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4 min read | अपडेटेड July 01, 2026, 10:03 IST
सारांश
वैश्विक और घरेलू कारणों के चलते 1 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीदों से दोनों कीमती धातुएं भारी दबाव में हैं।

MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में आज सुबह के कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
कमोडिटी बाजार से आज सुबह सोने और चांदी के खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। बुधवार 1 जुलाई को शुरुआती कारोबार के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने और चांदी दोनों के दामों में भारी गिरावट देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत होते अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड में आ रही तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगातार बढ़ती उम्मीदों के कारण दोनों कीमती धातुएं इस समय भारी मंदी के दबाव में काम कर रही हैं। जून के महीने में भी सोने और चांदी की कीमतों में एक बहुत बड़ा सुधार और गिरावट देखने को मिली थी, जो आज नए महीने की शुरुआत में भी लगातार जारी है।
बुधवार सुबह लगभग 9 बजकर 10 मिनट के आंकड़ों के अनुसार, MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.86 पर्सेंट की गिरावट के साथ 1,41,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। सोने के साथ-साथ चांदी में भी आज सुबह तगड़ी बिकवाली देखने को मिल रही है। MCX पर सितंबर फ्यूचर्स वाली चांदी 2.06 पर्सेंट की बड़ी कमजोरी के साथ 2,23,850 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। इससे पहले जून के पूरे महीने में भी लगातार बनी हुई महंगाई की चिंताओं और फेडरल रिजर्व के कड़े रुख के कारण दोनों धातुओं में एक तेज गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की सहमति के बाद कच्चे तेल की कीमतें भी नीचे आई हैं।
अगर हम घरेलू हाजिर बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जून का महीना सोने और चांदी के लिए बहुत ही खराब साबित हुआ है। MCX के मुताबिक, जून के महीने में घरेलू हाजिर सोने की कीमतों में 15,100 रुपये यानी करीब 10 पर्सेंट की भारी-भरकम गिरावट आई है, जिसके बाद 30 जून को इसके दाम 1,40,864 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए थे। वहीं चांदी की बात करें, तो जून में इसके दाम 38,250 रुपये यानी लगभग 15 पर्सेंट तक टूट गए और 30 जून को चांदी 2,25,125 रुपये प्रति किलोग्राम पर सेटल हुई थी। वैश्विक स्तर पर भी अमेरिकी सोने ने जून में साल 2013 के बाद से अपनी सबसे बड़ी तिमाही गिरावट देखी है, और यह लगातार चौथा ऐसा महीना रहा जब सोने के दाम लगातार नीचे गिरे हैं।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस मंदी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का लगातार मजबूत होना है। बाजार में इस बात की चर्चा बहुत तेज है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल अपनी ब्याज दरों में 3 बार बढ़ोतरी कर सकता है। लगातार दूसरे महीने मजबूत होते हुए जून में डॉलर इंडेक्स 2 पर्सेंट से ज्यादा उछलकर 101.35 के करीब पहुंच गया है। डॉलर के महंगे होने से दूसरी करेंसी वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी खरीदना काफी महंगा हो जाता है, जिससे बाजार में डिमांड कम होने लगती है। ज्यादातर ट्रेडर्स को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर के महीनों में ब्याज दरें बढ़ाएगा। इसके अलावा, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी की अगली बैठक 28 और 29 जुलाई को होने वाली है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए ने ज्वेलरी के लिए नए इंडिकेटिव रिटेल सेलिंग रेट्स जारी कर दिए हैं, जो सोना खरीदने वालों के लिए जानना बेहद जरुरी है। इन नए आंकड़ों के मुताबिक, बाजार में 999 शुद्धता वाले फाइन गोल्ड का रेट 14,129 रुपये प्रति ग्राम चल रहा है। इसके अलावा, आम ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 13,790 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं, अगर आप 20 कैरेट सोने की ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं, तो उसका ताजा रेट आज 12,574 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया है। इसके साथ ही, 18 कैरेट सोने का भाव आज बाजार में 11,444 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर चल रहा है। इन दामों में आई कमी से रिटेल ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
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