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4 min read | अपडेटेड July 30, 2026, 18:46 IST
सारांश
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ Form 16 के भरोसे ITR फाइल नहीं करना चाहिए। सभी जरूरी दस्तावेजों का मिलान करने के बाद ही रिटर्न भरना बेहतर होता है। यहां जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताया गया है।

ITR Filing 2026: अगर आप नौकरीपेशा हैं तो Form 16 सबसे जरूरी दस्तावेज है।
अगर आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है, तो अब देर नहीं करनी चाहिए। 31 जुलाई की आखिरी तारीख में अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं। ऐसे में जल्दबाजी में रिटर्न भरने से गलती होने का खतरा बढ़ जाता है। किसी जरूरी दस्तावेज की कमी, आय का गलत ब्योरा या जानकारी का मिलान न करने पर रिफंड में देरी हो सकती है या फिर आयकर विभाग का नोटिस भी आ सकता है।
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ Form 16 के भरोसे ITR फाइल नहीं करना चाहिए। सभी जरूरी दस्तावेजों का मिलान करने के बाद ही रिटर्न भरना बेहतर होता है। यहां जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताया गया है।
अगर आप नौकरीपेशा हैं तो Form 16 सबसे जरूरी दस्तावेज है। इसमें आपकी सैलरी और कंपनी द्वारा काटे गए TDS की जानकारी होती है। हालांकि, इसमें आपकी दूसरी आय जैसे बैंक ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन की जानकारी नहीं होती। इसलिए बाकी दस्तावेज भी जरूर देखें।
ITR फाइल करने से पहले Form 26AS, एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इनफॉर्मेशन समरी (TIS) जरूर चेक करें। इन दस्तावेजों में TDS, वित्तीय लेनदेन और आय से जुड़ी जानकारी होती है। अगर इनमें कोई अंतर दिखे तो पहले उसे ठीक कराएं, फिर रिटर्न फाइल करें।
अगर आपको सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज मिला है, तो उसका रिकॉर्ड भी साथ रखें। कई बार यह जानकारी Form 16 में नहीं होती, लेकिन टैक्स के दायरे में आ सकती है।
अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान शेयर, म्यूचुअल फंड या कोई प्रॉपर्टी बेची है, तो उससे जुड़े सभी दस्तावेज तैयार रखें। जैसे ब्रोकरेज स्टेटमेंट, कैपिटल गेन रिपोर्ट, खरीद और बिक्री के दस्तावेज। इससे टैक्स की सही गणना करने में आसानी होगी।
अगर आप Section 80C, 80D, एजुकेशन लोन, डोनेशन या किसी अन्य टैक्स छूट का दावा कर रहे हैं, तो उससे जुड़े सभी रसीद और प्रमाणपत्र अपने पास रखें। इन्हें ITR के साथ अपलोड नहीं करना होता, लेकिन भविष्य में जरूरत पड़ने पर आयकर विभाग मांग सकता है।
अगर आप होम लोन पर टैक्स छूट ले रहे हैं तो बैंक से मिला होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट रखें। वहीं, अगर किराये से आय होती है तो रेंट एग्रीमेंट, किराये की रसीद और नगर निगम टैक्स की रसीद भी तैयार रखें।
ITR फाइल करने से पहले यह भी सुनिश्चित करें कि आपका PAN और Aadhaar सही तरीके से लिंक है। साथ ही, जिस बैंक खाते में टैक्स रिफंड लेना चाहते हैं, उसकी जानकारी भी सही होनी चाहिए।
अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है, तो हर कंपनी से मिला Form 16 जरूर शामिल करें। सिर्फ एक कंपनी का Form 16 लगाकर रिटर्न भरने से आपकी कुल आय गलत दिखाई दे सकती है।
अगर Form 16, AIS, TIS और Form 26AS में जानकारी अलग-अलग दिख रही है, तो किसी एक दस्तावेज की जानकारी को बिना जांचे कॉपी न करें। पहले अपने रिकॉर्ड से मिलान करें। अगर AIS में गलत जानकारी है, तो AIS पोर्टल पर ऑनलाइन फीडबैक देकर उसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू करें। इसके बाद सही जानकारी के आधार पर ITR फाइल करें।
अगर आप अभी सभी दस्तावेज व्यवस्थित कर लेते हैं और हर आय का सही मिलान कर लेते हैं, तो ITR फाइल करना आसान होगा। इससे रिफंड जल्दी मिलने की संभावना बढ़ेगी और भविष्य में आयकर विभाग की ओर से नोटिस आने का जोखिम भी कम होगा।
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