पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड October 01, 2026, 17:43 IST
सारांश
1 लाख रुपये सैलरी वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए अक्टूबर का महीना पैसों का सही मैनेजमेंट करने के लिए बहुत अहम होता है। इस महीने में एसआईपी रिव्यू, क्रेडिट कार्ड बकाया, एफडी रेट्स और गोल ट्रैकिंग जैसे 7 फाइनेंशियल काम निपटाकर आप अपनी बचत को बढ़ा सकते हैं और त्योहारों में होने वाले अनचाहे खर्चों से बच सकते हैं।

1 लाख रुपये सैलरी वाले लोग अक्टूबर के महीने में करें ये 7 जरूरी फाइनेंशियल काम।
हर महीने 1 लाख रुपये की सैलरी कमाना एक बेहतरीन उपलब्धि है, लेकिन अगर पैसों का सही मैनेजमेंट न किया जाए तो महीना खत्म होते-होते जेब खाली हो जाती है। अक्टूबर का महीना त्योहारों की शुरुआत लेकर आता है, जहां बोनस के साथ-साथ खर्चे भी तेजी से बढ़ते हैं। ऐसे में अपनी फाइनेंशियल स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए इस महीने कुछ जरूरी कदम उठाना बहुत जरूरी है। अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये है, तो अक्टूबर के दौरान आपको अपनी सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट्स की जांच जरूर कर लेनी चाहिए। इससे न केवल आपकी फ्यूचर की प्लानिंग बेहतर होगी, बल्कि आप त्योहारों में होने वाले अनचाहे खर्चों से भी बचे रहेंगे।
अक्टूबर के महीने में सबसे पहला काम अपनी पुरानी SIP और म्यूचुअल फंड्स के परफॉर्मेंस को चेक करना है। अगर आपने काफी समय से अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा नहीं की है, तो देखें कि आपके फंड्स कैसा रिटर्न दे रहे हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच जो फंड अच्छा परफॉर्म नहीं कर रहे हैं, उनसे बाहर निकलने या अच्छी स्कीम में स्विच करने का फैसला लें। अपनी 1 लाख रुपये की सैलरी में से कम से कम 20 से 30% हिस्सा हर महीने SIP में जरूर इन्वेस्ट करें।
किसी भी अचानक आने वाले संकट से निपटने के लिए एक मजबूत इमरजेंसी फंड का होना बहुत जरूरी है। अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये है, तो आपके पास कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर यानी लगभग 3 से 6 लाख रुपये का फंड किसी लिक्विड अकाउंट में तैयार रहना चाहिए। अक्टूबर में अपने इस फंड की समीक्षा करें और अगर त्योहारों की खरीदारी या किसी वजह से इसमें से पैसे निकले हैं, तो उसे फिर से पूरा करने की प्लानिंग करें।
बढ़ती महंगाई और मेडिकल खर्चों को देखते हुए पर्याप्त इंश्योरेंस कवर होना बेहद जरूरी है। अक्टूबर में यह चेक करें कि आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का सम एश्योर्ड आपके परिवार की जरूरतों के हिसाब से काफी है या नहीं। इसके साथ ही अगर आपके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी है, तो अपनी सालाना इनकम का कम से कम 10 से 15 गुना टर्म लाइफ इंश्योरेंस कवर जरूर रखें। अगर कवरेज कम है तो उसे समय रहते बढ़ा लें।
त्योहारों के सीजन में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है। लेकिन क्रेडिट कार्ड का भारी-भरकम बकाया और उस पर लगने वाला मोटा ब्याज आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा निगल सकता है। अक्टूबर की शुरुआत में ही अपने सभी क्रेडिट कार्ड्स के बिल चेक करें और कोशिश करें कि पूरे बकाये का भुगतान कर दें। मिनिमम अमाउंट चुकाने की गलती से बचें, क्योंकि इससे आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं।
अगर आपके पास सेविंग्स अकाउंट में फालतू कैश पड़ा है, तो उस पर बेहतर ब्याज पाने के लिए FD रेट्स की जांच करें। हाल के महीनों में कई बैंकों और पोस्ट ऑफिस ने अपनी FD दरों में बदलाव किया है। आप अपने पैसे को कम ब्याज वाले सेविंग्स अकाउंट में रखने के बजाय शॉर्ट टर्म FD या लिक्विड फंड्स में शिफ्ट कर सकते हैं। इससे आपका पैसा सुरक्षित भी रहेगा और उस पर आपको बेहतर रिटर्न भी मिलेगा।
वित्त वर्ष का आधा हिस्सा बीत चुका है, इसलिए टैक्स प्लानिंग के लिए आखिरी महीनों का इंतजार करने के बजाय अक्टूबर में ही अपने डाक्यूमेंट्स व्यवस्थित कर लें। अपनी कंपनी में दिए गए टैक्स डिक्लेरेशन के हिसाब से देखें कि आपने 80सी या अन्य सेक्शंस के तहत कितना इन्वेस्टमेंट किया है। अगर आपका इन्वेस्टमेंट टारगेट से कम है, तो अभी से बाकी बचे महीनों के लिए टैक्स सेविंग स्कीम्स में पैसा लगाना शुरू कर दें ताकि मार्च में एक साथ बड़ा बोझ न पड़े।
आपने साल की शुरुआत में घर खरीदने, कार लेने या बच्चों की पढ़ाई के लिए जो भी फाइनेंशियल गोल्स तय किए थे, अक्टूबर में उनकी प्रोग्रेस की समीक्षा करें। देखें कि आप अपने तय किए गए लक्ष्यों के कितने करीब पहुंचे हैं। अगर किसी गोल में पिछड़ रहे हैं, तो दिवाली बोनस या एक्स्ट्रा इनकम का इस्तेमाल उस गोल को पूरा करने में करें।
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