return to news
  1. FII Tax Exemption: विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड पर बड़ी टैक्स राहत, समझिए हर जरूरी बात

पर्सनल फाइनेंस

FII Tax Exemption: विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड पर बड़ी टैक्स राहत, समझिए हर जरूरी बात

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 05, 2026, 18:16 IST

सारांश

सरकार का मानना है कि इस फैसले से भारत के सरकारी बॉन्ड विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनेंगे। जब निवेशकों को टैक्स नहीं देना पड़ेगा तो उनकी वास्तविक (पोस्ट-टैक्स) कमाई बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे विदेशी निवेशकों का रिटर्न लगभग 15% से 20% तक बेहतर हो सकता है।

Tax

इस फैसले का एक बड़ा फायदा यह भी माना जा रहा है कि इससे भारत के बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश बढ़ सकता है।

FII Tax Exemption: सरकार ने विदेशी निवेशकों (FII/FPI) को भारत के सरकारी बॉन्ड में निवेश के लिए बड़ी टैक्स राहत दी है। इनकम टैक्स अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस 2026 के तहत अब विदेशी संस्थागत निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों से होने वाली ब्याज आय और पूंजीगत लाभ पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

क्या बदला है?

सरल शब्दों में समझें तो यदि कोई विदेशी निवेशक भारत सरकार के बॉन्ड खरीदता है और उससे उसे ब्याज मिलता है या बाद में बॉन्ड बेचकर मुनाफा कमाता है, तो उस कमाई पर अब भारत में टैक्स नहीं लगेगा। पहले इन कमाईयों पर अलग-अलग दरों से टैक्स देना पड़ता था, जो कुछ मामलों में 20% से 30% तक भी पहुंच सकता था।

किन निवेशकों को मिलेगा फायदा?

यह छूट Foreign Institutional Investors (FIIs) और Foreign Portfolio Investors (FPIs) को मिलेगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था Bank for International Settlements (BIS) को भी इसी तरह की टैक्स छूट दी गई है।

विदेशी निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

सरकार का मानना है कि इस फैसले से भारत के सरकारी बॉन्ड विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनेंगे। जब निवेशकों को टैक्स नहीं देना पड़ेगा तो उनकी वास्तविक (पोस्ट-टैक्स) कमाई बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे विदेशी निवेशकों का रिटर्न लगभग 15% से 20% तक बेहतर हो सकता है।

सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेश कितना है?

विदेशी निवेशक आमतौर पर दो रास्तों से भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करते हैं- General Route और Fully Accessible Route (FAR)। 12 मई 2026 तक विदेशी निवेशकों का सरकारी बॉन्ड में कुल निवेश करीब ₹3.75 लाख करोड़ था, जिसमें FAR के जरिए सबसे बड़ा हिस्सा निवेश किया गया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है?

इस फैसले का एक बड़ा फायदा यह भी माना जा रहा है कि इससे भारत के बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश बढ़ सकता है। ज्यादा विदेशी निवेश आने से सरकार के लिए उधार जुटाना आसान हो सकता है, भारतीय बॉन्ड की वैश्विक मांग बढ़ सकती है और लंबे समय में रुपये को भी मजबूती मिल सकती है।

आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?

यह राहत सीधे तौर पर विदेशी निवेशकों के लिए है, लेकिन अगर इससे देश में अधिक विदेशी पूंजी आती है तो बॉन्ड बाजार मजबूत होगा, सरकार की फंडिंग लागत कम हो सकती है और भारतीय वित्तीय बाजारों को भी इसका फायदा मिल सकता है। कुल मिलाकर, यह कदम भारत को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख