return to news
  1. HRA से 80C तक: टैक्स सेविंग के चक्कर में न करें ये आम गलतियां, वरना हो सकता है नुकसान

पर्सनल फाइनेंस

HRA से 80C तक: टैक्स सेविंग के चक्कर में न करें ये आम गलतियां, वरना हो सकता है नुकसान

Upstox

2 min read | अपडेटेड June 06, 2026, 15:24 IST

सारांश

LTA के मामले में भी लोग अक्सर गलती कर बैठते हैं। कई कर्मचारी छुट्टियों के पूरे खर्च को LTA में शामिल करने की कोशिश करते हैं, जबकि इस छूट में केवल यात्रा का किराया शामिल होता है। होटल, खाना या घूमने-फिरने का खर्च इसमें नहीं जोड़ा जा सकता।

Income Tax Return

Income Tax Return: बड़ी गलती तब होती है जब लोग नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था के नियमों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं।

ITR 2026: कई टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न दाखिल करने की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि जल्दबाजी में लिए गए फैसले कई बार महंगे पड़ सकते हैं। खासकर HRA, LTA और Section 80C से जुड़ी गलतियां टैक्स बचत कम करने के साथ-साथ भविष्य में परेशानी भी खड़ी कर सकती हैं। सबसे बड़ी गलती तब होती है जब लोग नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था के नियमों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। HRA, LTA और Section 80C जैसी ज्यादातर छूट नई टैक्स व्यवस्था में उपलब्ध नहीं हैं।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

LTA में क्या-क्या नहीं किया जा सकता क्लेम

LTA के मामले में भी लोग अक्सर गलती कर बैठते हैं। कई कर्मचारी छुट्टियों के पूरे खर्च को LTA में शामिल करने की कोशिश करते हैं, जबकि इस छूट में केवल यात्रा का किराया शामिल होता है। होटल, खाना या घूमने-फिरने का खर्च इसमें नहीं जोड़ा जा सकता। इसलिए यात्रा से जुड़े टिकट और अन्य जरूरी दस्तावेज संभालकर रखना जरूरी है।

HRA क्लेम करते समय इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप किराए के मकान में रहते हैं और HRA का लाभ लेना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होता है। HRA की छूट केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलती है। यदि सालभर में दिया गया किराया ₹1 लाख से ज्यादा है, तो मकान मालिक का PAN देना जरूरी होता है। वहीं, माता-पिता को किराया देकर HRA क्लेम करना पूरी तरह वैध है, लेकिन इसके लिए किराया वास्तव में देना चाहिए और उसका रिकॉर्ड भी होना चाहिए।

Section 80C में जल्दबाजी से बचें

Section 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है। लेकिन सिर्फ टैक्स बचाने के लिए किसी भी योजना में पैसा लगा देना सही नहीं है। निवेश हमेशा अपनी जरूरत, लक्ष्य और रिटर्न को ध्यान में रखकर करना चाहिए। कई लोग टैक्स बचाने के चक्कर में ऐसी बीमा योजनाएं खरीद लेते हैं जो लंबे समय में ज्यादा फायदा नहीं देतीं।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख