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4 min read | अपडेटेड August 03, 2026, 11:45 IST
सारांश
सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस फैसले से किसानों को खाद और बीज खरीदने में मदद मिलेगी, जिससे फर्टिलाइजर स्टॉक्स पर भी असर पड़ सकता है।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के 5 साल बढ़ने से फर्टिलाइजर सेक्टर पर पड़ेगा असर।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक जारी रखने की ऐतिहासिक मंजूरी दे दी है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के संचालन के लिए अगले पांच वर्षों की अवधि में कुल 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम वित्तीय आवंटन स्वीकृत किया गया है। पीएम किसान योजना के जरिए डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर यानी DBT सिस्टम द्वारा पात्र किसान परिवारों को पारदर्शी तरीके से समय पर आय सहायता दी जा रही है।
योजना के लागू होने के बाद से अब तक पीएम किसान योजना के तहत कुल 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इन किस्तों के जरिए किसानों के अकाउंट में सीधे तौर पर 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए जा चुके हैं। हाल ही में 20 जून 2026 को जारी की गई 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को 18,984 करोड़ रुपये मिले थे। अब योजना को पांच साल का विस्तार मिलने के बाद किसानों को 24वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। यह 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में नवरात्रि के आसपास तक आने की उम्मीद है, हालांकि सरकार ने अभी किसी आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है।
नीति आयोग की DMEO रिपोर्ट के अनुसार 92% किसानों ने इस योजना से मिली राशि का उपयोग खेती और कृषि निवेश में किया है। वहीं 85% किसानों ने माना कि इससे उनकी आय बढ़ी है और इनफॉर्मल कर्ज पर उनकी निर्भरता घटी है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस सहायता राशि ने किसानों को बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य कृषि जरूरतों में समय पर निवेश करने में सक्षम बनाया है। चूंकि किसान इस पैसे का उपयोग खाद और फर्टिलाइजर खरीदने में करते हैं, इसलिए बाजार में मौजूद प्रमुख फर्टिलाइजर कंपनियों पर भी इसका असर देखने को मिलता है।
शेयर बाजार में फर्टिलाइजर और एग्रो केमिकल्स सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रहती है। 3 अगस्त 2026 तक बाजार आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स यानी आरसीएफ का मार्केट प्राइस 127.40 रुपये पर रहा, जिसका 3 साल का रिटर्न 10.83% और 5 साल का रिटर्न 49.97% रहा है। चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स का शेयर 438.90 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जिसने 3 साल में 58.39% का रिटर्न दिया है। वहीं कोरोमंडल इंटरनेशनल का शेयर 2,073.60 रुपये पर रहा, जिसने 5 सालों में 126.92% का शानदार रिटर्न दिया है।
दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स का मार्केट प्राइस 1,552.80 रुपये रहा, जिसने 5 सालों में 245.60% का जोरदार रिटर्न दिया है। इसके अलावा गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स यानी जीएसएफसी का शेयर 158.84 रुपये पर है। पारदीप फास्फेट्स का मार्केट प्राइस 147.33 रुपये दर्ज किया गया, जिसका 5 साल का रिटर्न 235.60% रहा है। शारदा क्रॉपकेम 819.75 रुपये और यूपीएल लिमिटेड 604.30 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं। वहीं बायर क्रॉपसाइंस का मार्केट प्राइस 4,234.40 रुपये और फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर यानी एफएसीटी का शेयर 826.65 रुपये पर बना हुआ है। पीएम किसान योजना से किसानों के पास पैसे पहुंचने से फर्टिलाइजर की मांग को सहारा मिलने की संभावना है।
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