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ITR भरने की डेडलाइन बढ़ी, अब 21 नवंबर तक कर सकेंगे फाइल, जानिए किसे मिलेगा फायदा

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 28, 2026, 19:17 IST

सारांश

ITR की डेडलाइन के साथ टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी बढ़ाई गई है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।

Income Tax

Income Tax: यह राहत उन टैक्सपेयर्स के लिए है जो तय ऑडिट कैटेगरी में आते हैं।

टैक्स ऑडिट कराने वाले टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने के लिए अब कुछ और समय मिल गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइल करने की डेडलाइन 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है। यह राहत उन टैक्सपेयर्स के लिए है जो तय ऑडिट कैटेगरी में आते हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने X पर जानकारी देते हुए बताया कि यह बदलाव इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 139 के तहत आने वाले तय टैक्सपेयर्स पर लागू होगा।

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टैक्स ऑडिट की डेडलाइन भी बढ़ी

ITR की डेडलाइन के साथ टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी बढ़ाई गई है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। इसका मतलब है कि पात्र टैक्सपेयर्स और उनके ऑडिटर्स को ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने और उसके बाद आईटीआर फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

किन टैक्सपेयर्स को मिलेगा फायदा?

नई डेडलाइन उन लोगों पर लागू होगी जो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139 की उपधारा (1) के एक्सप्लेनेशन 2 की टेबल में एस. नंबर 2 के तहत आते हैं। इस कैटेगरी के लिए पहले आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 थी, जिसे अब 21 नवंबर कर दिया गया है।

टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक, इसमें कंपनियां, ऐसी कंपनियों के अलावा अन्य व्यक्ति जिनके अकाउंट का इनकम टैक्स एक्ट या किसी दूसरे लागू कानून के तहत ऑडिट जरूरी है और ऐसे फर्म के पार्टनर्स शामिल हैं, जिनके अकाउंट का ऑडिट जरूरी है।

डेडलाइन बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?

टैक्स ऑडिट के दौरान बुक्स का जीएसटी रिटर्न, टीडीएस/टीसीएस रिकॉर्ड, एआईएस, टीआईएस, फॉर्म 26एएस और बैंकिंग जानकारी से मिलान करना पड़ता है। इसके अलावा टैक्स ऑडिट से जुड़े कई जरूरी डिस्क्लोजर भी पूरे करने होते हैं। दूसरे वैधानिक अनुपालनों के साथ इन कामों की समयसीमा पड़ने से टैक्सपेयर्स और ऑडिटर्स के पास प्रभावी तौर पर कम समय बच रहा था। बैंक स्ट्राइक को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी बैंक कन्फर्मेशन, ट्रांजैक्शन रिकन्सिलिएशन और बैंकों के साथ तालमेल में व्यावहारिक दिक्कतें पैदा कीं।

मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए अलग डेडलाइन

मल्टीनेशनल कंपनियों और सेक्शन 92ई के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स को ध्यान देना होगा कि उनके लिए अलग डेडलाइन है। जिनके पास इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन या तय डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन हैं और फॉर्म 3सीईबी जमा करना जरूरी है, उनके लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 30 नवंबर 2026 ही रहेगी। इन टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट/फॉर्म 3सीईबी की डेडलाइन भी 31 अक्टूबर 2026 ही रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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