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  1. स्टेप-अप SIP: हर महीने सिर्फ ₹1000 ज्यादा निवेश और बदल सकती है आपके रिटायरमेंट की पूरी गणित?

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स्टेप-अप SIP: हर महीने सिर्फ ₹1000 ज्यादा निवेश और बदल सकती है आपके रिटायरमेंट की पूरी गणित?

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 02, 2026, 18:12 IST

सारांश

रिटायरमेंट प्लानिंग में सिर्फ SIP शुरू करना ही काफी नहीं है। कमाई बढ़ने के साथ निवेश की रकम भी बढ़ाना जरूरी है। Step-Up SIP इसी काम को आसान बनाता है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में रिटर्न की गारंटी नहीं होती।

SIP

अगर SIP की रकम भी बढ़ाई जाए तो रिटायरमेंट के समय मिलने वाला फंड काफी बड़ा हो सकता है।

रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करते समय ज्यादातर लोग एक तय रकम की SIP शुरू करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे कमाई बढ़ती है, अगर SIP की रकम भी बढ़ाई जाए तो रिटायरमेंट के समय मिलने वाला फंड काफी बड़ा हो सकता है। इसे Step-Up SIP कहा जाता है। इसमें हर साल SIP की रकम एक तय प्रतिशत से बढ़ाई जाती है। यहां हम समझेंगे कि Step-Up SIP की मदद से आप कैसे बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

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Step-Up SIP क्या है?

मान लीजिए आप हर महीने ₹5000 की SIP शुरू करते हैं और हर साल इसमें 10% की बढ़ोतरी करते हैं। यानी पहले साल ₹5000, अगले साल ₹5,500 और उसके बाद ₹6,050 महीने की SIP होगी। इस तरह आपकी कमाई बढ़ने के साथ निवेश भी धीरे-धीरे बढ़ता रहता है। रिटायरमेंट प्लानिंग में इसका फायदा यह है कि शुरुआत में बहुत बड़ी रकम निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ती। छोटी रकम से शुरुआत करके समय के साथ निवेश बढ़ाया जा सकता है।

₹5000 की SIP से कितना फंड?

मान लेते हैं कि आप ₹5000 की मासिक SIP से शुरुआत करते हैं, हर साल SIP में 10% का Step-Up करते हैं और निवेश 20 साल तक जारी रखते हैं। अगर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो इस दौरान करीब ₹34.36 लाख निवेश होगा।

इस निवेश पर अनुमानित रिटर्न करीब ₹65.08 लाख हो सकता है। यानी 20 साल बाद कुल फंड करीब ₹99.44 लाख तक पहुंच सकता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें सिर्फ आपका निवेश ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि पहले से जमा रकम पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाता है। यही कंपाउंडिंग का फायदा है।

सिर्फ ₹1,000 ज्यादा से कितना फर्क?

अब शुरुआत ₹5,000 की जगह ₹6,000 महीने की SIP से करते हैं और बाकी शर्तें वही रखते हैं। यानी 10% सालाना Step-Up, 20 साल की अवधि और 12% अनुमानित रिटर्न। इस स्थिति में कुल निवेश करीब ₹41.24 लाख हो जाता है और अनुमानित रिटर्न करीब ₹78.09 लाख हो सकता है। यानी कुल कॉर्पस लगभग ₹1.19 करोड़ तक पहुंच सकता है। इस तरह शुरुआत में सिर्फ ₹1000 ज्यादा SIP करने से 20 साल बाद अनुमानित कॉर्पस में करीब ₹20 लाख का अंतर आ सकता है।

25 साल में असर और बड़ा

रिटायरमेंट के लिए अगर निवेश का समय 25 साल तक बढ़ा दिया जाए, तो कंपाउंडिंग का असर और ज्यादा दिखाई देता है। ₹5,000 की शुरुआती SIP और हर साल 10% Step-Up के साथ 25 साल में करीब ₹2.13 करोड़ का कॉर्पस बन सकता है। वहीं अगर शुरुआत ₹6,000 की SIP से की जाए और बाकी शर्तें समान रहें, तो अनुमानित कॉर्पस करीब ₹2.56 करोड़ हो सकता है। यानी शुरुआती ₹1,000 का अतिरिक्त निवेश लंबे समय में करीब ₹43 लाख का अंतर पैदा कर सकता है।

रिटायरमेंट के लिए क्या सीख?

इस गणित से सबसे बड़ी सीख यह है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में सिर्फ SIP शुरू करना ही काफी नहीं है। कमाई बढ़ने के साथ निवेश की रकम भी बढ़ाना जरूरी है। Step-Up SIP इसी काम को आसान बनाता है। यहां यह समझना जरूरी है कि 12% रिटर्न सिर्फ एक अनुमान है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में रिटर्न की गारंटी नहीं होती। वास्तविक कॉर्पस बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। फिर भी, लंबी अवधि, नियमित निवेश और समय-समय पर SIP बढ़ाने की आदत रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करने में मदद कर सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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