return to news
  1. RBI ने क्यों किया ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR के नियम का सपोर्ट, क्या है NSE का कहना?

बिजनेस न्यूज़

RBI ने क्यों किया ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR के नियम का सपोर्ट, क्या है NSE का कहना?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड September 16, 2026, 10:29 IST

सारांश

एनएसई के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने मंगलवार को कहा कि 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर व्यापारियों से शुल्क वसूले जाने से शॉर्ट-टर्म में लेन-देन की मात्रा कुछ प्रभावित हो सकती है।

यूपीआई पेमेंट

यूपीआई पेमेंट्स से जुड़े स्टॉक्स में आज तेजी (Photo: Shutterstock)

सरकार ने मंगलवार को 15 अक्टूबर से बड़े व्यापारी भुगतान के लिए यूपीआई लेनदेन पर नई शुल्क व्यवस्था लागू करने की घोषणा की। इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4% शुल्क लिया जाएगा जबकि 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी। इसको लेकर आरबीआई और एनएसई का रिऐक्शन सामने आया है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

आरबीआई ने सरकार के यूपीआई पेमेंट पर MDR को लेकर लिए गए फैसले पर कहा, '2,000 रुपये से अधिक के बड़े मूल्य वाले UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करना भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की लॉन्ग-टर्म स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे UPI को देशभर में उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए लगातार नए बदलाव करने, बेहतर सर्विसेज देने और डिजिटल पेमेंट को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इकोसिस्टम से जुड़े सभी प्रतिभागियों के बीच MDR का सही और बैलेंस्ड डिस्ट्रीब्यूशन टेक्नॉलिजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI स्वीकार करने वाले नेटवर्क में लगातार निवेश को बढ़ावा देगा। इससे देश में UPI की स्वीकार्यता और बढ़ सकती है, ग्राहकों की संख्या में विस्तार हो सकता है और UPI लेनदेन की संख्या में लगातार वृद्धि को समर्थन मिल सकता है।'

आरबीआई ने आगे कहा, 'महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी UPI लेनदेन-P2P और P2M-यूजर्स के लिए मुफ्त रहेंगे। 2,000 रुपये से कम के P2M UPI लेनदेन भी कारोबारियों के लिए मुफ्त रहेंगे। हालांकि, P2M लेनदेन पर कारोबारियों से MDR (Merchant Discount Rate) लिया जा सकता है। RBI यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि UPI आगे भी सुरक्षित, आसान, किफायती और सभी के लिए सुलभ बना रहे। साथ ही, RBI भारत के विश्वस्तरीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की दीर्घकालिक स्थिरता और विकास को समर्थन देने के लिए भी प्रतिबद्ध है।'

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने मंगलवार को कहा कि 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर व्यापारियों से शुल्क वसूले जाने से शॉर्ट-टर्म में लेन-देन की मात्रा कुछ प्रभावित हो सकती है। हालांकि, समय के साथ इसमें स्थिति फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।

चौहान ने कहा, '2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन पर व्यापारियों से शुल्क (एमडीआर) वसूले जाने से शॉर्ट-टर्म में लेन-देन की मात्रा पर शुरुआत में कुछ असर पड़ सकता है। लेकिन कुछ समय बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।' सरकार ने दुकानदारों या व्यापारियों को यूपीआई के जरिये किये जाने वाले 2,000 रुपये तक के भुगतान को शुल्क से मुक्त रखा है। वहीं 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारियों को भुगतान पर 0.4% शुल्क लगाने की घोषणा की। साथ ही, 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर शुल्क को अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रखा गया गया है।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

अगला लेख