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SCSS के 5 साल पूरे? एक्सटेंशन नहीं किया तो नहीं मिलेगा ब्याज का पूरा फायदा, समझ लीजिए नियम

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 19, 2026, 18:12 IST

सारांश

SCSS में आंशिक एक्सटेंशन की अनुमति नहीं है। यानी आप मैच्योरिटी पर कुछ पैसा निकालकर बाकी को आगे नहीं बढ़ा सकते। अगर ऐसा करना है, तो पहले पूरा खाता बंद करना होगा और फिर नई पात्र राशि से नया निवेश करना होगा।

SCSS

नियमों के मुताबिक अब SCSS खाते को कई बार 3-3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार की एक लोकप्रिय निवेश योजना है। इसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं और फिलहाल इस पर 8.2% सालाना ब्याज मिलता है, जो हर तीन महीने में खाते में जमा होता है। इस योजना की अवधि 5 साल की होती है।

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मैच्योरिटी के बाद क्या हैं विकल्प?

5 साल पूरे होने के बाद निवेशक के पास दो विकल्प होते हैं। या तो पूरा पैसा निकाल लें, या खाते को 3 साल के लिए बढ़ा लें। नए नियमों के मुताबिक अब SCSS खाते को कई बार 3-3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर Form 4 जमा करना जरूरी है।

एक्सटेंशन नहीं कराया तो क्या होगा?

अगर कोई निवेशक समय पर एक्सटेंशन के लिए आवेदन नहीं करता, तो खाता अपने आप रिन्यू नहीं होता। वह मैच्योर अकाउंट माना जाता है और उसमें जमा पैसा SCSS वाली 8.2% ब्याज दर पर नहीं रहता। इसके बजाय उस रकम पर सिर्फ पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट की ब्याज दर, यानी फिलहाल 4% मिलेगी। यानी यहां सीधा नुकसान ब्याज का होगा। एक्सटेंशन नहीं कराने पर कोई अलग से जुर्माना नहीं लगता, लेकिन निवेशक को ज्यादा ब्याज का फायदा नहीं मिलेगा।

अगर 1 साल की एक्सटेंशन विंडो भी निकल जाए, तब भी खाता बंद नहीं होता और पैसा आपका ही रहता है। आप बाद में जरूरी प्रक्रिया पूरी करके पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक खाता बिना देखरेख के छोड़ने पर कुछ अतिरिक्त औपचारिकताएं करनी पड़ सकती हैं।

आंशिक एक्सटेंशन की अनुमति नहीं

SCSS में आंशिक एक्सटेंशन की अनुमति नहीं है। यानी आप मैच्योरिटी पर कुछ पैसा निकालकर बाकी को आगे नहीं बढ़ा सकते। अगर ऐसा करना है, तो पहले पूरा खाता बंद करना होगा और फिर नई पात्र राशि से नया निवेश करना होगा।

इस योजना में न्यूनतम निवेश ₹1000 से शुरू होता है, जबकि अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश किया जा सकता है। Non-Resident Indian (NRI) और Hindu Undivided Family इस योजना में निवेश नहीं कर सकते। यह योजना सिर्फ पात्र भारतीय निवासियों के लिए है।

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