प्रॉफिट का हाल

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के मामले में NSE बेहद मजबूत और भारी नेट प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में NSE का ऑपरेशन से रेवेन्यू 16,601 करोड़ रुपये रहा था। वहीं इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 10,302 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। हाल ही में सेबी द्वारा एफएंडओ ट्रेडिंग के नियमों में बदलाव किए जाने के बाद भी कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन काफी बेहतर बना हुआ है। कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट, शानदार रेवेन्यू और बाजार में एकछत्र दबदबा होने के कारण ही निवेशक इस आईपीओ पर बड़ा दांव लगा रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख