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4 min read | अपडेटेड July 13, 2026, 08:39 IST
सारांश
सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो आज आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। आज बाजार में सोने और चांदी के भाव एकदम सपाट हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की नई रिपोर्ट भी आ गई है।

सोने और चांदी के दामों में गिरावट देखी जा रही है। | Image: Shutterstock.
भारतीय मार्केट में सोने को हमेशा से एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माना जाता रहा है और यह बात जून 2026 के म्यूचुअल फंड आंकड़ों से एक बार फिर साबित हो गई है। एसोसिएशन की ओर से जारी ताजा मंथली रिपोर्ट के मुताबिक, जून के महीने में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी गोल्ड ETF में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। सोने की आसमान छूती कीमतों और मार्केट के उतार-चढ़ाव के बीच लोग डिजिटल गोल्ड यानी ETF के जरिए निवेश करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इस वजह से गोल्ड ETF कैटेगरी में न केवल नया निवेश बढ़ा है, बल्कि इसका कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम भी एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जून के महीने में गोल्ड ETF स्कीम्स में निवेशकों की तरफ से बड़ा इनफ्लो देखने को मिला है। इस पूरे महीने में गोल्ड ETF कैटेगरी में कुल 1,464.35 करोड़ रुपये का शुद्ध यानी नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है। अगर हम इस महीने के दौरान कुल जमा हुई रकम की बात करें, तो निवेशकों ने गोल्ड ETF में 4,907.58 करोड़ रुपये के नए फंड्स मोबिलाइज किए यानी लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर, इस अवधि में रिपर्चेज या रिडेम्पशन के रूप में मार्केट से 3,443.23 करोड़ रुपये निकाले भी गए हैं। इन दोनों के अंतर को देखने के बाद यह साफ है कि निवेशक अब सोने में अपने निवेश को लगातार बढ़ा रहे हैं और फ्यूचर के लिए इसे एक मजबूत सहारा मान रहे हैं।
##रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कुल AUM
नए निवेश में आई इस तेजी की वजह से गोल्ड ETF का कुल आकार भी काफी बड़ा हो गया है। जून 2026 के अंत तक इस कैटेगरी का कुल नेट एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी नेट एयूएम बढ़कर 1,76,483.59 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं अगर हम जून महीने के दौरान इसके एवरेज नेट एयूएम की बात करें, तो यह आंकड़ा 1,70,148.41 करोड़ रुपये रहा है। वर्तमान में मार्केट में कुल 26 गोल्ड ETF स्कीम्स ऑपरेशनल हैं, जो निवेशकों को सोने में निवेश करने के अलग-अलग विकल्प दे रही हैं। इन स्कीम्स के जरिए लोग बिना किसी फिजिकल सोने को संभाले, सीधे मार्केट रेट पर सोने की मजबूती का फायदा उठा पा रहे हैं।
गोल्ड ETF में केवल बड़े संस्थागत निवेशक ही नहीं, बल्कि आम रिटेल निवेशक भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। इस बात का अंदाजा इस कैटेगरी में फोलियो यानी कुल खातों की संख्या से लगाया जा सकता है। जून के अंत तक गोल्ड ETF में कुल फोलियो की संख्या बढ़कर 1,24,75,958 पर पहुंच गई है। खातों की यह बड़ी संख्या दिखाती है कि छोटे और मध्यम वर्ग के लोग भी अब हर महीने सिस्टेमैटिक तरीके से या सीधे मार्केट से गोल्ड ETF खरीद रहे हैं। डिजिटल रूप में सोना खरीदने की इस आसान प्रक्रिया ने लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले समय में भी इस ट्रेंड के बने रहने की उम्मीद है।
म्यूचुअल फंड एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतों में आने वाली तेजी और वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक बदलावों की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। फिजिकल सोना खरीदने पर मेकिंग चार्ज और उसकी सुरक्षा की बड़ी चिंता होती है, जबकि गोल्ड ETF में इस तरह की कोई परेशानी नहीं होती। आप इसे अपने डीमैट अकाउंट के जरिए कभी भी खरीद और बेच सकते हैं। जून के शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस से यह साफ है कि भारतीय निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रहे हैं और केवल इक्विटी पर निर्भर रहने के बजाय सोने जैसे सुरक्षित एसेट क्लास में भी अपना एलोकेशन बढ़ा रहे हैं।
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