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3 min read | अपडेटेड August 31, 2026, 13:57 IST
सारांश
न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के कैगा यूनिट 5 और 6 प्रोजेक्ट के लिए ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स को मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर से बड़ा ऑर्डर मिला है। यह प्रोजेक्ट 1,400 मेगावाट क्षमता का है। इस ऑर्डर से कंपनी के बिजनेस में नया सेगमेंट जुड़ गया है।

न्यूक्लियर पावर सेक्टर से पहला बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स का शेयर 3% से ज्यादा चढ़ गया है। | Image: Shutterstock
TRIL Share: पावर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (इंडिया) लिमिटेड के शेयर में आज अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। न्यूक्लियर पावर सेक्टर से बड़ा ऑर्डर मिलने की खबर आने के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई (BSE) पर कंपनी का शेयर अपने पिछले बंद भाव 303.60 रुपये के मुकाबले 9.40 पॉइंट यानी 3.10% की बढ़त के साथ 313.00 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज के कारोबारी सेशन में कंपनी का शेयर 316.05 रुपये पर खुला और इसने 327.00 रुपये का हाई बनाया।
ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (इंडिया) को न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी एनपीसीआईएल (NPCIL) के कर्नाटक स्थित कैगा यूनिट 5 और 6 न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए जनरेटर ट्रांसफॉर्मर्स की सप्लाई का एक बड़ा ऑर्डर हासिल हुआ है। यह ऑर्डर कंपनी को मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी एमईआईएल (MEIL) से प्राप्त हुआ है। न्यूक्लियर पावर सेक्टर में ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स का यह पहला ऑर्डर है। इस नए ऑर्डर के साथ ही कंपनी के बढ़ते क्रिटिकल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के पोर्टफोलियो में एक नया और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सेगमेंट जुड़ गया है।
कर्नाटक के कैगा में एनपीसीआईएल द्वारा विकसित किए जा रहे कैगा यूनिट 5 और 6 प्रोजेक्ट में दो स्वदेशी 700 MWE (मेगावाट इलेक्ट्रिकल) प्रेसराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर्स यानी PHWR शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट भारत के स्वदेशी 700 MWE PHWR प्रोग्राम का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की न्यूक्लियर पावर जनरेशन कैपेसिटी का विस्तार करना और साथ ही घरेलू टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूती प्रदान करना है। ये दोनों यूनिट मिलकर कैगा साइट पर कुल 1,400 मेगावाट की अतिरिक्त न्यूक्लियर जनरेशन कैपेसिटी जोड़ेंगी।
कंपनी द्वारा सप्लाई किए जाने वाले जनरेटर ट्रांसफॉर्मर्स इस पूरे न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बेहद क्रिटिकल हिस्सा होंगे। ये ट्रांसफॉर्मर्स न्यूक्लियर पावर यूनिट्स द्वारा जनरेट की गई बिजली के सफल इवैक्यूएशन और उसे मुख्य ट्रांसमिशन नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (India) कंपनी मुख्य रूप से कई तरह के ट्रांसफॉर्मर्स के निर्माण के बिजनेस में लगी हुई है और इस नए सेगमेंट से इसके बिजनेस पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी।
बीएसइ ग्रुप 'ए' में शामिल 1 रुपये के फेस वैल्यू वाले इस शेयर ने 23 सितंबर 2025 को 552.00 रुपये का 52 हफ्तों का उच्च स्तर और 2 फरवरी 2026 को 224.30 रुपये का 52 हफ्तों का निचला स्तर छुआ था। पिछले एक हफ्ते में इस शेयर का उच्च स्तर 327.00 रुपये और निचला स्तर 299.00 रुपये रहा है। वर्तमान में कंपनी का कुल मार्केट कैप 9,395.19 करोड़ रुपये है। शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 64.36% है। इसके अलावा इंस्टीट्यूशंस के पास 9.32% और नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के पास 26.32% हिस्सा है।
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