पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड May 19, 2026, 13:31 IST
सारांश
हाईवे पर सफर के दौरान फास्टैग का ब्लैकलिस्ट होना बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसा होने पर टोल प्लाजा पर स्कैनिंग सिस्टम इसे रिजेक्ट कर देता है और वाहन चालकों से दोगुना टोल टैक्स वसूला जा सकता है। हालांकि, पर्याप्त बैलेंस मेंटेन करके और केवाईसी अपडेट करके इसे घर बैठे आसानी से दोबारा एक्टिव किया जा सकता है।

टोल प्लाजा पर होने वाली परेशानी से बचने के लिए अपने फास्टैग को हमेशा एक्टिव और अपडेट रखें। Image: Shutterstock
आज के समय में हाईवे पर सफर करने वाले ज्यादातर लोग फास्टैग का इस्तेमाल प्रमुखता से करते हैं। इसके इस्तेमाल से टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों में रुकने की जरूरत नहीं पड़ती है और गाड़ी के चलते-चलते पेमेंट अपने आप हो जाता है। लेकिन कई बार वाहन चालकों का फास्टैग अचानक ब्लैकलिस्ट हो जाता है, जिसके बाद टोल नाके पर पहुंचते ही बड़ी परेशानी शुरू हो जाती है। ऐसे में हर वाहन चालक के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने पर क्या नियम हैं और इसे घर बैठे कैसे दोबारा एक्टिव किया जा सकता है ताकि सफर में कोई बाधा न आए।
अगर आपका फास्टैग किसी वजह से ब्लैकलिस्ट हो गया है, तो टोल प्लाजा पर स्कैनिंग के दौरान वहां लगा ऑटोमैटिक सिस्टम उसे रिजेक्ट कर देता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपकी गाड़ी पर लगा हुआ टैग वहां काम नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में वाहन चालक को टोल प्लाजा पर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि आपको दोगुना टोल टैक्स देना पड़ सकता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के नियमों के मुताबिक, अगर फास्टैग काम नहीं करता है या ब्लैकलिस्ट मिलता है, तो उस वाहन को 'कैश लेन' का हिस्सा माना जाता है और वहां नियमों के तहत डबल चार्ज लिया जा सकता है। इसके अलावा टोल पर गाड़ियों की कतार में लंबा इंतजार भी करना पड़ सकता है।
फास्टैग के अचानक ब्लैकलिस्ट होने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे आम और बड़ी वजह फास्टैग के वॉलेट या उससे लिंक बैंक अकाउंट में बैलेंस का पूरी तरह खत्म होना है। अगर आपके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, तो टैग तुरंत ब्लैकलिस्ट हो जाता है। इसके अलावा समय पर केवाईसी पूरी नहीं होना, लंबे समय तक फास्टैग का इस्तेमाल न करना, वाहन नंबर के अपडेट में किसी तरह की गड़बड़ी होना या फिर बैंक की तरफ से आने वाली कोई तकनीकी समस्या भी इसका मुख्य कारण बन सकती है। कई बार लोग नया वाहन खरीदने के बाद भी अपना पुराना फास्टैग सही तरीके से बंद नहीं कराते हैं, जिससे बाद में बड़ी दिक्कत आती है।
अगर आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो गया है, तो आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है और इसे दोबारा एक्टिव करने के लिए कहीं बाहर जाने की भी आवश्यकता नहीं है। यह पूरा काम आप घर बैठे अपने मोबाइल से बहुत आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने फास्टैग ऐप या संबंधित बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करें। वहां अपने वॉलेट का बैलेंस देखें और जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत ऑनलाइन रिचार्ज करें।
कई मामलों में रिचार्ज करने के कुछ ही मिनटों बाद फास्टैग अपने आप दोबारा एक्टिव हो जाता है। अगर आपकी केवाईसी पेंडिंग है, तो ऐप पर जाकर जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और वाहन की आरसी की फोटो अपलोड करें। केवाईसी पूरी होते ही आपका टैग फिर से चालू हो जाएगा। अगर इसके बाद भी समस्या बनी रहती है, तो आप अपने फास्टैग प्रोवाइडर के कस्टमर केयर से सीधे संपर्क कर सहायता ले सकते हैं।
किसी भी लंबे सफर या हाईवे पर निकलने से पहले हमेशा अपने फास्टैग का बैलेंस और उसका करंट स्टेटस एक बार जरूर चेक कर लेना चाहिए। इस छोटी सी सावधानी से आप टोल प्लाजा पर होने वाली किसी भी अनावश्यक परेशानी और एक्स्ट्रा चार्ज से बहुत आसानी से बच सकते हैं। इसके साथ ही अपने फास्टैग की केवाईसी को भी समय-समय पर अपडेट रखना बेहद जरूरी है।
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