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IDBI Bank Disinvestment: बिक्री के बाद सरकार और LIC की क्या होगी भूमिका? हर डीटेल यहां

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 22, 2026, 15:12 IST

सारांश

सरकार ने आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को करीब 53,000 करोड़ रुपये (5.5 अरब अमेरिकी डॉलर) में बेचने को पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी।

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IDBI बैंक

IDBI Bank की बिक्री के बाद सरकार और LIC बनेंगे पब्लिक शेयरहोल्डर, DIPAM सचिव ने दी जानकारी (Photo: Shutterstock)

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (Department of Investment and Public Asset Management, DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड को प्रस्तावित रणनीतिक बिक्री के बाद आईडीबीआई बैंक में पब्लिक शेयरहोल्डर बनाने का प्लान है। उनकी हिस्सेदारी मैक्सिमम 15% होगी और बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में उनका कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा। उन्होंने पीटीआई से कहा कि रणनीतिक पुनर्गठन के बाद बैंक चलाने और जरूरत पड़ने पर उसमें कैपिटल डालने की जिम्मेदारी रणनीतिक खरीदार की होगी।

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चावला ने कहा, 'भारत सरकार और एलआईसी दोनों पब्लिक शेयरहोल्डर बनना चाहते हैं। पब्लिक शेयरहोल्डर बनने के लिए आपकी इक्विटी हिस्सेदारी 15% से अधिक नहीं हो सकती। आप बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल नहीं हो सकते। अन्यथा बैंक के लिए आपकी संभावित देनदारी भी उतनी ही होगी, जितनी किसी प्रमोटर की होती है।' दीपम सचिव ने कहा कि रणनीतिक पुनर्गठन के बाद बैंक के मैनेजमेंट और समय-समय पर उसमें कैपिटल डालने की जिम्मेदारी रणनीतिक खरीदार की होगी। उन्होंने कहा कि बाजार नियामक ने एलआईसी को आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 19% से 15% करने का निर्देश भी दिया है। इससे बैंक में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 4% बढ़ जाएगी। इससे रिटेल इन्वेस्टरों और अन्य पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए अधिक शेयर उपलब्ध होंगे।

पिछले सप्ताह मिली थी मंजूरी

सरकार ने आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को करीब 53,000 करोड़ रुपये (5.5 अरब अमेरिकी डॉलर) में बेचने को पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी। यह किसी भारतीय बैंक में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा और देश में लंबे समय से अटकी बैंकिंग सेक्टर के प्राइवेटाइजेशन की मुहिम में एक अहम पड़ाव होगा।

फेयरफैक्स सरकार की 30.48% हिस्सेदारी खरीदेगी, जिसका मूल्य करीब 26,620 करोड़ रुपये है। इसके अलावा वह एलआईसी की 30.24% हिस्सेदारी भी खरीदेगी, जिसका मूल्य करीब 26,440 करोड़ रुपये है। कनाडा के अरबपति प्रेम वत्स के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स प्रति शेयर 81 रुपये का भुगतान करेगी। यह दो स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसियों द्वारा निर्धारित 75.99 रुपये के संदर्भ उचित मूल्य से अधिक है।

कब तक पूरा होगा रणनीतिक लेनदेन?

आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक लेनदेन मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी। अल्पांश और खुदरा शेयरधारकों के हितों को लेकर जताई गई चिंताओं पर सचिव ने आश्वासन दिया कि इस लेनदेन के तहत उनके हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी। शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद रणनीतिक खरीदार को अल्पांश शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश करनी होगी। इससे उन्हें लागू नियमों के अनुसार अपने शेयर बेचने का अवसर मिलेगा।

क्यों यह इतना अहम?

चावला ने कहा कि आईडीबीआई बैंक का पुनर्गठन अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक लेनदेन है और इससे सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आएगा। यह सौदा आईडीबीआई बैंक के प्राइवेटाइजेशन और कमर्शियल अंडरटेकिंग्स में सरकारी हिस्सेदारी कम करने के लंबे समय से अटके प्रयास में एक अहम पड़ाव है। बिक्री प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई थी। हालांकि, इस साल की शुरू में शुरुआती बोलियां सरकार द्वारा तय आरक्षित मूल्य से कम रहने के कारण इसे झटका लगा था।

PTI इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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