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4 min read | अपडेटेड August 18, 2026, 14:48 IST
सारांश
Augmont Enterprises IPO का लॉट साइज 19 शेयरों का है। एक रिटेल निवेशक को इसमें कम से कम ₹14,972 (19 शेयर) का निवेश करना होगा। नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है और MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इसकी रजिस्ट्रार है।

Augmont Enterprises के IPO में ₹620 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।
सोने और चांदी का बिजनेस करने वाली कंपनी Augmont Enterprises 21 अगस्त को अपना IPO लाने जा रही है। कंपनी का इरादा इसके जरिए ₹825 करोड़ जुटाने का है। इसका प्राइस बैंड 750-788 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों के पास इसमें 25 अगस्त तक निवेश का मौका रहेगा। यह कंपनी सोने-चांदी को रिफाइन करने से लेकर उन्हें बेचने और उनमें निवेश कराने का पूरा काम एक ही जगह संभालती है। यहां हमने इस IPO के बारे में पूरी जानकारी दी है।
Augmont Enterprises के आईपीओ में ₹620 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा ₹205 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी। इसके तहत शेयर बेचने वालों में प्रमोटर्स नमिता केतन कोठारी, डिंपल मुकेश कोठारी और विवेक पृथ्वीराज कोठारी शामिल हैं। सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 26 अगस्त को होगा। वहीं BSE और NSE पर लिस्टिंग के लिए संभावित तारीख 31 अगस्त तय की गई है।
इस आईपीओ का लॉट साइज 19 शेयरों का है। एक रिटेल निवेशक को इसमें कम से कम ₹14,972 (19 शेयर) का निवेश करना होगा। नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है और MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इसकी रजिस्ट्रार है। कंपनी ने नेट ऑफर का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए और 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व किया है।
Augmont Enterprises ₹465 करोड़ की राशि का इस्तेमाल भविष्य की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसमें इन्वेंट्री की खरीद, रखरखाव और उसे बढ़ाने के साथ-साथ इन्वेंट्री की खरीद के लिए एडवांस मार्जिन की जरूरतें शामिल हैं। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा।
Augmont Enterprises एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो सोने और चांदी से जुड़े कई तरह के कारोबार करता है। कंपनी सोने-चांदी की खरीद और रिफाइनिंग से लेकर बुलियन ट्रेडिंग, ज्वेलरी बनाने, डिजिटल गोल्ड बेचने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिक्री तक का काम करती है। इसके अलावा, कंपनी गोल्ड के बदले मिलने वाली वित्तीय सेवाओं को उपलब्ध कराने में भी मदद करती है।
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। पहला एंटरप्राइज और इंटरनेशनल बिजनेस है, जो ‘Augmont SPOT’ प्लेटफॉर्म के जरिए चलता है। इसमें कंपनियों और कारोबारियों को सोने-चांदी से जुड़ी सेवाएं दी जाती हैं। दूसरा कंज्यूमर बिजनेस है, जो ‘Augmont Gold For All’ प्लेटफॉर्म और कंपनी के ऑफलाइन नेटवर्क के जरिए आम ग्राहकों को सेवाएं देता है।
आसान शब्दों में कहें तो Augmont सोने और चांदी की पूरी वैल्यू चेन में काम करती है, सोना खरीदने और रिफाइन करने से लेकर उसकी ट्रेडिंग, ज्वेलरी बनाने, डिजिटल गोल्ड बेचने और ग्राहकों व कारोबारियों को अलग-अलग सेवाएं देने तक।
Augmont Enterprises की टोटल इनकम FY25 में 66,252.05 करोड़ रुपये थी, जो FY26 में बढ़कर 94,282.47 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि के दौरान कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 227.19 करोड़ रुपये से बढ़कर 348.30 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा कंपनी की नेट वर्थ 422.94 करोड़ रुपये से बढ़कर 926.87 करोड़ रुपये हो गई है। कंपनी पर कर्ज की बात करें तो यह 21.54 करोड़ रुपये से घटकर 12.67 करोड़ रुपये पर आ गई है।
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