return to news
  1. भारत में पहला पोर्ट आधारित ई-मेथनॉल प्लांट, Kandla में ₹2300 करोड़ का निवेश

बिजनेस न्यूज़

भारत में पहला पोर्ट आधारित ई-मेथनॉल प्लांट, Kandla में ₹2300 करोड़ का निवेश

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 26, 2026, 18:45 IST

सारांश

यह प्रोजेक्ट Deendayal Port Authority और Assam Petro-Chemicals Ltd. (APCL) की संयुक्त पहल है। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 50 टन प्रतिदिन की क्षमता जोड़ी जाएगी, जिस पर ₹1,200 करोड़ खर्च होंगे।

e-Methanol

इस प्लांट में रोजाना 150 टन e-Methanol का उत्पादन किया जाएगा।

भारत ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक अहम कदम उठाया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्री सर्बानंद सोनेवाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कांडला स्थित दीन दयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) में देश के पहले पोर्ट आधारित ई-मेथनॉल प्लांट की नींव रखी।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

रोज 150 टन ग्रीन फ्यूल का होगा उत्पादन

इस प्लांट में रोजाना 150 टन e-Methanol का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए रिन्यूएबल पावर, पानी और बायोजेनिक CO2 का इस्तेमाल होगा। e-Methanol एक ग्रीन फ्यूल है, जिसका इस्तेमाल जहाजों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकता है।

यहां तैयार ग्रीन फ्यूल को Asia-Europe International Trade Corridor पर चलने वाले जहाजों को सप्लाई किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से भारत ग्लोबल शिपिंग के लिए ग्रीन फ्यूल के उत्पादन और सप्लाई में एक अहम भूमिका निभा सकेगा। कंपनी के मुताबिक यहां ग्रीन मेथनॉल की उत्पादन लागत करीब 750 डॉलर प्रति टन रहने का अनुमान है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह लागत करीब 1300 डॉलर प्रति टन बताई गई है।

₹2,300 करोड़ का निवेश, 3,500 से ज्यादा रोजगार

यह प्रोजेक्ट Deendayal Port Authority और Assam Petro-Chemicals Ltd. (APCL) की संयुक्त पहल है। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 50 टन प्रतिदिन की क्षमता जोड़ी जाएगी, जिस पर ₹1,200 करोड़ खर्च होंगे। इसे जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

दूसरे चरण में 100 टन प्रतिदिन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी। इस पर ₹1,100 करोड़ खर्च होंगे और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह कुल निवेश ₹2,300 करोड़ होगा। प्रोजेक्ट से 3,500 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

Green Energy Hub बनेगा Kandla

DPA की ओर से इस प्रोजेक्ट में ₹567.32 करोड़ की इक्विटी पूंजी, 75 एकड़ जमीन, डिसैलिनेटेड पानी और ग्रीन हाइड्रोजन के रूप में रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार के अनुसार, इससे Kandla और उसके आसपास ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज, सप्लाई और दूसरे कामों से जुड़ी पूरी ग्रीन एनर्जी वैल्यू चेन को बढ़ावा मिलेगा।

Net Zero 2070 के लक्ष्य से जुड़ा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट भारत के 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार आने वाले पांच वर्षों में देश के मर्चेंट फ्लीट में 100 नए जहाज जोड़ने और 2047 तक भारत को दुनिया के टॉप पांच शिप-ओनिंग देशों में शामिल करने का लक्ष्य भी रखती है।

भूपेंद्र पटेल ने कहा कि Kutch और Gujarat की लंबी तटरेखा अब कांडला के जरिए दुनिया के जहाजों को ग्रीन एनर्जी देने में भूमिका निभाएगी। वहीं सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आने वाले समय में Kandla ग्रीन फ्यूल हब के रूप में विकसित हो सकता है। Dr Himanta Biswa Sarma ने कहा कि Assam की कंपनी Namrup से Kandla तक ग्रीन एनर्जी की ताकत पहुंचा रही है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख