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  1. विदेश में जॉब लगने पर भी बंद नहीं होगा NPS खाता, जानें NRI के लिए PFRDA के नए नियम

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विदेश में जॉब लगने पर भी बंद नहीं होगा NPS खाता, जानें NRI के लिए PFRDA के नए नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 11, 2026, 18:58 IST

सारांश

विदेश में जॉब या बिजनेस के लिए शिफ्ट होने वाले भारतीय नागरिकों को अपना नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS खाता बंद करने की जरूरत नहीं है। पीएफआरडीए के नियमों के तहत एनआरआई और ओसीआई अपना NPS टियर-1 खाता आसानी से चालू रख सकते हैं।

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विदेश शिफ्ट होने वाले भारतीयों के लिए NPS खाता चालू रखने के पीएफआरडीए नियम। | Image: Shutterstock.

PFRDA के मौजूदा दिशा निर्देशों के मुताबिक NPS सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुला है, जिसमें NRI और ओसीआई दोनों शामिल हैं। नियामक ने इस पेंशन व्यवस्था को रोजगार और भौगोलिक सीमाओं से परे पूरी तरह पोर्टेबल बनाया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई भारतीय नागरिक काम के सिलसिले में विदेश जाता है और उसका स्टेटस NRI हो जाता है, तो उसका टियर 1 खाता अपने आप बंद नहीं होगा। NRI सब्सक्राइबर्स को अपने खाते में इन्वेस्टमेंट जारी रखने के लिए अपने अधिकृत एनआरई या एनआरओ बैंक खाते का प्रूफ देना होता है। यही शर्त ओसीआई कार्डधारकों पर भी लागू होती है।

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सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी के जरिए NRI अपनी पसंद के पेंशन फंड में नियमित योगदान भेज सकते हैं। हालांकि, NRI और ओसीआई के लिए टियर 1 और टियर 2 खातों के बीच एक बड़ा कानूनी फर्क है। PFRDA ने साफ किया है कि NRI और ओसीआई सब्सक्राइबर्स को टियर 2 खाता खोलने या उसे एक्टिव रखने की अनुमति नहीं है। नियामक के 2019 के सर्कुलर के अनुसार टियर 2 सुविधा केवल रेजिडेंट भारतीयों के लिए है। इसलिए विदेश जाने वाले लोगों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि टियर 2 का विकल्प उनके लिए पहले जैसा ही रहेगा।

इन्वेस्टमेंट के ऑप्शन और बदलाव की आजादी

NRI सब्सक्राइबर्स अपने NPS फंड में अपनी मर्जी से पैसा लगा सकते हैं। PFRDA के नियमों के तहत NPS का पैसा इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में लगाया जाता है। इसमें एक्टिव चॉइस के तहत सब्सक्राइबर खुद तय करता है कि उसका कितना पैसा किस एसेट क्लास में जाएगा। इस स्कीम में NRI इक्विटी में अधिकतम 75 पर्सेंट तक इन्वेस्टमेंट चुन सकते हैं, जबकि सरकारी प्रतिभूतियों और कॉरपोरेट बॉन्ड में 100 पर्सेंट तक निवेश की छूट मिलती है। इसके अलावा ऑटो चॉइस में लाइफ साइकिल फंड चुनने पर निवेशक की उम्र के हिसाब से इक्विटी और डेट का अनुपात अपने आप एडजस्ट होता रहता है। PFRDA के नियमों के अनुसार एक NRI पूरे वित्त वर्ष में अपना पेंशन फंड मैनेजर 1 बार और अपना एसेट एलोकेशन 4 बार बदल सकता है।

नागरिकता छोड़ने पर PFRDA के सख्त निर्देश

अगर कोई भारतीय नागरिक विदेश जाकर वहां की नागरिकता ले लेता है, तो उसके लिए नियम पूरी तरह बदल जाते हैं। PFRDA के अनुसार अगर कोई व्यक्ति भारतीय नागरिकता छोड़ देता है और उसके पास ओसीआई कार्ड भी नहीं है, तो वह NPS खाता जारी नहीं रख सकता है। नियामक ने अप्रैल 2025 में एक विशेष सर्कुलर जारी करके ऐसे मामलों के लिए स्पष्ट निर्देश दिए थे। उस सर्कुलर के तहत ऐसे व्यक्तियों का NPS खाता बंद कर दिया जाता है और उनके जमा फंड का पूरा सेटलमेंट करके रकम वापस लौटा दी जाती है। लेकिन जब तक आपके पास भारतीय पासपोर्ट है और आप केवल NRI बने हैं, तब तक आपका NPS खाता पूरी तरह सुरक्षित और चालू रहता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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