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NPS Vatsalya: बच्चों के लिए सरकारी निवेश योजना, लेकिन निवेश से पहले समझ लें निकासी के नियम

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड July 08, 2026, 18:37 IST

सारांश

NPS Vatsalya, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का बच्चों के लिए बनाया गया विशेष प्लान है। इसमें माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम पर खाता खोल सकते हैं।

NPS Vatsalya

NPS Vatsalya: यह सरकार समर्थित योजना है, जिसे PFRDA रेगुलेट करता है।

अगर आप अपने बच्चे की पढ़ाई, विदेश में उच्च शिक्षा या उसके आर्थिक भविष्य के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो NPS Vatsalya एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह सरकार समर्थित योजना है, जिसे PFRDA रेगुलेट करता है। इसमें बचपन से नियमित निवेश करने पर 18 साल की उम्र तक अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है।

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क्या है NPS Vatsalya?

NPS Vatsalya, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का बच्चों के लिए बनाया गया विशेष प्लान है। इसमें माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम पर खाता खोल सकते हैं। यह मार्केट से जुड़ी योजना है, इसलिए इसमें मिलने वाला रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। साथ ही इसमें कंपाउंडिंग का फायदा और ऑनलाइन अकाउंट एक्सेस जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।

कौन खोल सकता है खाता और कितना करना होगा निवेश?

18 साल से कम उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक, एनआरआई और OCI भी NPS Vatsalya खाता खोल सकता है। खाता ऑनलाइन eNPS या अधिकृत पोर्टल के जरिए और ऑफलाइन प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) पर भी खोला जा सकता है।

खाता खोलने के लिए न्यूनतम ₹250 का योगदान जरूरी है। सालाना न्यूनतम योगदान भी ₹250 है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। रिश्तेदार या दोस्त भी इस खाते में गिफ्ट के रूप में योगदान कर सकते हैं।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

बच्चे की जन्मतिथि का प्रमाण, जैसे जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, 10वीं की मार्कशीट, PAN या पासपोर्ट में से कोई एक दस्तावेज देना होगा। अभिभावक को KYC के लिए आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, वोटर आईडी या अन्य मान्य पहचान पत्र के साथ PAN या Form 60 जमा करना होगा।

अगर अभिभावक या बच्चे के साथ कोई दुर्घटना हो जाए तो क्या होगा?

अगर बच्चे की मृत्यु हो जाती है, तो पूरा जमा फंड अभिभावक, नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को मिल जाता है। चाहें तो इस राशि को उनके NPS खाते में भी ट्रांसफर किया जा सकता है। अगर अभिभावक की मृत्यु हो जाए, तो नए अभिभावक जरूरी KYC पूरी करके खाते का संचालन जारी रख सकते हैं।

18 साल से पहले निकासी के नियम

बच्चे के 18 साल का होने से पहले आंशिक निकासी की अनुमति है, लेकिन इसके लिए खाता कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए। निकासी केवल बच्चे की पढ़ाई, गंभीर बीमारी के इलाज या 75% से अधिक दिव्यांगता जैसी परिस्थितियों में ही की जा सकती है। कुल जमा राशि (रिटर्न छोड़कर) का अधिकतम 25% निकाला जा सकता है और 18 साल की उम्र से पहले अधिकतम दो बार ही आंशिक निकासी की अनुमति है।

18 साल पूरे होने के बाद क्या होगा?

18 साल पूरे होने पर नया KYC कराना जरूरी होगा। इसके बाद NPS Vatsalya खाता अपने आप सामान्य NPS Tier-I खाते में बदल जाएगा। अगर खाते में ₹2.5 लाख या उससे कम जमा हैं, तो पूरी राशि निकाली जा सकती है। अगर फंड ₹2.5 लाख से ज्यादा है, तो कम से कम 80% राशि से एन्युटी (पेंशन) खरीदनी होगी और बाकी 20% टैक्स-फ्री एकमुश्त निकाली जा सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर कुल जमा राशि ₹8 लाख से कम है, तो पूरी रकम एकमुश्त निकालने का विकल्प भी उपलब्ध है।

क्या मिलेगा टैक्स बेनिफिट?

बच्चे के NPS Vatsalya खाते में माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1B) के तहत सालाना ₹50,000 तक की अतिरिक्त टैक्स छूट मिल सकती है। यह लाभ केवल पुराने टैक्स रिजीम में उपलब्ध है और धारा 80C के ₹1.5 लाख की सीमा से अलग मिलता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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