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  1. होम लोन की किस्त समय पर नहीं भरने से क्या होता है, कैसे इस मुश्किल से निकलने का बनाएं प्लान?

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होम लोन की किस्त समय पर नहीं भरने से क्या होता है, कैसे इस मुश्किल से निकलने का बनाएं प्लान?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड June 11, 2026, 16:09 IST

सारांश

होम लोन न चुका पाने के गंभीर नतीजों को देखते हुए, बेहतर यही है कि आप अपने फाइनेंस को अच्छी तरह प्लान करें और ऐसी स्थिति से बचें।

होम लोन ईएमआई

अगर होम लोन ईएमआई समय पर नहीं भर पाएं, तो क्या करें? (Photo: Shutterstock)

लोन कोई भी समय पर उसकी किस्त चुकाना बहुत जरूरी होता है, हालांकि कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं कि आप समय पर लोन की किस्त नहीं भर पाते हैं। अगर आपका होम लोन चल रहा है और समय पर किस्त नहीं भर पा रहे हैं, तो आपको क्या करना चाहिए, किस्त चुकाने का क्या कोई दूसरा ऑप्शन होता है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब चलिए ढूंढ़ते हैं। लेकिन सबसे पहले, आइए समझते हैं कि समय पर होम लोन की EMI न चुकाने का क्या नतीजा हो सकता है?

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अगर समय पर नहीं भरी होम लोन की किस्त?

लोन का पेमेंट न कर पाने (डिफॉल्ट करने) पर आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है, होम लोन न चुकाने का सबसे पहला असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है, जो लेंडर (लोन देने वाले) के लिए बहुत जरूरी होता है। अच्छे क्रेडिट स्कोर के बिना, आप भविष्य में कोई भी लोन नहीं ले पाएंगे।

आप अपना घर खो सकते हैं, होम लोन एक सिक्योर्ड लोन होता है, जिसमें जब तक पूरी बकाया रकम नहीं चुका दी जाती, तब तक घर का मालिकाना हक लेंडर के पास रहता है। इसलिए, अगर आप 3 महीने तक अपनी EMI नहीं चुकाते हैं, तो बैंक आपको बकाया रकम चुकाने के लिए रिमाइंडर भेजना शुरू कर देगा। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो लेंडर आपको एक कानूनी नोटिस भेजेगा और SARFAESI एक्ट, 2002 के तहत आपके घर की नीलामी का प्रोसेस शुरू कर देगा। आपको कानूनी तौर पर डिफॉल्टर माना जाएगा।

मुश्किल परिस्थिति में होम लोन किस्त भरने के कुछ ऑप्शन्स

मौजूदा एसेट्स और सेविंग्स का इस्तेमाल करें इमरजेंसी स्थिति में होम लोन चुकाने के लिए पैसे का इंतजाम करने का एक आसान तरीका अपनी दूसरी संपत्तियों (एसेट्स) को बेचना है। ये संपत्तियां सोना, गहने, लग्जरी कार या इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कीमती चीजें हो सकती हैं।

अगर आपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) या एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) जैसी लॉन्ग टर्म की स्कीमों में इन्वेस्ट किया है, तो आप उनमें से कुछ पैसे निकाल सकते हैं। एकमुश्त भुगतान करके, आप बकाया किस्त को मैनेज कर सकते हैं और मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) को भी कम कर सकते हैं।

आप सोना जैसी कीमती चीजों या म्यूचुअल फंड या लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों जैसे लॉन्ग टर्म के निवेश के बदले लोन ले सकते हैं। इससे आप कम समय के लिए होम लोन में डिफॉल्ट करने से बच सकते हैं। इसके अलावा, जैसे ही स्थिति बेहतर होती है, आप इन चीजों के बदले लिए गए लोन को चुकाकर उनका मालिकाना हक वापस पा सकते हैं, जिससे आपकी लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट सुरक्षित रहती है।

आजकल हर कोई इमरजेंसी फंड बनाकर रखता है। अगर आपको लगता है कि आप होम लोन का भुगतान नहीं कर पाएंगे (डिफॉल्ट कर सकते हैं), तो आपको इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करना चाहिए। भले ही यह नौकरी या इनकम का स्रोत खोने की स्थिति में एक अस्थायी समाधान हो, लेकिन लोन चुकाने से लेंडर को आपका घर जब्त करने से रोका जा सकता है और आपके क्रेडिट स्कोर को गिरने से बचाया जा सकता है।

क्या है लोन रिस्ट्रक्चर और ग्रेस पीरियड?

अगर आपके पास होम लोन की किस्त चुकाने का कोई जरिया नहीं है, तो आपको अपने लेंडर से बात करनी चाहिए। आप उन्हें अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति के बारे में बता सकते हैं और मुश्किल समय में मदद के लिए मना सकते हैं। अगर लोन चुकाने का आपका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रहा है, तो लेंडर आपको ग्रेस पीरियड देकर, ब्याज दर कम करके, लोन का पीरियड बढ़ाकर किस्त कम करके या आपकी आर्थिक सुविधा के अनुसार लोन को रिस्ट्रक्चर करके मदद कर सकता है।

होम लोन न चुका पाने के गंभीर नतीजों को देखते हुए, बेहतर यही है कि आप अपने फाइनेंस को अच्छी तरह प्लान करें और ऐसी स्थिति से बचें। फिर भी, अगर कभी आपके सामने ऐसी स्थिति आती है जब आपकी आर्थिक स्थिति किस्त चुकाने की इजाजत नहीं देती, तो आप होम लोन में डिफॉल्ट करने से बचने के लिए ऊपर बताए गए सुझावों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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