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4 min read | अपडेटेड October 05, 2026, 15:55 IST
सारांश
PPF पर फिलहाल 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। इस पर ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा करती है। इसलिए PPF की मौजूदा ब्याज दर भविष्य में बदल भी सकती है।

अगर अभी पैसों की जरूरत नहीं है, तो आप मैच्योर होने के बाद भी रकम को PPF खाते में रहने दे सकते हैं।
अगर आपके PPF (Public Provident Fund) खाते के 15 साल पूरे हो गए हैं और उसमें अच्छी-खासी रकम जमा है, तो जरूरी नहीं कि आप पूरी रकम तुरंत निकाल लें। PPF मैच्योर होने के बाद आपके पास मुख्य रूप से तीन विकल्प होते हैं- पूरा पैसा निकालकर खाता बंद करना, बिना नए पैसे जमा किए खाते में रकम बनाए रखना या फिर पांच साल के लिए PPF को आगे बढ़ाकर उसमें नई रकम जमा करते रहना। इनमें से कौन-सा विकल्प आपके लिए बेहतर है, यह आपकी जरूरत और भविष्य की वित्तीय योजना पर निर्भर करता है।
PPF पर फिलहाल 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। इस पर ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा करती है। इसलिए PPF की मौजूदा ब्याज दर भविष्य में बदल भी सकती है।
जिस वित्त वर्ष में PPF खाता खोला गया था, उसके अंत से 15 साल पूरे होने के बाद खाताधारक खाते को बंद करके पूरी जमा रकम और उस पर मिलने वाला ब्याज निकाल सकता है। यह सामान्य मैच्योरिटी निकासी है और इसे समय से पहले होने वाली निकासी से अलग माना जाता है, जिसके लिए अलग नियम लागू होते हैं।
अगर आपको घर खरीदने, बच्चे की पढ़ाई, किसी बड़े खर्च या इमरजेंसी फंड के लिए बड़ी रकम की जरूरत है, तो मैच्योरिटी पर PPF से पैसा निकालना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन सिर्फ इसलिए पैसा निकालना जरूरी नहीं है कि खाते के 15 साल पूरे हो गए हैं।
अगर अभी पैसों की जरूरत नहीं है, तो आप मैच्योर होने के बाद भी रकम को PPF खाते में रहने दे सकते हैं। इस स्थिति में आपको आगे कोई नया पैसा जमा करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन खाते में मौजूद रकम पर लागू PPF दर के हिसाब से ब्याज मिलता रहता है।
इस विकल्प में आप हर वित्त वर्ष में खाते से एक बार रकम निकाल सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है जो अपनी मौजूदा PPF रकम को लंबे समय तक निवेशित रखना चाहते हैं, लेकिन आगे इसमें नियमित रूप से पैसा नहीं लगाना चाहते।
अगर आप PPF में आगे भी पैसा जमा करना चाहते हैं, तो मैच्योरिटी के बाद खाते को पांच साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए मैच्योरिटी की तारीख से एक साल के भीतर एक्सटेंशन का विकल्प चुनना जरूरी है। इसके लिए PPF Scheme, 2019 में निर्धारित फॉर्म, जिसे आमतौर पर Form 4 कहा जाता है, के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
एक बार यह विकल्प चुनने के बाद खाता पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। एक्सटेंशन के दौरान आप लागू सालाना निवेश सीमा और PPF के नियमों के मुताबिक नई रकम जमा कर सकते हैं।
PPF के 15 साल पूरे होना पैसा निकालने की मजबूरी नहीं, बल्कि आपको ज्यादा विकल्प मिलने का समय है। अगर किसी बड़े वित्तीय लक्ष्य के लिए रकम की जरूरत है, तो पैसा निकालना सही हो सकता है। अगर सिर्फ कुछ रकम की जरूरत है, तो बिना नई जमा के खाते में पैसा बनाए रखना बेहतर हो सकता है। वहीं, अगर आप लंबे समय के लिए टैक्स-फ्रेंडली और अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो पांच साल के लिए PPF को बढ़ाकर उसमें योगदान जारी रख सकते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आप मैच्योरिटी के बाद नई रकम जमा करना चाहते हैं, तो एक साल के अंदर एक्सटेंशन की औपचारिकता पूरी करें। बिना एक्सटेंशन कराए पैसा जमा करते रहना सही तरीका नहीं है। इसलिए PPF के 15 साल पूरे होने पर जल्दबाजी में पूरा पैसा निकालने के बजाय अपनी जरूरत, मौजूदा निवेश और आने वाले खर्चों को देखकर फैसला करना बेहतर है।
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