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  1. RuPay और UPI Payment पर सरकार का अहम फैसला, ₹2,000 तक के ट्रांजैक्शन पर फीस खत्म

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RuPay और UPI Payment पर सरकार का अहम फैसला, ₹2,000 तक के ट्रांजैक्शन पर फीस खत्म

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड September 15, 2026, 08:57 IST

सारांश

सरकार के इस निर्देश का सीधा फायदा ग्राहकों और पेमेंट स्वीकार करने वाले लोगों को मिलेगा। इसका उद्देश्य छोटे डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त लागत को हटाकर भारत में कैशलेस और डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा देना है।

यूपीआई पेमेंट

₹2,000 तक के UPI और RuPay पेमेंट पर नहीं लगेगा चार्ज (Photo: Shutterstock)

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और छोटे लेनदेन को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने RuPay डेबिट कार्ड और UPI ट्रांजैक्शन को लेकर अहम निर्देश जारी किया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स ऐक्ट, 2007 की धारा 10A के तहत बैंकों और सिस्टम प्रोवाइडर्स को कुछ खास डिजिटल पेमेंट पर ग्राहकों से किसी भी तरह का चार्ज लेने से रोक दिया गया है। सरकार के इस प्रावधान के तहत RuPay से जुड़े डेबिट कार्ड और UPI के जरिए ₹2,000 तक के भुगतान पर डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तौर पर कोई चार्ज नहीं लगाया जा सकता। यह नियम उस व्यक्ति पर लागू होता है, जो भुगतान करता है और उस व्यक्ति पर भी जो भुगतान हासिल करता है।

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क्या है सरकार का नया निर्देश?

वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर ऐसे ट्रांजैक्शन के लिए किसी भी तरह की फीस या चार्ज सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से नहीं लगा सकते। इसका मकसद छोटे डिजिटल भुगतान को ग्राहकों के लिए सस्ता और सुविधाजनक बनाए रखना है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई ग्राहक UPI के जरिए ₹1,500 का भुगतान करता है, तो इस लेनदेन के लिए ग्राहक से अलग से किसी तरह का चार्ज नहीं लिया जाना चाहिए। इसी तरह RuPay डेबिट कार्ड के जरिए ₹2,000 तक का भुगतान करने पर भी इस तरह की फीस नहीं लगाई जा सकती।

ग्राहक और दुकानदार दोनों को फायदा

इस नियम का फायदा सिर्फ डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को ही नहीं, बल्कि पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारियों और दुकानदारों को भी मिलता है। छोटे कारोबार में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं होने से डिजिटल पेमेंट को अपनाना और आसान हो सकता है।

सरकार लंबे समय से UPI और घरेलू कार्ड नेटवर्क RuPay के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। कम मूल्य वाले लेनदेन में शुल्क का बोझ कम रखना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स ऐक्ट की धारा 10A क्या कहती है?

यह प्रावधान पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स ऐक्ट, 2007 के तहत आता है। धारा 10A के माध्यम से केंद्र सरकार को कुछ निर्धारित डिजिटल भुगतान माध्यमों से जुड़े लेनदेन पर शुल्क लगाने से रोकने का अधिकार मिलता है।

सरकार का यह कदम डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्राहकों के हितों की रक्षा करने में भी मदद करता है। खासकर छोटे मूल्य के भुगतान में किसी अतिरिक्त शुल्क की चिंता नहीं होने से लोग UPI और RuPay का अधिक इस्तेमाल कर सकते हैं।

डिजिटल पेमेंट को मिलेगा और बढ़ावा

भारत में UPI ने डिजिटल भुगतान के तरीके को काफी बदल दिया है। चाय, किराने का सामान खरीदने से लेकर बिल भुगतान और ऑनलाइन खरीदारी तक, छोटे-बड़े भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल बढ़ा है। RuPay भी देश का घरेलू कार्ड नेटवर्क होने के कारण डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में ₹2,000 तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर चार्ज नहीं लगाने का प्रावधान छोटे डिजिटल भुगतान को और सुविधाजनक बना सकता है।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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