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  1. ₹7,500 मंथली पेंशन की मांग को लेकर 5 अगस्त को पेंशनभोगी संगठन करेगा देशव्यापी प्रोटेस्ट

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₹7,500 मंथली पेंशन की मांग को लेकर 5 अगस्त को पेंशनभोगी संगठन करेगा देशव्यापी प्रोटेस्ट

Upstox

2 min read | अपडेटेड August 03, 2026, 14:48 IST

सारांश

समिति की प्रमुख मांगों में न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये करना, महंगाई भत्ता (डीए) देना, पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के हिसाब से पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उच्च पेंशन का लाभ देना शामिल है।

पेंशन

पेंशनभोगी संगठन ने 5 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया (Photo: Shutterstock)

पेंशनभोगी संगठन ईपीएस-95 नेशनल एजिटेशन कमेटी ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये किए जाने की मांग के समर्थन में 5 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये है। यह व्यवस्था 1 सितंबर, 2014 से लागू है। इस योजना का संचालन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) करता है। समिति की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक काफी समय से लंबित पेंशन सुधारों की मांग को लेकर ईपीएस-95 के तहत आने वाले हजारों पेंशनभोगी 5 अगस्त को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होंगे।

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रिलीज में कहा गया कि यह प्रदर्शन ईपीएस-95 नेशनल एजिटेशन कमेटी के आह्वान पर किया जा रहा है। समिति का कहना है कि सालों से ज्ञापन देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सरकार से अपील करने के बावजूद इस संबंध में कोई सार्थक नीतिगत फैसला नहीं लिया गया है। समिति की प्रमुख मांगों में न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये करना, महंगाई भत्ता (डीए) देना, पेंशनभोगियों और उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के हिसाब से पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उच्च पेंशन का लाभ देना शामिल है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा कि ईपीएस-95 के करीब 81 लाख पेंशनभोगी पिछले एक दशक से अधिक समय से इन मांगों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राउत ने कहा कि बड़ी संख्या में ईपीएस-95 पेंशनभोगियों को औसतन केवल 1,171 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जो मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में किसी भी तरह से पर्याप्त नहीं है।

समिति का कहना है कि देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास में दशकों तक योगदान देने वाले श्रमिक ऐसी सेवानिवृत्ति आय के हकदार हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन मिल सके। इसने कहा कि 7,500 रुपये न्यूनतम पेंशन की मांग कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का न्यूनतम मानक सुनिश्चित करने की मांग है। समिति ने आगाह किया कि अगर सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करती रही तो आत्मदाह ही उनका ‘अंतिम विकल्प’ होगा।

PTI इनपुट के साथ

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