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  1. 1 अक्टूबर से बदलेंगे बल्क डिपॉजिट के नियम, RBI ने बैंकों के लिए तय की नई ब्याज दर व्यवस्था

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1 अक्टूबर से बदलेंगे बल्क डिपॉजिट के नियम, RBI ने बैंकों के लिए तय की नई ब्याज दर व्यवस्था

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 28, 2026, 13:36 IST

सारांश

RBI New Rules: नए नियमों के तहत बैंकों को अपनी वेबसाइट पर जमा राशि पर लागू ब्याज दरों की जानकारी पहले से प्रकाशित करनी होगी। बल्क डिपॉजिट के मामले में हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे लागू ब्याज दर बैंक की वेबसाइट पर बतानी होगी।

RBI

RBI ने यह भी साफ किया है कि समान परिस्थितियों में जमा राशि पर ब्याज दरों को लेकर भेदभाव नहीं किया जा सकता।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बल्क डिपॉजिट से जुड़े नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहे हैं। इन नियमों में बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट पर दी जाने वाली ब्याज दरों की जानकारी पहले से और तय समय पर सार्वजनिक करना जरूरी किया गया है। इसका असर खास तौर पर रीजनल रूरल बैंकों की ओर से ब्याज दरों की जानकारी देने के तरीके पर पड़ेगा।

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RBI ने ये बदलाव 30 जुलाई 2026 को जारी किए थे। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दरों को लेकर ज्यादा पारदर्शिता लाना है, ताकि ग्राहकों को पहले से पता रहे कि बैंक किस दर पर ब्याज दे रहा है।

वेबसाइट पर रोज बतानी होगी ब्याज दर

नए नियमों के तहत बैंकों को अपनी वेबसाइट पर जमा राशि पर लागू ब्याज दरों की जानकारी पहले से प्रकाशित करनी होगी। बल्क डिपॉजिट के मामले में हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे लागू ब्याज दर बैंक की वेबसाइट पर बतानी होगी। इसके लिए RBI ने 10 मिनट की छूट दी है। यानी बैंक को हर कारोबारी दिन सुबह 10:10 बजे तक बल्क डिपॉजिट की लागू ब्याज दर अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होगी।

बैंक द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली ब्याज दर वेबसाइट पर पहले से बताई गई दरों के अनुरूप ही होनी चाहिए। यानी बैंक अपनी वेबसाइट पर एक दर दिखाकर ग्राहक को दूसरी दर पर बल्क डिपॉजिट नहीं दे सकते।

समान जमा पर अलग-अलग ब्याज नहीं

आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि समान परिस्थितियों में जमा राशि पर ब्याज दरों को लेकर भेदभाव नहीं किया जा सकता। एक ही तारीख को स्वीकार की गई समान राशि की जमा पर बैंक अलग-अलग ग्राहकों या अपनी अलग-अलग शाखाओं के आधार पर अलग ब्याज दर नहीं रख सकते। इसका मतलब है कि समान राशि और समान शर्तों वाले डिपॉजिट के लिए ब्याज दर में एकरूपता बनाए रखना जरूरी होगा।

3 करोड़ रुपये से कम जमा पर राहत नहीं

नए नियमों के तहत बैंकों को कुछ पात्र बल्क डिपॉजिट की कीमत तय करने में ज्यादा लचीलापन दिया गया है। बैंक अलग-अलग तरह के जमाकर्ताओं के लिए लागू लिक्विडिटी कवरेज रेशियो यानी एलसीआर रन-ऑफ रेट के आधार पर ब्याज दर तय कर सकते हैं। जहां लागू हो, यह सुविधा पात्र नॉन-रेजिडेंट रुपया डिपॉजिट पर भी उपलब्ध होगी।

हालांकि, 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर बैंक एलसीआर के आधार पर अलग-अलग ब्याज दर तय नहीं कर सकेंगे। RBI के मुताबिक, छोटी जमा राशियों के लिए ऐसी सुविधा देने से ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया ज्यादा जटिल और मनमानी हो सकती है।

जमाकर्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

जमाकर्ताओं के लिए सबसे बड़ा बदलाव ब्याज दरों की जानकारी में पारदर्शिता से जुड़ा है। अब बैंकों को बल्क डिपॉजिट की लागू दरें समय पर अपनी वेबसाइट पर बतानी होंगी और ग्राहकों को दी गई दर प्रकाशित दर से मेल खानी होगी। इससे बड़े डिपॉजिट करने वाले ग्राहकों को बैंक की लागू ब्याज दर पहले से जानने में आसानी होगी।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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