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  1. लार्ज और मिडकैप शेयरों के साथ G-Sec का कॉम्बिनेशन, HDFC के 70:30 इंडेक्स फंड के फायदे और रिस्क यहां समझें

पर्सनल फाइनेंस

लार्ज और मिडकैप शेयरों के साथ G-Sec का कॉम्बिनेशन, HDFC के 70:30 इंडेक्स फंड के फायदे और रिस्क यहां समझें

Namita Shukla

5 min read | अपडेटेड August 27, 2026, 14:09 IST

सारांश

HDFC Mutual Fund ने एचडीएफसी निफ्टी लार्जमिडकैप250 प्लस 8-13 ईयर G-Sec 70:30 इंडेक्स फंड पेश किया है। यह एक इक्विटी ओरिएंटेड हाइब्रिड इंडेक्स फंड है, जो निफ्टी लार्जमिडकैप250 प्लस 8-13 ईयर G-Sec 70:30 इंडेक्स (TRI) को ट्रैक करेगा।

म्यूचुअल फंड

HDFC का LargeMidcap250 Plus G-Sec Index Fund: किसके लिए सही है यह 70:30 निवेश विकल्प? (Photo: Shutterstock)

आज के समय में इन्वेस्टमेंट को लेकर लोग काफी जागरुक हो चुके हैं, इन्वेस्टर्स ऐसे ऑप्शन्स की तलाश में रहते हैं, जहां शेयर मार्केट की ग्रोथ में भागीदारी के साथ पोर्टफोलियो में कुछ स्थिरता भी बनी रहे। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए HDFC Mutual Fund ने एचडीएफसी निफ्टी लार्जमिडकैप250 प्लस 8-13 ईयर G-Sec 70:30 इंडेक्स फंड पेश किया है। यह एक इक्विटी ओरिएंटेड हाइब्रिड इंडेक्स फंड है, जो निफ्टी लार्जमिडकैप250 प्लस 8-13 ईयर G-Sec 70:30 इंडेक्स (TRI) को ट्रैक करेगा। इस फंड की सबसे महत्वपूर्ण खासियत इसका इंडेक्स-बेस्ड निवेश मॉडल है। फंड का उद्देश्य इंडेक्स के स्ट्रक्चर को दोहराना है और सामान्य परिस्थितियों में इसके कुल निवेश का कम-से-कम 95% हिस्सा इंडेक्स में शामिल प्रतिभूतियों में लगाया जाएगा। सेबी को दिए गए डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक बाकी 0 से 5% हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों, T-Bills, मनी मार्केट इंस्ट्रुमेंट्स और अन्य अनुमत साधनों में रखा जा सकता है।

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70:30 मॉडल क्या है?

इस फंड को समझने के लिए इसके 70:30 मॉडल को समझना जरूरी है। इसका आधार निफ्टी लार्जमिडकैप 250 प्लस 8-13 साल के पीरियड वाले सरकारी प्रतिभूति हिस्से से बना इंडेक्स है। यानी इन्वेस्टर को एक ही प्रोडक्ट के जरिए इक्विटी और सरकारी बॉन्ड आधारित एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि फंड का रिटर्न निश्चित नहीं है और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार इसमें उतार-चढ़ाव हो सकता है। क्योंकि यह एक पैसिव फंड है, इसलिए इसमें फंड मैनेजर सक्रिय रूप से अपनी पसंद के शेयर चुनकर बाजार को मात देने की कोशिश नहीं करता। फंड इंडेक्स में शामिल प्रतिभूतियों को लगभग उसी अनुपात में रखने की कोशिश करेगा। डॉक्यूमेंट्स क्लियर करता है कि इंडेक्स में किसी कंपनी के शामिल होने के कारण फंड उसे रख सकता है, भले ही फंड मैनेजर की व्यक्तिगत रिसर्च के आधार पर वह शेयर आकर्षक न लगे।

इसका एक फायदा यह है कि निवेश रणनीति अपेक्षाकृत सरल और पारदर्शी रहती है। वहीं दूसरी तरफ, अगर पूरा बाजार या इंडेक्स गिरता है तो फंड के पास गिरावट से बचने के लिए सक्रिय रूप से पोर्टफोलियो बदलने की सीमित गुंजाइश होगी। इसलिए इसे बैंक FD या पूरी तरह सुरक्षित निवेश की तरह नहीं देखा जा सकता है। एक और महत्वपूर्ण पहलू ट्रैकिंग एरर है। फंड का प्रदर्शन इंडेक्स से थोड़ा अलग हो सकता है क्योंकि खर्च, कॉरपोरेट एक्शन, नकदी रखने की जरूरत, प्रतिभूतियों की उपलब्धता और पोर्टफोलियो में बदलाव जैसी वजहों से इंडेक्स को बिल्कुल उसी तरह कॉपी करना संभव नहीं होता। डॉक्यूमेंट्स में सामान्य परिस्थितियों में ट्रैकिंग एरर को 2% प्रति साल से अधिक न रखने का लक्ष्य बताया गया है, हालांकि असामान्य बाजार परिस्थितियों में यह अधिक हो सकता है।

कैसे कर सकते हैं निवेश?

निवेश विकल्पों की बात करें तो इसमें रेगुलर और डायरेक्ट प्लान उपलब्ध हैं। दोनों में ग्रोथ और IDCW विकल्प हैं और ग्रोथ को डिफॉल्ट विकल्प बताया गया है। NFO के दौरान न्यूनतम निवेश 100 रुपये है और उसके बाद किसी भी राशि में निवेश किया जा सकता है। डॉक्यूमेंट्स में कोई एंट्री लोड नहीं बताया गया है और मौजूदा स्ट्रक्चर में एक्जिट लोड भी Nil है, हालांकि निवेश से पहले लागू लोड स्ट्रक्चर की जांच करना जरूरी है। इन्वेस्टर्स इसमें SIP के जरिए भी निवेश कर सकते हैं। दस्तावेज में SIP, SIP Top-up, SIP Pause और अन्य सिस्टमैटिक सुविधाओं का उल्लेख है। इससे इन्वेस्टर्स बाजार में एकमुश्त बड़ी राशि लगाने के बजाय नियमित अंतराल पर इन्वेस्ट कर सकते हैं।

क्या हैं जोखिम?

फंड का एक महत्वपूर्ण जोखिम यह है कि यह बाजार से जुड़ा निवेश है। इक्विटी कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव हो सकता है और ब्याज दरों में बदलाव का सरकारी प्रतिभूतियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए कम अवधि में निवेश के मूल्य में गिरावट संभव है। निवेशक को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। खर्च के मामले में यह एक नया फंड है, इसलिए डॉक्यूमेंट्स में रीयल टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) अभी उपलब्ध नहीं है। डायरेक्ट प्लान में आम तौर पर डिस्ट्रीब्यूशन कमिशन जैसे खर्च नहीं होते, इसलिए उसका खर्च रेगुलर प्लान की तुलना में कम हो सकता है।

कुल मिलाकर, एचडीएफसी निफ्टी लार्जमिडकैप250 प्लस 8-13 ईयर G-Sec 70:30 इंडेक्स फंड उन इन्वेस्टर्स के लिए दिलचस्प हो सकता है जो पैसिव/इंडेक्स-बेस्ड स्ट्रैटजी के जरिए इक्विटी और सरकारी प्रतिभूतियों के मिश्रण में इन्वेस्ट करना चाहते हैं। लेकिन इसे ‘गारंटीड रिटर्न’ वाला प्रोडक्ट नहीं समझना चाहिए। क्योंकि यह नया फंड है, इसलिए इसका अपना हिस्टॉरिक परफॉर्मेंस अभी उपलब्ध नहीं है। निवेश करने से पहले इंडेक्स के स्ट्रक्चर, जोखिम, संभावित खर्च, टैक्स प्रभाव और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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