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पर्सनल फाइनेंस

Personal Loan vs Gold Loan: पर्सनल लोन छोड़ गोल्ड लोन की तरफ क्यों मुड़े लोग? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 11, 2026, 16:14 IST

सारांश

अगर आप भी कुछ लाख रुपये का लोन लेने की सोच रहे हैं, तो ब्याज दर बड़ा खेल कर सकती है। SBI के रेगुलर ग्राहक अब पर्सनल लोन के बजाय गोल्ड लोन ले रहे हैं क्योंकि इसमें 3% कम ब्याज लग रहा है।

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ब्याज दर में 3% के अंतर के चलते बैंक ग्राहक पर्सनल लोन की जगह गोल्ड लोन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। | Image: Shutterstock

अगर किसी को कुछ लाख रुपये के कर्ज की जरूरत है, तो वह सबसे पहले ब्याज दर देखता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI के ग्राहकों में आजकल एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। बैंक के रेगुलर पर्सनल लोन ग्राहक अब सीधे पर्सनल लोन लेने के बजाय अपना सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ब्याज दरों में मिलने वाला बड़ा फायदा है। दोनों लोन की दरों में करीब 3% का अंतर है, जिसका फायदा उठाने के लिए ग्राहक पर्सनल लोन को छोड़कर गोल्ड लोन की तरफ तेजी से मुड़ रहे हैं।

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SBI के चेयरमैन ने बताई वजह

SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने बैंक के नतीजों के बाद बातचीत में इस बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बैंक के कई सामान्य एक्सप्रेस क्रेडिट यानी पर्सनल लोन ग्राहक अब गोल्ड लोन का विकल्प चुन रहे हैं। दोनों के ब्याज में लगभग 3% का अंतर है, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। इसी बदलाव की वजह से SBI का एक्सप्रेस क्रेडिट बिजनेस डबल डिजिट यानी दोहरे अंकों की ग्रोथ तक नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि इस लोन में सोर्सिंग और वितरण अच्छा बना हुआ है, लेकिन ग्राहक गोल्ड लोन को प्राथमिकता दे रहे हैं। चेयरमैन का मानना है कि आने वाले समय में जब गोल्ड लोन की यह तेज रफ्तार थोड़ी धीमी होगी, तब पर्सनल लोन के कारोबार में दोबारा अच्छी तेजी देखने को मिलेगी।

3.1 लाख करोड़ के पार पहुंचा SBI का गोल्ड लोन

SBI का पर्सनल और एग्रीकल्चर गोल्ड लोन मिलाकर कुल बुक जून के महीने तक 3.1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। इसमें पर्सनल गोल्ड लोन की हिस्सेदारी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये है, जबकि एग्रीकल्चर गोल्ड लोन का हिस्सा लगभग 1.85 लाख करोड़ रुपये रहा है। बैंक के मुताबिक गोल्ड लोन पर मिलने वाला रिटर्न आमतौर पर 8.5% से 8.9% के बीच रहता है। इसमें पर्सनल गोल्ड लोन पर एग्रीकल्चर लोन के मुकाबले थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिलता है। SBI में गोल्ड लोन का औसत साइज लगभग 2.5 लाख से 3 लाख रुपये के आसपास है और इसका लोन टू वैल्यू रेशियो 55 से 56% से भी कम है।

दूसरे बैंकों में भी बढ़ी गोल्ड लोन की मांग

गोल्ड लोन के कारोबार में सिर्फ SBI ही नहीं, बल्कि देश के अन्य बड़े बैंक भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पंजाब नेशनल बैंक का गोल्ड लोन कारोबार जून तक दोगुना होकर 31,818 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले 15,694 करोड़ रुपये था। पीएनबी ने सालाना आधार पर 103% की ग्रोथ दर्ज की है और 3,400 नई शाखाओं को इस नेटवर्क से जोड़ा है। बैंक को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 के अंत तक उसका पोर्टफोलियो 59,000 से 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का गोल्ड लोन बुक भी 36,000 करोड़ रुपये का हो गया है और उसने इसके लिए अलग से एक विभाग बना दिया है। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और फेडरल बैंक भी गोल्ड लोन सेगमेंट पर लगातार फोकस बढ़ा रहे हैं। हालांकि SBI अकेला ऐसा बैंक है जिसने साफ तौर पर कहा कि उसके रेगुलर पर्सनल लोन ग्राहक ब्याज के अंतर की वजह से गोल्ड लोन की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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