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  1. क्रेडिट कार्ड का खर्च सुस्त, गोल्ड लोन में बंपर उछाल, जानिए आरबीआई के इन आंकड़ों के असल मायने

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क्रेडिट कार्ड का खर्च सुस्त, गोल्ड लोन में बंपर उछाल, जानिए आरबीआई के इन आंकड़ों के असल मायने

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 05, 2026, 14:54 IST

सारांश

आरबीआई के अगस्त 2026 के आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय परिवार अब शौक के लिए कम और अपनी संपत्ति के बदले ज्यादा लोन ले रहे हैं। क्रेडिट कार्ड और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन की रफ्तार सुस्त पड़ी है, जबकि गोल्ड लोन में 83.2% का भारी उछाल देखा गया है।

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आरबीआई आंकड़ों के अनुसार क्रेडिट कार्ड के मुकाबले गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ी है।

आरबीआई के अगस्त 2026 के सेक्टोरल क्रेडिट डेटा से पता चलता है कि भारतीय परिवारों की लोन लेने की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। लोग अब शौक या गैर जरूरी चीजों पर खर्च करने के बजाय अपनी संपत्ति यानी एसेट के बदले कर्ज लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक क्रेडिट कार्ड का बकाया और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन की ग्रोथ बहुत सुस्त रही है, जबकि गोल्ड लोन में रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया है।

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क्रेडिट कार्ड और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में दिखी मंदी

अगस्त महीने में क्रेडिट कार्ड का बकाया सालाना आधार पर सिर्फ 3.6% ही बढ़ा है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में महज 2.4% की बढ़ोतरी हुई है। यह दोनों आंकड़े बैंकों की कुल क्रेडिट ग्रोथ 19.1% से काफी पीछे हैं। अगस्त में क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया करीब 3 लाख करोड़ रुपये रहा, लेकिन चालू वित्त वर्ष 2027 के शुरुआती पांच महीनों में इसमें सिर्फ 4,740 करोड़ रुपये ही जुड़े हैं। दूसरी तरफ कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन का आंकड़ा 23,295 करोड़ रुपये रहा और अप्रैल से अगस्त के बीच इसमें केवल 1,333 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

गोल्ड लोन और FD पर लोन में भारी उछाल क्यों?

दूसरी तरफ सोने के गहनों के बदले मिलने वाले लोन में तगड़ी तेजी देखी गई है। अगस्त में गोल्ड लोन सालाना आधार पर 83.2% बढ़कर 5.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले लगभग 3 लाख करोड़ रुपये था। पांच महीनों में इसमें 98,096 करोड़ रुपये जुड़े हैं, जो बैंकों द्वारा दिए गए कुल नए कर्ज का 9.6% हिस्सा है। यह होम लोन के लगभग बराबर है, जिसमें 98,858 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD के बदले दिए जाने वाले लोन भी 43.2% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये हो गए और इसमें 35,166 करोड़ रुपये की नई रकम जुड़ी।

गाड़ियों के लिए लोन लेने में दिखी तेजी

वाहनों के लिए लोन की मांग बनी रही और इसमें 19.7% की बढ़त के साथ यह 7.8 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान व्हीकल लोन में 37,027 करोड़ रुपये जुड़े। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच कुल बैंक क्रेडिट 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी 4.8% बढ़ा, जिससे कुल बकाया कर्ज 223.9 लाख करोड़ रुपये हो गया। पर्सनल लोन में 3.5 लाख करोड़ रुपये जुड़े, जो नए कर्ज का 33.9% है। वहीं कुल रिटेल क्रेडिट 16.9% बढ़कर 72.9 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

दूसरे सेक्टर और जुलाई के आंकड़ों का रुझान

सर्विस सेक्टर में 2.4 लाख करोड़ रुपये का नया कर्ज जुड़ा, जो कुल नए क्रेडिट का 23% है। NBFC को मिलने वाले बैंक लोन में 37.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 21.6 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें बैंकों से NBFC की उधारी 93,870 करोड़ रुपये बढ़ी। पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को दिए जाने वाले लोन में 83.7% का उछाल आया। इससे पहले आरबीआई के जुलाई आंकड़ों ने भी इस ट्रेंड की तरफ इशारा किया था, जहां पर्सनल लोन ग्रोथ 16.2% रही थी। जुलाई के अंत तक नॉन-फूड बैंक क्रेडिट 19.1% बढ़ा था, जबकि इंडस्ट्री को मिलने वाले क्रेडिट में 20.0% की ग्रोथ दर्ज की गई थी।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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