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4 min read | अपडेटेड September 10, 2026, 12:02 IST
सारांश
देशभर के बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने सितंबर और अक्टूबर में कई दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल से सरकारी और प्राइवेट बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सितंबर और अक्टूबर में बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।
देश के बैंक ग्राहकों को आने वाले दिनों में अपनी बैंकिंग जरूरतों के लिए पहले से ही तैयारी करनी पड़ सकती है। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियनों ने देशभर में कई दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का सीधा असर देशभर में बैंकों की शाखाओं और प्रशासनिक दफ्तरों के ऑपरेशन्स पर पड़ सकता है। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे बड़े बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में इस हड़ताल की वजह से कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई है।
बैंक यूनियनों द्वारा तय किए गए शेड्यूल के मुताबिक पहली एक दिवसीय हड़ताल 11 सितंबर 2026 को बुलाई गई है। इसके बाद 28 सितंबर से 30 सितंबर तक तीन दिनों की लगातार हड़ताल का प्रस्ताव रखा गया है। अगर इसके बावजूद यूनियनों की मांगों का समाधान नहीं होता है, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की योजना बनाई गई है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 9 सितंबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE को दी गई फाइलिंग में बताया कि उसे इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के जरिए हड़ताल के नोटिस मिले हैं। बैंक ने कहा है कि वह ऑपरेशन्स को सामान्य बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है, हालांकि अभी नुकसान का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 7 सितंबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग में इस हड़ताल की जानकारी दी थी। SBI ने कहा कि उसने शाखाओं और ऑफिसों का काम सामान्य बनाए रखने के इंतजाम किए हैं, लेकिन हड़ताल के कारण बैंक का काम प्रभावित हो सकता है। इससे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी 2 सितंबर 2026 को एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया था कि 11 सितंबर, 28 से 30 सितंबर और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस मिला है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल होती है तो शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है।
यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी यूएफबीयू की ओर से बुलाई गई है। यह संगठन सात प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन और इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस शामिल हैं। यूनियनों का विरोध सीनियर बैंक अधिकारियों के लिए संशोधित परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई स्कीम और बैंकों में 5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर है। यूनियनों को स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए अलग पीएलआई व्यवस्था पर आपत्ति है।
इस हड़ताल से ग्राहकों के खातों में जमा पैसे की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन शाखा से जुड़ी सर्विसेज मिलना मुश्किल हो सकता है। अगर आपको बैंक शाखा जाकर कैश निकालना, चेक जमा करना, डॉक्युमेंट्स जमा करना, लॉकर सर्विस या काउंटर से होने वाले अन्य लेनदेन करने हैं, तो इन कामों को हड़ताल की तारीखों से पहले निपटा लेना बेहतर रहेगा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और ऑनलाइन पेमेंट के अन्य माध्यम सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। लेकिन बैंक कर्मचारियों या बैक-ऑफिस प्रोसेसिंग की जरूरत वाले कामों में देरी हो सकती है। खासकर 26 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल से उन लोगों को काफी परेशानी हो सकती है जो पूरी तरह फिजिकल ब्रांच पर निर्भर हैं।
बैंक ग्राहकों को किसी भी असुविधा से बचने के लिए समय रहते योजना बना लेनी चाहिए। अपने सभी जरूरी ब्रांच आधारित काम हड़ताल की घोषित तारीखों से पहले ही पूरे कर लें। अगर हड़ताल के दौरान अचानक कैश की जरूरत पड़ने की संभावना है, तो घर में पर्याप्त कैश की व्यवस्था रखें। रूटीन ट्रांजेक्शंस के लिए डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई ऑप्शंस को तैयार रखें। बैंक कर्मचारियों की मदद से होने वाले किसी भी दस्तावेज के काम को टालने से बचें। इसके अलावा अपने बैंक द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें, खासकर 26 अक्टूबर की तारीख से पहले ताकि आप बिना किसी परेशानी के बैंकिंग सेवाएं प्राप्त कर सकें।
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