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ITR में विदेशी संपत्ति बताना भूल गए? सरकार ने दिया सुधार का मौका, जानें FAST-DS के नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 15, 2026, 13:15 IST

सारांश

यह योजना उन लोगों के लिए है जिन्होंने रिटर्न दाखिल नहीं किया, रिटर्न दाखिल किया लेकिन विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी नहीं दी, या जिनकी विदेशी आय या संपत्ति असेसमेंट में छूट गई।

ITR Filing 2026

CBDT ने फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स–डिसक्लोजर स्कीम (FAST-DS), 2026 को अधिसूचित किया है।

अगर आपके पास विदेश में बैंक अकाउंट, निवेश, प्रॉपर्टी या कोई विदेशी आय है और आपने इसे इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में नहीं बताया है, तो आपके पास इसे घोषित करने का एक मौका है। CBDT ने फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स–डिसक्लोजर स्कीम (FAST-DS), 2026 को अधिसूचित किया है। यह योजना 16 अगस्त 2026 से लागू होगी और इसके तहत 31 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन घोषणा की जा सकती है।

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कौन कर सकता है आवेदन?

यह योजना उन लोगों के लिए है जिन्होंने रिटर्न दाखिल नहीं किया, रिटर्न दाखिल किया लेकिन विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी नहीं दी, या जिनकी विदेशी आय या संपत्ति असेसमेंट में छूट गई। आम तौर पर संबंधित साल में भारत के निवासी रहे टैक्सपेयर्स इसका लाभ ले सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति अभी NRI या RNOR है, लेकिन जिस साल विदेशी आय हुई या संपत्ति खरीदी गई उस समय भारत का निवासी था, तो वह भी पात्र हो सकता है।

विदेशी आय पर टैक्स नहीं दिया तो कितना भुगतान?

अगर विदेशी आय या संपत्ति पहले टैक्स के दायरे में ही नहीं लाई गई थी, तो कुल घोषित रकम ₹1 करोड़ तक होनी चाहिए। इस पर 30% टैक्स और टैक्स के बराबर यानी 100% अतिरिक्त रकम देनी होगी। यानी कुल भुगतान प्रभावी तौर पर 60% होगा।

उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति के पास ₹60 लाख का विदेशी बैंक अकाउंट और ₹20 लाख की ऐसी विदेशी आय है, जिस पर टैक्स नहीं दिया गया, तो कुल रकम ₹80 लाख होगी और भुगतान ₹48 लाख करना होगा।

टैक्स दिया, लेकिन विदेशी संपत्ति बताना भूल गए?

दूसरी स्थिति में नियम काफी अलग हैं। अगर विदेशी संपत्ति से जुड़ी आय पर पहले ही टैक्स दिया जा चुका है, लेकिन ITR में विदेशी संपत्ति की जानकारी देना भूल गए, तो यह श्रेणी लागू हो सकती है। इसमें विदेशी संपत्तियों की कुल वैल्यू ₹5 करोड़ तक हो सकती है और सिर्फ ₹1 लाख की फ्लैट फीस देनी होगी। ₹5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति होने पर इस श्रेणी का लाभ नहीं मिलेगा।

कैसे होगी घोषणा?

विदेशी संपत्तियों की वैल्यू निकालने के लिए 31 मार्च 2026 की स्थिति देखी जाएगी। अलग-अलग संपत्तियों के लिए अलग वैल्यूएशन नियम हैं। पूरी रकम भारतीय रुपये में बतानी होगी। घोषणा ऑनलाइन Form 1 में की जाएगी और जरूरत के अनुसार दस्तावेज व वैल्यूएशन रिपोर्ट भी देनी होगी।

जांच के बाद टैक्स विभाग Form 2 के जरिए भुगतान की जानकारी देगा। आम तौर पर भुगतान के लिए आदेश मिलने वाले महीने के अंत से दो महीने का समय मिलेगा। देरी होने पर अतिरिक्त समय मिल सकता है, लेकिन उस पर हर महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए 1% ब्याज देना होगा।

घोषणा के बाद क्या फायदा मिलेगा?

सही तरीके से घोषणा और भुगतान पूरा होने पर संबंधित विदेशी आय या संपत्ति के लिए ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के तहत अतिरिक्त टैक्स, पेनल्टी और अभियोजन से राहत मिलेगी। हालांकि, अपराध से हुई आय या कुछ लंबित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों जैसी स्थितियां इस योजना के दायरे से बाहर हैं।

इसलिए सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी विदेशी संपत्ति या आय पर पहले टैक्स दिया गया था या नहीं। इसी आधार पर तय होगा कि आपको 60% भुगतान वाली श्रेणी मिलेगी या ₹1 लाख फीस वाली श्रेणी।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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