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EPF Rules: करियर ब्रेक में पीएफ निकालना सही या गलत? समझिए ब्याज समेत पूरी डीटेल

Upstox

4 min read | अपडेटेड August 03, 2026, 15:03 IST

सारांश

नौकरी छोड़ने या करियर ब्रेक लेने पर भी EPF खाते पर 58 साल की उम्र तक 8.25% की दर से ब्याज मिलता रहता है। नौकरी छूटने पर 75% बैलेंस तुरंत निकाला जा सकता है। 5 साल की सेवा से पहले निकासी पर टैक्स लगता है।

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नौकरी छोड़ने या करियर ब्रेक लेने के बाद भी EPF खाते में जमा पैसों पर मिलता रहता है तय ब्याज।

आजकल बहुत से लोग अपनी नौकरी के बीच में एक से दो साल का करियर ब्रेक ले लेते हैं। कोई आगे पढ़ाई या उच्च शिक्षा के लिए नौकरी छोड़ता है तो कोई परिवार की जिम्मेदारियों के कारण काम से ब्रेक लेता है। इसके अलावा कुछ लोग स्वास्थ्य कारणों से या नौकरी छूटने की वजह से भी कुछ समय तक काम नहीं करते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि नौकरी छोड़ने के बाद उनके EPF खाते में जमा पैसों का क्या होगा। लोग अक्सर यह सोचते हैं कि क्या नौकरी छोड़ने के बाद जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा या फिर पूरा पैसा निकाल लेना ही सही फैसला रहेगा। अगर आपने नौकरी छोड़ दी है तो आपका EPF खाता बंद नहीं होता और उसमें जमा पूरी रकम आपकी ही रहती है। अगर कुछ समय तक नई नौकरी नहीं मिलती है और खाते में नई रकम जमा नहीं होती है तब भी पहले से जमा पैसों पर EPFO तय नियमों के अनुसार ब्याज देता रहता है।

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जानिए कब तक मिलता रहेगा ब्याज?

EPFO के नियमों के अनुसार अगर आपने नौकरी छोड़ दी है तब भी 58 वर्ष की उम्र तक आपके EPF खाते में जमा रकम पर लगातार ब्याज मिलता रहेगा। हालांकि इसमें एक विशेष नियम भी शामिल है। अगर कोई व्यक्ति 55 वर्ष या उसके बाद अपनी नौकरी छोड़ता है तो उसे अधिकतम 3 साल तक ही ब्याज दिया जाएगा। इसके बाद उस खाते को निष्क्रिय मान लिया जाएगा और उस पर आगे ब्याज नहीं दिया जाएगा। फिलहाल वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% सालाना ब्याज तय किया गया है। इसलिए अगर आप बीच में कोई ब्रेक ले रहे हैं तो आपको ब्याज बंद होने की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

क्या करियर ब्रेक में पैसा निकालना सही है?

नए EPF नियमों के तहत नौकरी छूटने के तुरंत बाद कर्मचारी अपने EPF बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाल सकते हैं। वहीं बाकी बचा 25% रकम तभी निकाली जा सकती है जब कर्मचारी लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहे। पहले के मुकाबले अब निकासी की रकम में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान और उस पर मिला ब्याज भी शामिल होता है। हालांकि जानकारों का मानना है कि करियर ब्रेक के दौरान जल्दबाजी में EPF का पैसा निकालने से बचना चाहिए। अगर आप करियर ब्रेक के समय पैसा निकाल लेते हैं तो आपके फ्यूचर के रिटायरमेंट फंड पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है और आपकी बचत कम हो सकती है।

पीएफ खाते से पैसा निकालते समय टैक्स के नियमों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर आपने लगातार 5 साल की नौकरी पूरी नहीं की है और उससे पहले ही पैसा निकालते हैं तो आपको EPF निकासी पर टैक्स देना पड़ सकता है। वहीं अगर आपने कम से कम 5 साल की लगातार सेवा पूरी कर ली है और उसके बाद रिटायरमेंट, इस्तीफा, बीमारी, दिव्यांगता, कंपनी बंद होने या अन्य किसी मान्य कारण से पैसा निकालते हैं तो पूरा EPF बैलेंस पूरी तरह से टैक्स फ्री रहता है। इसलिए 5 साल की सेवा पूरी होने से पहले पैसा निकालने पर टैक्स का नुकसान झेलना पड़ता है।

क्लेम में देरी पर कहां करें शिकायत

कई बार EPFO द्वारा जमा किया गया ब्याज पासबुक में दिखाई देने में थोड़ा समय लग जाता है। लेकिन अगर आपका खाता नियमों के अनुसार एक्टिव है तो ब्याज मिलना तय होता है। अगर आपने ऑनलाइन क्लेम के लिए अप्लाई किया है तो आमतौर पर 7 से 10 दिनों में उसका निपटारा कर दिया जाता है। इसके लिए खाते में KYC पूरी होना बहुत जरूरी है। अगर 20 दिनों के भीतर आपके क्लेम का निपटारा नहीं होता है तो सदस्य EPFiGMS पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नए नियमों के अनुसार अगर बिना किसी उचित कारण के तय समय में क्लेम का निपटारा नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी पर 12% सालाना पेनल ब्याज भी लगाया जा सकता है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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