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  1. Retirement Planning: कैसे बनाएं ऐसा कॉर्पस जो जिंदगीभर दे रेगुलर इनकम, हर महीने ₹1 लाख के लिए ऐसे करें प्लानिंग

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Retirement Planning: कैसे बनाएं ऐसा कॉर्पस जो जिंदगीभर दे रेगुलर इनकम, हर महीने ₹1 लाख के लिए ऐसे करें प्लानिंग

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड May 16, 2026, 15:22 IST

सारांश

रिटायरमेंट प्लानिंग में सिर्फ कॉर्पस बनाना ही काफी नहीं है। महंगाई भी बड़ा फैक्टर है। आज का ₹1 लाख, 20-30 साल बाद उतनी वैल्यू नहीं रखेगा। यानी भविष्य में उसी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए शायद इससे ज्यादा रकम की जरूरत पड़े।

Retirement Planning

Retirement Planning: एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेश जितनी जल्दी शुरू किया जाए, उतना बेहतर होता है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹1 लाख की नियमित इनकम पाना कई लोगों का सपना होता है। लेकिन इसके लिए नौकरी के दौरान ही मजबूत फाइनेंशियल प्लानिंग जरूरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आप रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹1 लाख चाहते हैं, तो आपके पास करीब ₹1 करोड़ का रिटायरमेंट कॉर्पस होना चाहिए।
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₹1 करोड़ से कैसे मिलेंगे हर महीने ₹1 लाख?

हर महीने ₹1 लाख की इनकम के लिए आप अपने फंड को Systematic Withdrawal Plan (SWP) के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं। SWP में आप अपने निवेश से हर महीने एक तय रकम निकालते रहते हैं, जबकि बाकी पैसा निवेशित रहता है और उस पर रिटर्न मिलता रहता है।

उदाहरण से समझें तो अगर ₹1 करोड़ पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो निवेशक हर महीने ₹1 लाख निकालते हुए लंबे समय तक नियमित इनकम हासिल कर सकता है। इस अनुमान के आधार पर आपका यह कॉर्पस करीब 38 साल तक चल सकता है। इस दौरान आप कुल ₹4.56 करोड़ (₹1 लाख × 12 महीने × 38 साल) निकाल लेंगे। इतना निकालने के बाद भी आपके फंड में करीब ₹7.55 लाख बच सकते हैं।

हर साल नहीं मिलता एक जैसा रिटर्न

यहां यह समझना जरूरी है कि यह सिर्फ एक अनुमानित गणित है। असल जिंदगी में बाजार हर साल एक जैसा रिटर्न नहीं देता। कई बार बाजार गिरता है, जिससे आपके निवेश पर असर पड़ सकता है। ऐसे में केवल इस अनुमान के आधार पर रिटायरमेंट प्लान बनाना सही नहीं माना जाता।

1 करोड़ का फंड कैसे तैयार करें

अब सवाल है कि ₹1 करोड़ का फंड कैसे बनाया जाए? इसके लिए सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) को सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ ₹5000 SIP में निवेश करता है और इसे 30 साल तक जारी रखता है, तो 12% अनुमानित रिटर्न के आधार पर उसका फंड ₹1 करोड़ से ज्यादा हो सकता है। यही लंबे समय तक निवेश और कंपाउंडिंग का फायदा है।

महंगाई भी बड़ा फैक्टर

रिटायरमेंट प्लानिंग में सिर्फ कॉर्पस बनाना ही काफी नहीं है। महंगाई भी बड़ा फैक्टर है। आज का ₹1 लाख, 20-30 साल बाद उतनी वैल्यू नहीं रखेगा। यानी भविष्य में उसी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए शायद इससे ज्यादा रकम की जरूरत पड़े।

यही वजह है कि एक्सपर्ट्स हमेशा कहते हैं कि जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना बेहतर होगा। नियमित बचत और लंबी अवधि का निवेश आपको रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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