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  1. अमेरिका ने ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव, क्रूड ऑयल में उछाल समेत इन वजहों से बाजार में कोहराम

मार्केट न्यूज़

अमेरिका ने ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव, क्रूड ऑयल में उछाल समेत इन वजहों से बाजार में कोहराम

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 28, 2026, 11:25 IST

सारांश

ईरान ने अमेरिका के सामने प्रस्ताव रखा था कि अगर उसकी कुछ शर्तें मानी जाएं, तो वह Strait of Hormuz को 7 दिनों के अंदर फिर से खोल देगा और परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू करेगा। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर आज क्रूड ऑयल के भाव पर दिख रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 28 सितंबर को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में 1028 अंकों की बड़ी गिरावट है और यह 72867.18 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 312.40 अंकों की कमजोरी के साथ 22828.90 के स्तर टूट गया। पिछले 3 कारोबारी दिनों में बाजार में करीब 5.50 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच आज क्रूड ऑयल के भाव में एक बार फिर उछाल आया है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में आज की गिरावट के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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अमेरिका ने ठुकराया ईरान का प्रस्ताव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इसके बाद 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। बता दें कि ईरान ने अमेरिका के सामने प्रस्ताव रखा था कि अगर उसकी कुछ शर्तें मानी जाएं, तो वह Strait of Hormuz को 7 दिनों के अंदर फिर से खोल देगा और परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू करेगा। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

क्रूड ऑयल में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर आज क्रूड ऑयल के भाव पर दिख रहा है। आज के कारोबार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव करीब 2 फीसदी तक बढ़कर 99.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। ऐसे में यह भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के फाउंडर और रिसर्च हेड जी चोक्कलिंगम ने रॉयटर्स को बताया, "तेल की ऊंची कीमतें, बढ़ती महंगाई और पर्याप्त लिक्विडिटी की कमी घरेलू बाजारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।" उन्होंने आगे कहा, "भारतीय बाजारों के लिए शॉर्ट-टर्म आउटलुक काफी निराशाजनक बना हुआ है।"

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 3,696 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके पहले 24 सितंबर को भी FIIs ने 5,027.36 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है।

रुपये में गिरावट

अमेरिकी डॉलर के और मजबूत होने के बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे गिरकर 95.95 पर आ गया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच विदेशी फंड की निकासी ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 95.89 पर खुला और और गिरकर 95.95 पर पहुंच गया, जिससे पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले इसमें 20 पैसे की गिरावट दर्ज की गई।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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