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  1. 36% तक टूटने के बाद संभले PB Fintech के शेयर, म्यूचुअल फंड निवेशकों के डूबे ₹11 हजार करोड़, अब आगे?

मार्केट न्यूज़

36% तक टूटने के बाद संभले PB Fintech के शेयर, म्यूचुअल फंड निवेशकों के डूबे ₹11 हजार करोड़, अब आगे?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड September 28, 2026, 12:48 IST

सारांश

पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों में सोमवार 28 सितंबर को रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर 4% चढ़कर 1,213.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। IRDAI के नए प्रस्तावों के बाद बीते हफ्ते शेयर में बड़ी गिरावट आई थी।

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भारी गिरावट का सामना करने के बाद सोमवार को पीबी फिनटेक के शेयरों में सुधार दर्ज किया गया।

पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों में सोमवार 28 सितंबर को तेजी देखने को मिली। पिछले हफ्ते भारी गिरावट का सामना करने के बाद कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर 4% तक चढ़कर 1,213.50 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गए। इससे पहले दो कारोबारी दिनों में शेयर अपनी एक तिहाई से ज्यादा वैल्यू गंवा चुका था और एक ही सेशन में 36% तक टूट गया था। इस भारी बिकवाली से म्यूचुअल फंड निवेशकों के करीब 11 हजार करोड़ रुपये डूब गए। इस बीच इनवेस्टमेंट बैंक बर्नस्टीन ने इस शेयर पर अपना बुलिश नजरिया बरकरार रखा है।

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IRDAI के प्रस्ताव से आया था शेयर में भूचाल

बीते हफ्ते पीबी फिनटेक के शेयर में आई इस तेज गिरावट का मुख्य कारण इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी IRDAI का एक नया प्रस्ताव था। रेगुलेटर ने इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर्स के कमीशन स्ट्रक्चर और खर्चों की सीमाओं में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इस खबर के सामने आते ही निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई कि इससे पीबी फिनटेक की कमाई और प्रॉफिट पर बुरा असर पड़ सकता है। इसी डर के कारण शेयर में घबराहट में बिकवाली देखने को मिली थी। हालांकि सोमवार को शेयर में निचले स्तरों से रिकवरी दर्ज की गई है।

बर्नस्टीन की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

वैश्विक इनवेस्टमेंट बैंक बर्नस्टीन ने कंपनी के स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख कायम रखा है, लेकिन साथ ही नए प्रस्तावों के असर का विश्लेषण भी शेयर किया है। बर्नस्टीन के अनुसार नए नियमों से पीबी फिनटेक के इंश्योरेंस टेक रेट में 40% की कमी आ सकती है। इसका असर वित्त वर्ष 2028 के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पर पड़ेगा और इसमें 36% तक की कटौती देखने को मिल सकती है। हालांकि पैसाबाजार से मिलने वाला बिजनेस इस असर को कुछ हद तक कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा टर्म प्लान में ट्रायल आधारित स्ट्रक्चर की तरफ बदलाव होने से कैश फ्लो में देरी हो सकती है, जिससे शुरुआत में वर्किंग कैपिटल पर दबाव बनेगा।

रिकवरी को लेकर मैनेजमेंट की क्या है तैयारी?

बर्नस्टीन की रिपोर्ट के मुताबिक पीबी फिनटेक का मैनेजमेंट वित्त वर्ष 2028 में ग्रोथ से जुड़े खर्चों को कम करने की तैयारी में है। इसमें मुख्य रूप से कॉल सेंटर की नई भर्तियों, वेरिएबल पेआउट्स और परफॉर्मेंस मार्केटिंग पर होने वाले खर्च में कटौती शामिल है। बर्नस्टीन का मानना है कि कोर बिजनेस के डायरेक्ट कॉस्ट को वित्त वर्ष 2028 में काफी हद तक घटाया जा सकता है, जो वित्त वर्ष 2029 से वापस सामान्य स्तर पर आ जाएगा। लागत नियंत्रण के बावजूद बर्नस्टीन ने वित्त वर्ष 2028 के नेट प्रॉफिट अनुमान को 34% घटाकर 11 अरब रुपये कर दिया है, जो वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित 12.5 अरब रुपये के नेट प्रॉफिट से कम है। हालांकि वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी की कमाई सुधरकर 20 अरब रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

पीबी फिनटेक डिजिटल इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विसेज देने वाला एक प्रमुख प्लेटफॉर्म है, जो पॉलिसीबाजार और पैसाबाजार जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स का संचालन करता है। पॉलिसीबाजार कंपनी का इंश्योरेंस मार्केटप्लेस है, जहां ग्राहक हेल्थ, लाइफ और मोटर इंश्योरेंस जैसी कैटेगरी में पॉलिसियों की तुलना करके उन्हें खरीद सकते हैं। दूसरी तरफ पैसाबाजार क्रेडिट प्रोडक्ट्स के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस के रूप में काम करता है। कंपनी मुख्य रूप से इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज से रेवेन्यू कमाती है, और इसकी ग्रोथ नए ग्राहकों के जुड़ने, इंश्योरेंस प्रीमियम वॉल्यूम और प्लेटफॉर्म मोनेटाइजेशन पर निर्भर करती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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