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  1. जनधन योजना के 12 साल पूरे, 59 करोड़ से ज्यादा खाते, महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी

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जनधन योजना के 12 साल पूरे, 59 करोड़ से ज्यादा खाते, महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 27, 2026, 18:15 IST

सारांश

19 अगस्त 2026 तक प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत 59.09 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इनमें 55.7% यानी करीब 32.92 करोड़ खाते महिलाओं के नाम पर हैं। वहीं, 77.8% यानी करीब 45.95 करोड़ खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हैं।

PM Jan Dhan Yojana

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 अगस्त 2026 तक देश में 59.09 करोड़ जनधन खाते खुल चुके हैं। (Image: AI)

प्रधानमंत्री जनधन योजना ने देश के करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसके जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों के बैंक खाते खोले गए और सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचने लगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 अगस्त 2026 तक देश में 59.09 करोड़ जनधन खाते खुल चुके हैं। इनमें महिलाओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और लोगों को कम समय में पैसा मिलने लगा।

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59.09 करोड़ जनधन खाते

19 अगस्त 2026 तक प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत 59.09 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इनमें 55.7% यानी करीब 32.92 करोड़ खाते महिलाओं के नाम पर हैं। वहीं, 77.8% यानी करीब 45.95 करोड़ खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हैं। इससे पता चलता है कि योजना का फायदा देश के गांवों और छोटे शहरों तक बड़ी संख्या में पहुंचा है।

खातों में ₹3.17 लाख करोड़ जमा

जनधन खातों में जमा कुल रकम भी लगातार बढ़ी है। 19 अगस्त 2026 तक इन खातों में कुल ₹3,16,514 करोड़ जमा थे। अगस्त 2015 से अगस्त 2026 के बीच जनधन खातों की संख्या करीब 2.3 गुना बढ़ी है, जबकि इन खातों में जमा रकम करीब 12.8 गुना बढ़ गई है।

हर खाते में औसतन ₹5356

19 अगस्त 2026 तक एक जनधन खाते में औसतन ₹5,356 जमा हैं। पिछले 12 वर्षों में प्रति खाते औसत जमा रकम करीब 3.4 गुना बढ़ी है। सरकार के मुताबिक खाते में जमा रकम बढ़ना इस बात का संकेत है कि लोग इन बैंक खातों का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी लाभ लेने के लिए नहीं, बल्कि बचत के लिए भी कर रहे हैं।

41.29 करोड़ RuPay कार्ड जारी

जनधन खाताधारकों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने के लिए 41.29 करोड़ RuPay कार्ड जारी किए जा चुके हैं। समय के साथ इन कार्डों की संख्या और उनका इस्तेमाल भी बढ़ा है। इससे लोगों को डिजिटल और कैशलेस भुगतान की सुविधा मिली है।

बचत से लेकर कर्ज तक पहुंच

PMJDY की सफलता के पीछे सरकार का मिशन मोड में काम करना, नियमों का समर्थन, बैंकों और निजी संस्थानों की भागीदारी और आधार जैसी डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल प्रमुख कारण हैं। जनधन खाता लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का पहला कदम बना है।

अब इन खातों के जरिए लोगों को बचत के साथ कर्ज की सुविधा तक पहुंच भी मिल रही है। नियमित बचत और बैंकिंग लेनदेन करने वाले लोग आगे चलकर मुद्रा लोन जैसे कर्ज का लाभ ले सकते हैं। इससे छोटे कारोबार शुरू करने और आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

13वें साल में भी जारी है सफर

प्रधानमंत्री जनधन योजना अब अपने 13वें साल में प्रवेश कर चुकी है। 59 करोड़ से ज्यादा खातों के साथ यह योजना वित्तीय समावेशन की दिशा में भारत की बड़ी पहलों में शामिल है। इसका उद्देश्य यही है कि देश का कोई भी नागरिक बैंकिंग, बचत, डिजिटल भुगतान और औपचारिक वित्तीय सेवाओं से बाहर न रहे।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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