return to news
  1. स्पेस, सेमिकंडक्टर से लेकर डेटा सेंटर और सोलर तक... 2030 तक इतना बदल जाएगा भारत, सामने आई नई रिपोर्ट

बिजनेस न्यूज़

स्पेस, सेमिकंडक्टर से लेकर डेटा सेंटर और सोलर तक... 2030 तक इतना बदल जाएगा भारत, सामने आई नई रिपोर्ट

Upstox

4 min read | अपडेटेड September 10, 2026, 17:58 IST

सारांश

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत में नई औद्योगिक क्रांति शुरू हो चुकी है। स्पेस, सेमिकंडक्टर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर्स में 2030 तक भारी बढ़त देखने को मिलेगी।

jefferies-report-india-industrial-revolution

जेफरीज की रिसर्च रिपोर्ट में भारत की बढ़ती औद्योगिक क्षमता की तारीफ की गई है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक नई रिपोर्ट शेयर की है। जेफरीज की इस रिसर्च रिपोर्ट का टाइटल "इंडियाज न्यू इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन" है। इस रिपोर्ट में बहुत ही विस्तार से बताया गया है कि भारत में एक नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। देश में स्पेस, सेमिकंडक्टर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस जैसे कई उभरते हुए सेक्टर्स में प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी बहुत तेजी से बढ़ रही है। सरकार द्वारा दिए जा रहे लगातार सपोर्ट, टैक्स में छूट और बड़े इंसेंटिव प्लान्स की वजह से इन उद्योगों को बहुत बड़ी मजबूती मिल रही है। जेफरीज के अनुमान के मुताबिक भारत साल 2030 तक इन सभी अहम और हाई-टेक सेक्टर्स में बहुत बड़े लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

स्पेस सेक्टर में 5 गुना ग्रोथ की उम्मीद

जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का स्पेस सेक्टर एक बहुत बड़ी ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है। साल 2020 में देश के स्पेस सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी के लिए खोला गया था। इसके बाद से ही देश में कई नए और इनोवेटिव स्टार्टअप्स तेजी से आगे आए हैं। स्काईरूट, पिक्सल, अग्निकुल और दिगंतरा जैसी कई प्राइवेट कंपनियां स्पेस टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट के क्षेत्र में बहुत ही बेहतरीन काम कर रही हैं। रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है कि साल 2023 से 2030 के बीच भारत की स्पेस इकोनॉमी 5 गुना तक बढ़कर लगभग 40 से 45 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। प्राइवेट सेक्टर्स की एंट्री से भारत दुनिया के गिने-चुने मजबूत स्पेस वाले देशों में अपनी स्थिति को और ज्यादा मजबूत कर रहा है।

सेमिकंडक्टर और डेटा सेंटर्स में अरबों का निवेश

भारत अब सेमिकंडक्टर के क्षेत्र में सिर्फ पॉलिसी और प्लानिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां काम अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 20 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश के साथ चिप फैब का काम तेजी से चल रहा है और कई ओएसएटी प्रोजेक्ट्स में प्रोडक्शन शुरू हो रहा है। इसके साथ ही पूरे इकोसिस्टम को और विस्तार देने के लिए 13 अरब डॉलर का एक नया इंसेंटिव प्लान भी तैयार किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ अगर डेटा सेंटर की बात करें तो पिछले पांच सालों में इसकी कैपेसिटी 5 गुना बढ़कर 2 गीगावॉट तक पहुंच गई है। अगले पांच सालों में इसके 5 गुना और बढ़कर 10 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान है। इस बड़े विस्तार से पावर, कूलिंग, कंस्ट्रक्शन और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के सेक्टर में कंपनियों के लिए 9 अरब डॉलर के रेवेन्यू का नया मौका बनेगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा उछाल

इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भारत का इकोसिस्टम अब केवल असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पर बहुत ज्यादा फोकस किया जा रहा है। ECMS और MPMS जैसी सरकारी स्कीमों की मदद से अगले छह सालों में मोबाइल कंपोनेंट की वैल्यू चेन में भारत की हिस्सेदारी को 50% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जो कि अभी 20% से भी कम है। सोलर मैन्युफैक्चरिंग के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बनकर उभरा है। फिलहाल देश में 35 गीगावॉट की सोलर सेल कैपेसिटी ऑपरेशनल है और 100 गीगावॉट कैपेसिटी अंडर कंस्ट्रक्शन है। उम्मीद है कि साल 2030 तक सोलर मैन्युफैक्चरिंग चेन की 90% चीजें लोकल स्तर पर ही तैयार की जाने लगेंगी।

एयरोस्पेस में ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बना भारत

एयरोस्पेस के क्षेत्र में भी भारत तेजी से दुनिया की जरूरतों को पूरा कर रहा है। बोइंग और एयरबस जैसी दुनिया की दिग्गज कंपनियां भारत से हर साल लगभग 1.4 से 1.6 अरब डॉलर के सामान की खरीदारी कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत से एयरोस्पेस का कुल एक्सपोर्ट फिलहाल करीब 2 अरब डॉलर के स्तर पर है। भारत की एकस, आजाद, बीएचएफसी, डीवायटीसी, आरडब्ल्यू, मदरसन और संसेरा जैसी देशी कंपनियां अब ग्लोबल लेवल पर बड़े ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को पार्ट्स सप्लाई कर रही हैं।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख