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4 min read | अपडेटेड August 11, 2026, 11:24 IST
सारांश
केनेस टेक्नोलॉजी के शेयरों में मंगलवार 11 अगस्त को रिकवरी देखने को मिली है। जून तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी का शेयर 3.6% तक उछल गया। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू 40% बढ़ा है, लेकिन वर्किंग कैपिटल डेज और नेट प्रॉफिट में गिरावट के चलते ब्रोकरेज हाउस सतर्क रुख अपना रहे हैं।
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केनेस टेक्नोलॉजी के शेयरों में Q1 नतीजों के बाद मंगलवार को रिकवरी देखने को मिल रही है।
केनेस टेक्नोलॉजी के शेयरों में 11 अगस्त को अच्छी रिकवरी देखने को मिल रही है। पिछले ट्रेडिंग सेशन में आई भारी गिरावट के बाद कंपनी के शेयर फिर से हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। जून तिमाही यानी Q1 FY27 के वित्तीय आंकड़े सामने आने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर 3.6% तक उछलकर 3,869.90 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। लेकिन फिर थोड़ी ही देर में इसमें गिरावट आ गई और शेयर लाल निशान में कारोबार करने लगा। अब सवाल ये है कि आखिर ये गिरावट क्यों आई? क्योंकि कंपनी का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस काफी मजबूत रहा है और इसका रेवेन्यू व एबिटा अनुमान से बेहतर रहा है, लेकिन वर्किंग कैपिटल डेज बढ़ने और ज्यादा टैक्स रेट की वजह से बड़े ब्रोकरेज हाउस अभी भी कंपनी को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
कंपनी द्वारा शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, जून तिमाही में केनेस टेक्नोलॉजी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 40% बढ़कर 946 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी का एबिटा 31% बढ़कर 147.6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि मार्जिन के मोर्चे पर थोड़ा दबाव देखने को मिला है और एबिटा मार्जिन 120 बेसिस पॉइंट्स घटकर 15.6% रह गया है। इसके अलावा कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 24% गिरकर 56.39 करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जिससे नेट प्रॉफिट मार्जिन घटकर 6.0% पर आ गया।
मंगलवार को शेयर में आई तेजी से पहले सोमवार 10 अगस्त को इसमें भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सोमवार को इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान शेयर 8.33% तक टूटकर 3,535 रुपये के निचले स्तर तक चला गया था। हालांकि बाद में शेयर ने निचले स्तरों से कुछ रिकवरी की और अंत में 3.14% की गिरावट के साथ 3,735.10 रुपये पर बंद हुआ। मंगलवार को फिर से खरीदारी लौटने से निवेशकों को कुछ राहत मिली है और फिर 11 बजे के आसपास तक वह फिर से लाल निशान में कारोबार करने लगा।
ब्रोकरेज फर्म्स के अनुसार कंपनी के ऑपरेशनल आंकड़े भले ही मजबूत दिख रहे हों, लेकिन बैलेंस शीट से जुड़े कुछ पैरामीटर्स कमजोर हुए हैं। कंपनी का नेट वर्किंग कैपिटल डेज पिछली तिमाही के 125 दिनों से बढ़कर इस बार 163 दिन पर पहुंच गया है। इन्वेंट्री और रिसीवेबल्स बढ़ने की वजह से जून तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो माइनस 250 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। जेपी मॉर्गन का कहना है कि कंपनी के कोर ईएमएस बिजनेस में 66% की शानदार बढ़त हुई है, लेकिन स्मार्ट मीटर बिजनेस का रेवेन्यू 9% घटा है। इसके साथ ही ज्यादा टैक्स रेट और डेप्रिसिएशन की वजह से जेपी मॉर्गन और नोमुरा ने ईपीएस अनुमान में 6 से 9% की कटौती की है।
ब्रोकरेज फर्म CLSA के मुताबिक कंपनी Q3 FY27 में अपनी नई ओएसएटी और पीसीबी फैसिलिटीज चालू करने जा रही है। कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में इन फैसिलिटीज से 450 से 500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलेगा। इसके अलावा कंपनी स्मार्ट मीटर बिजनेस के रिसीवेबल्स में सुधार करने और FY27 के अंत तक पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का कहना है कि कंपनी का शेयर फिलहाल अपने फेयर वैल्यू जोन में ट्रेड कर रहा है।
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