पर्सनल फाइनेंस
.png)
4 min read | अपडेटेड May 19, 2026, 16:17 IST
सारांश
रॉबर्ट कियोसाकी ने निवेशकों को एक बार फिर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर लोग अभी एक्शन नहीं लेते हैं, तो महंगाई और बढ़ता सरकारी कर्ज उनकी सारी दौलत धीरे-धीरे खत्म कर देंगे। उन्होंने 2026-27 के दौरान ऐतिहासिक ग्लोबल मार्केट क्रैश की आशंका जताई है।

रॉबर्ट कियोसाकी ने वैश्विक बाजार में बड़े क्रैश को लेकर चेताया।
दुनियाभर में अपनी मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' से लोगों को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सिखाने वाले लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने निवेशकों के लिए एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर लोग अभी सही समय पर एक्शन नहीं लेते हैं, तो महंगाई और बढ़ता कर्ज उनकी पूरी जमा-पूंजी को धीरे-धीरे खत्म कर देंगे। कियोसाकी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए लोगों को आने वाले बड़े आर्थिक संकट से सचेत किया है। उनका मानना है कि दुनिया एक ऐसे मुश्किल दौर की तरफ आगे बढ़ रही है, जहां कैश यानी नकदी की खरीद क्षमता लगातार कमजोर होती चली जाएगी।
रॉबर्ट कियोसाकी ने लोगों से तुरंत एक्शन लेने की अपील की है। उन्होंने लिखा है कि महंगाई आपके पैसे को चुपके से चुरा लेगी। इसके पीछे उन्होंने दो सबसे बड़े कारण बताए हैं। पहला कारण ईरान युद्ध और तेल की बढ़ती कीमतें हैं। उनके मुताबिक, अगर मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव और ज्यादा बढ़ता है, तो कच्चे तेल के दाम आसमान पर पहुंच जाएंगे। तेल महंगा होने से पूरी दुनिया में महंगाई की एक नई लहर आ जाएगी। इसका सीधा और सबसे खराब असर आम आदमी पर पड़ेगा, क्योंकि लोगों की सैलरी तो वही रहेगी लेकिन उनके रोजमर्रा के खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगे। दूसरा बड़ा कारण बढ़ता हुआ सरकारी कर्ज है। दुनिया के कई देश लगातार अपना कर्ज बढ़ा रहे हैं और सरकारें ज्यादा पैसे छाप रही हैं, जिससे करेंसी की वैल्यू कमजोर हो रही है।
कियोसाकी ने अपनी इस हालिया चेतावनी में साल 2026-27 के दौरान एक बहुत बड़े ग्लोबल मार्केट क्रैश होने की संभावना जताई है। उनका मानना है कि यह ऐतिहासिक गिरावट होगी, जो साल 1930 की महामंदी जैसे हालात दोबारा पैदा कर सकती है। इक्विटी मार्केट की अनिश्चितता और पैसे की अंधाधुंध छपाई इस बड़े पतन की मुख्य वजह बनेगी। हालांकि, वह निवेशकों को इससे डरने के बजाय एक बड़े अवसर के रूप में देखने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि जब भी मार्केट क्रैश होता है या मंदी आती है, तो अच्छे एसेट्स बहुत सस्ते दामों पर मिलने लगते हैं। स्मार्ट निवेशक इसी मंदी का फायदा उठाते हैं और मंदी के समय सस्ते में एसेट्स खरीदकर अमीर बन जाते हैं।
रॉबर्ट कियोसाकी ने लोगों से खुद को, अपने परिवार और अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए रियल एसेट्स में इंवेस्टमेंट करने की बात कही है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपना ध्यान गोल्ड, सिल्वर जैसे ऐसेट में लगाएं, जिनका एक वास्तविक मूल्य होता है। इसके साथ ही उन्होंने अमीर और गरीब सोच के बीच का एक बड़ा फर्क भी समझाया है। उन्होंने कहा कि "मैं इसे खरीद नहीं सकता" जैसी सोच रखना एक गरीब मानसिकता की निशानी है। एक सफल और अमीर सोच वाले व्यक्ति को हमेशा खुद से यह सवाल पूछना चाहिए कि "मैं इसे कैसे खरीद सकता हूं?"
कियोसाकी ने अपनी रिच डैड पुअर डैड किताब की सबसे बड़ी सीख को दोहराते हुए कहा कि लोगों को एसेट और लायबिलिटी के बीच का अंतर जरूर समझना चाहिए। एसेट वह चीज होती है जो आपकी जेब में पैसा डालती है, जैसे रेंट से आने वाली इनकम, स्टॉक्स या कोई बिजनेस। वहीं लायबिलिटी आपकी जेब से पैसा निकालती है, जैसे कार लोन या क्रेडिट कार्ड का कर्ज। इसके अलावा केवल सैलरी पर निर्भर रहने के बजाय फाइनेंशियल इंटेलिजेंस बढ़ाना, लगातार कैश फ्लो यानी पैसिव इनकम बनाना, टैक्स सिस्टम को बेहतर समझना और जोखिम को समझकर निवेश करना बेहद जरूरी है। संकट के इस समय को वे वेल्थ ट्रांसफर का एक बड़ा जरिया मानते हैं, जहां तैयार रहने वाले लोग अमीर बनते हैं।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
What Is Yield to Maturity (YTM) in Bonds? A Complete Guide
Employees' Provident Fund Scheme 2026: Everything EPF Members Need to Know
Employees’ Deposit Linked Insurance, 2026: All You Need to Know
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs