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  1. अमेरिका का ईरान के साथ MoU बढ़ाने से इनकार, क्रूड ऑयल और FII सेलिंग ने भी बिगाड़ा बाजार का मूड

मार्केट न्यूज़

अमेरिका का ईरान के साथ MoU बढ़ाने से इनकार, क्रूड ऑयल और FII सेलिंग ने भी बिगाड़ा बाजार का मूड

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड August 18, 2026, 11:01 IST

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए किया गया समझौता 17 अगस्त को खत्म हो चुका है। उम्मीद की जा रही थी कि दोनों देश इस समझौते को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन अब तक ऐसी कोई खबर नहीं आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता रुक गई है।

Stock Market

Stock Market: आज के कारोबार में ग्लोबल मार्केट से भी कमजोर संकेत मिल रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला आज 18 अगस्त को भी जारी है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 366 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 77362 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 76 अंक टूटकर 24211 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। पिछले 8 कारोबारी दिनों में सेंसेक्स में करीब 1.94 फीसदी या 1529 अंकों की गिरावट आ चुकी है। दूसरी तरफ इस दौरान निफ्टी 50 भी करीब 1.67 फीसदी या 411 अंक टूट चुका है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में इस गिरावट के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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जियो पॉलिटिकल टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए किया गया समझौता 17 अगस्त को खत्म हो चुका है। उम्मीद की जा रही थी कि दोनों देश इस समझौते को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन अब तक ऐसी कोई खबर नहीं आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि शांति वार्ता रुक गई है और अब ईरान बचाव की स्थिति में रहने के बजाय ज्यादा आक्रामक सैन्य रुख अपना सकता है। दूसरी तरफ अमेरिका ने मौजूदा सीजफायर को आगे बढ़ाने से इनकार किया है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते की उम्मीद कमजोर होने के चलते निवेशकों का बाजार पर भरोसा कमजोर हुआ है।

क्रूड ऑयल में उछाल

जियो पॉलिटिकल टेंशन का असर आज कच्चे तेल के भाव में भी दिख रहा है। आज के कारोबार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.73 फीसदी बढ़कर 91.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। बता दें कि भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत का आयात बिल भी बढ़ता है।

ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत

आज के कारोबार में ग्लोबल मार्केट से भी कमजोर संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार में बीते कारोबारी दिन कमजोरी नजर आई। Dow Jones Industrial, S&P 500 और Nasdaq Composite तीनों ही लाल निशान पर बंद हुए। इसके अलावा यूरोपियन मार्केट में भी बिकवाली देखने को मिली। आज ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव है।

जापान का बेंचमार्क निक्केई 225 दो फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है।। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 0.80 फीसदी टूट गया है। हांगकांग का हैंग सेंग 0.7% गिर गया। वहीं, शंघाई कंपोजिट में भी 0.5% की कमजोरी नजर आई।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

शेयर बाजार में गिरावट के पीछे एक और बड़ी वजह विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली है। बीते कारोबारी दिन यानी 17 अगस्त को FIIs ने 2535 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके पहले 14 अगस्त को छोड़ दें तो 13 और 12 अगस्त को भी FIIs ने बिकवाली की थी। FIIs की लगातार बिकवाली के चलते भी बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा है।

रुपये में कमजोरी

डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे गिरकर 95.68 पर आ गया। इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर की लगातार मांग थी।

ब्रेंट क्रूड की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के करीब होने से डॉलर की डिमांड बढ़ी है। इसके साथ ही RBI ने FCNR-B विडों को जल्दी बंद करने का फैसला किया है। इसके चलते भी भविष्य में डॉलर के आने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

IT और रियल्टी समेत इन सेक्टर्स ने बनाया दबाव

आज शेयर बाजार में सेक्टर स्पेसिफिक कमजोरी के चलते भी बाजार में गिरावट नजर आ रही है। निफ्टी IT इंडेक्स आज एक बार फिर 1.24 फीसदी तक टूट गया। निफ्टी रियल्टी में भी 1 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी है। इसके अलावा निफ्टी FMCG, मेटल, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे इंडेक्स भी लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। इन सभी सेक्टर्स में बिकवाली ने बाजार का सेंटीमेंट खराब किया।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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