पर्सनल फाइनेंस
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5 min read | अपडेटेड July 16, 2026, 13:44 IST
सारांश
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है और अब तक दो करोड़ से अधिक लोग रिटर्न फाइल कर चुके हैं। टैक्स फाइलिंग में बैंक खातों या एफडी से मिले ब्याज की जानकारी छिपाने की भूल से बचने के लिए ब्याज प्रमाणपत्र यानी इंटरेस्ट सर्टिफिकेट बहुत जरूरी है।

टैक्स नोटिस और पेनल्टी से बचने के लिए आईटीआर भरने से पहले डाउनलोड करें ब्याज प्रमाणपत्र।
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर दाखिल करने की प्रक्रिया पूरे देश में बहुत तेजी से चल रही है। अब तक दो करोड़ से अधिक करदाता अपना रिटर्न फाइल कर चुके हैं। टैक्स फाइलिंग के दौरान अक्सर लोग एक बड़ी गलती कर बैठते हैं, वे अपने बैंक खातों या एफडी यानी फिक्सड डिपॉजिट से मिले ब्याज की जानकारी देना भूल जाते हैं। इस छोटी सी गलती के कारण टैक्स विभाग से नोटिस आ सकता है या भारी पेनल्टी लग सकती है।
ब्याज प्रमाणपत्र आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है। यह किसी एक वित्तीय वर्ष के दौरान आपके तमाम बैंक खातों पर कमाए गए कुल ब्याज को दिखाता है। इस एक दस्तावेज में आपको कई खातों की जानकारी बहुत आसानी से मिल जाती है। इसमें बचत खाते पर मिला ब्याज, फिक्सड डिपॉजिट यानी एफडी पर मिला ब्याज, रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD पर मिला ब्याज और अन्य कोई भी सरकारी या बैंक जमा योजनाओं से मिला ब्याज शामिल होता है। इसके जरिए आप बिना किसी गलती के अपना सही टैक्स कैलकुलेट कर सकते हैं।
अगर आपका खाता देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI में है, तो आप घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग के जरिए इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले एसबीआई की पर्सनल बैंकिंग वेबसाइट पर जाएं और अपने यूजरनेम और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें। होम पेज पर ऊपर दिए गए मेनू बार से ई-सर्विसेज वाले विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद सामने आने वाले ड्रॉप-डाउन मेनू में से माई सर्टिफिकेट्स को चुनें। अब यहां आपको इंटरेस्ट सर्टिफिकेट का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। इसके बाद संबंधित वित्तीय वर्ष जैसे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 को चुनें और सबमिट कर दें। इसके बाद स्क्रीन पर आपको पीडीएफ फाइल देखने या उसे सीधे डाउनलोड करने का विकल्प मिल जाएगा। उसे अपने डिवाइस में सेव कर लें।
एचडीएफसी बैंक से डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले एचडीएफसी बैंक के नेटबैंकिंग पेज पर जाएं और अपनी क्रेडेंशियल्स के साथ लॉग इन करें। लॉग इन करने के बाद ऊपर दिए गए अकाउंट्स सेक्शन पर क्लिक करें। इसके बाद बायीं तरफ या क्विक लिंक्स के अंतर्गत दिए गए डाउनलोड इंटरेस्ट सर्टिफिकेट के विकल्प पर क्लिक करें। अपना खाता नंबर चुनें और संबंधित वित्तीय वर्ष या तारीख की अवधि दर्ज करें। इसके बाद डाउनलोड बटन पर क्लिक करके पीडीएफ फाइल को अपने कंप्यूटर या मोबाइल में सुरक्षित कर लें।
आईसीआईसीआई बैंक से यह सर्टिफिकेट पाने के लिए सबसे पहले आईसीआईसीआई बैंक के नेट बैंकिंग पोर्टल पर जाकर अपने अकाउंट में लॉग इन करें। इसके बाद मेनू बार में दिख रहे पेमेंट एंड ट्रांसफर टैब पर क्लिक करें और फिर टैक्स सेंटर के विकल्प को चुनें। यहां आपको इंटरेस्ट सर्टिफिकेट का सेक्शन दिखाई देगा, उसके नीचे दिए गए डाउनलोड विकल्प पर क्लिक करें। अपना अकाउंट नंबर चुनें और ड्रॉप-डाउन मेनू से संबंधित वित्तीय वर्ष का चुनाव करें। इसके बाद आपका पीडीएफ डाउनलोड हो जाएगा, जिसका इस्तेमाल आप आईटीआर भरने में कर सकते हैं।
पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी के ग्राहकों को सबसे पहले पीएनबी की इंटरनेट बैंकिंग वेबसाइट पर जाकर अपने अकाउंट में लॉग इन करना होगा। इसके बाद मुख्य डैशबोर्ड पर दिए गए मैनेज अकाउंट्स विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद डिपॉजिट अकाउंट्स वाले विकल्प को चुनें। अब ड्रॉप-डाउन मेनू से संबंधित वित्तीय वर्ष और अपनी कस्टमर आईडी को सिलेक्ट करें और अंत में सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका ब्याज प्रमाणपत्र स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।
इंडिया पोस्ट यानी पोस्ट ऑफिस के यूजर्स इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल इबैंकिंग डॉट इंडियापोस्ट डॉट जीओवी डॉट इन पर जाएं और अपनी यूजर आईडी व पासवर्ड से लॉग इन करें। अगर आपने अभी तक नेट बैंकिंग चालू नहीं की है, तो आप अपनी नजदीकी पोस्ट ऑफिस शाखा में जाकर इसके लिए पंजीकरण करा सकते हैं। पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद डैशबोर्ड पर दिए गए अकाउंट्स टैब पर जाएं। इस टैब के अंदर आपको इंटरेस्ट सर्टिफिकेट का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। अपना संबंधित पोस्ट ऑफिस अकाउंट और वित्तीय वर्ष चुनें और डाउनलोड पर क्लिक करके अपना ब्याज प्रमाणपत्र जनरेट और सेव कर लें।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फाइलिंग के समय किसी भी तरह के जुर्माने से बचने के लिए आखिरी तारीखों का खास ध्यान रखना चाहिए। सामान्य टैक्सपेयर्स जिनके पास सैलरी और कैपिटल गेन्स की आय है, उनके लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है। इसके अलावा जिन लोगों की बिजनेस इनकम है और उन्हें ऑडिट की जरूरत नहीं है, वे आईटीआर-3 और आईटीआर-4 को 31 अगस्त 2026 तक भर सकते हैं। जिन बिजनेस मामलों में ऑडिट की जरूरत होती है, उनके लिए आईटीआर-3 और आईटीआर-4 भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।
ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट वाले बिजनेस यानी अंतरराष्ट्रीय या विशिष्ट घरेलू लेनदेन के लिए 30 नवंबर 2026 अंतिम तिथि है। समय सीमा समाप्त होने के बाद देर से भरा जाने वाला बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक भरा जा सकता है, जबकि फाइल किए गए टैक्स रिटर्न में सुधार करने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल किया जा सकता है। इन तारीखों से पहले अपना रिटर्न भरकर आप किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं।
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