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  1. SCSS Interest Rate: लगातार 13 तिमाहियों से मिल रहा है 8.2% रिटर्न, क्या अब बदलने वाली है ब्याज दर?

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SCSS Interest Rate: लगातार 13 तिमाहियों से मिल रहा है 8.2% रिटर्न, क्या अब बदलने वाली है ब्याज दर?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 29, 2026, 09:09 IST

सारांश

SCSS में 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं। इसमें ₹1,000 से ₹30 लाख तक एकमुश्त जमा किया जा सकता है। योजना की अवधि पांच साल होती है और ब्याज हर तिमाही मिलता है। अगर पति-पत्नी दोनों पात्र हैं, तो अलग-अलग खाते खोलकर कुल ₹60 लाख तक निवेश किया जा सकता है।

Senior Citizen Savings Scheme

Senior Citizen Savings Scheme में ब्याज का भुगतान हर तिमाही को किया जाता है।

पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) वरिष्ठ नागरिकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। अब सरकार इस योजना के ब्याज दर की समीक्षा करने जा रही है। SCSS की ब्याज दर 1 अप्रैल 2023 से 8.2% पर बनी हुई है। इसका मतलब है कि लगातार 13 तिमाहियों से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब 30 सितंबर को वित्त मंत्रालय अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों का ऐलान करेगी। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की नजर इस बात पर है कि क्या SCSS की दर में बदलाव होगा या यह 14वीं तिमाही में भी 8.2% पर बनी रहेगी।

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SCSS की ब्याज दर कैसे तय होती है?

SCSS की ब्याज दर तय करने के लिए 2011 में श्यामला गोपीनाथ कमेटी की ओर से सुझाया गया फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है। 2016 से स्मॉल सेविंग स्कीम में तिमाही रीसेट की व्यवस्था है। सरकार जिस दर पर बाजार से कर्ज लेती है, जिसे सरकारी बॉन्ड या G-Sec कहते हैं, SCSS का ब्याज उसी पर निर्भर करता है। नियम के मुताबिक, 5 साल के सरकारी बॉन्ड पर जो भी रिटर्न मिल रहा होता है, सरकार बुजुर्गों को फायदा देने के लिए उसमें पूरा 1% (100 बेसिस पॉइंट) एक्स्ट्रा ब्याज जोड़कर SCSS की दर तय करती है।

जुलाई-सितंबर 2026 की अवधि में 5-ईयर G-Sec यील्ड औसतन करीब 6.5% रही। इसमें 100 बेसिस पॉइंट्स जोड़ने पर फॉर्मूला के हिसाब से SCSS की दर करीब 7.5% बनती है। यह मौजूदा 8.2% से करीब 70 बेसिस पॉइंट्स कम है। 10-ईयर G-Sec यील्ड पिछले हफ्ते करीब 7.1% पर रही। G-Sec यील्ड बढ़ने से फॉर्मूला के हिसाब से SCSS की दर भी ऊपर जा सकती है। इससे मौजूदा ब्याज दर में कटौती की संभावना के पक्ष में संकेत कमजोर होते हैं। हालांकि अंतिम फैसला सरकार ही करेगी और उसकी सटीक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

समझें SCSS स्कीम की खास बातें

SCSS में 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं। इसमें ₹1,000 से ₹30 लाख तक एकमुश्त जमा किया जा सकता है। योजना की अवधि पांच साल होती है और ब्याज हर तिमाही मिलता है। अगर पति-पत्नी दोनों पात्र हैं, तो अलग-अलग खाते खोलकर कुल ₹60 लाख तक निवेश किया जा सकता है। मैच्योरिटी के बाद इसे तीन साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। 55 साल की उम्र में रिटायर हुए सिविलियन कर्मचारी और 50 साल या उससे अधिक उम्र के डिफेंस कर्मचारी भी इसमें खाता खोल सकते हैं।

मिलता है टैक्स बेनिफिट

SCSS स्कीम में ब्याज का भुगतान हर तिमाही (1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी) को किया जाता है। इसमें किया गया निवेश EET कैटेगरी में आता है। इसके तहत ओल्ड टैक्स रिजीम में SCSS निवेश पर Section 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है, लेकिन मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। इसके बाद मैच्योरिटी राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होता। सीनियर सिटीजन के लिए सालाना ₹50,000 से ज्यादा ब्याज होने पर TDS भी लागू होता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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