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  1. Auto Stocks में जोरदार तेजी, M&M, Maruti और Bajaj Auto ने दिखाई दमदार बढ़त

मार्केट न्यूज़

Auto Stocks में जोरदार तेजी, M&M, Maruti और Bajaj Auto ने दिखाई दमदार बढ़त

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड July 01, 2026, 11:55 IST

सारांश

आज निफ्टी ऑटो इंडेक्स के ज्यादातर शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी M&M में है और यह करीब 3 फीसदी तक चढ़ गया है। Ashok Leyland और Maruti Suzuki India में भी 2 फीसदी तक की बढ़त है।

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Nifty Auto

Nifty Auto: पिछले तीन महीनों में निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 11% चढ़ा है।

Auto Stocks: आज 1 जुलाई को ऑटो सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। इसके चलते निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 2% तक चढ़कर 26965.45 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी की एक बड़ी वजह कंपनियों के जून महीने के बिक्री के आंकड़े रहे। खासतौर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने शानदार प्रदर्शन किया। बता दें कि पिछले तीन महीनों में निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 11% चढ़ा है।
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इन शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

आज निफ्टी ऑटो इंडेक्स के ज्यादातर शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी M&M में है और यह करीब 3 फीसदी तक चढ़ गया है। Ashok Leyland और Maruti Suzuki India में भी 2 फीसदी तक की बढ़त है। इसके अलावा Bajaj Auto, Hero MotoCorp और TVS Motor के शेयरों में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी नजर आई।

M&M के बिक्री आंकड़े

M&M ने जून 2026 में कुल 1,06,207 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 37% ज्यादा हैं। घरेलू बाजार में कंपनी की SUV बिक्री 28% बढ़कर 60,393 यूनिट रही, जबकि कमर्शियल व्हीकल (CV) की बिक्री 35% बढ़कर 26,076 यूनिट पहुंच गई। कंपनी का कहना है कि उसके लगभग सभी वाहन सेगमेंट में मजबूत मांग बनी हुई है।

Bajaj Auto का शेयर बायबैक

बजाज ऑटो के शेयरों में भी तेजी देखने को मिल रही है क्योंकि कंपनी का शेयर बायबैक बुधवार से शुरू हो गया है। कंपनी ₹12,000 प्रति शेयर के भाव पर करीब 46.94 लाख शेयर वापस खरीद रही है। इस बायबैक का कुल आकार ₹5,632.8 करोड़ है और यह 7 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा।

पैसेंजर व्हीकल उद्योग का आगे कैसा रह सकता है प्रदर्शन?

रेटिंग एजेंसी ICRA का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत के पैसेंजर व्हीकल उद्योग की बिक्री 4% से 6% तक बढ़ सकती है। इसकी वजह मजबूत मांग, जीएसटी दरों में कमी से वाहनों का अधिक किफायती होना और SUV की लगातार बढ़ती लोकप्रियता है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। हालांकि बढ़ती ईंधन और कच्चे माल की कीमतें तथा कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग पर असर जैसे जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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