return to news
  1. रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत: अब CGHS पेंशनर कार्ड बनवाना होगा और आसान

पर्सनल फाइनेंस

रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत: अब CGHS पेंशनर कार्ड बनवाना होगा और आसान

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 23, 2026, 19:02 IST

सारांश

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoH&FW) और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) की इस नई पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट के तुरंत बाद कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक देरी के मिल सके।

CGHS

CGHS: कोई कर्मचारी चाहे तो पहले की तरह सीधे CGHS पोर्टल के जरिए भी पेंशनर कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है।

अगर आप केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हैं और जल्द रिटायर होने वाले हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब CGHS (Central Government Health Scheme) पेंशनर कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। केंद्र सरकार ने CGHS ऑनलाइन सिस्टम को भविष्य (Bhavishya) पोर्टल से जोड़ दिया है, जिससे रिटायर होने वाले कर्मचारियों को कम कागजी कार्रवाई करनी पड़ेगी और आवेदन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoH&FW) और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) की इस नई पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट के तुरंत बाद कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक देरी के मिल सके।

अब बार-बार जानकारी भरने की जरूरत नहीं

नई व्यवस्था के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारी जब Bhavishya पोर्टल के जरिए आवेदन करेंगे, तो उनकी पेंशन से जुड़ी पहले से सत्यापित जानकारी अपने आप CGHS पेंशनर कार्ड के आवेदन फॉर्म में आ जाएगी। इससे बार-बार एक ही जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी और गलतियों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।

सरकार ने PAN को दोनों पोर्टलों के बीच डेटा सत्यापन और जानकारी साझा करने के लिए एक यूनिक पहचान (Unique Identifier) बनाया है। इससे आवेदन प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित और तेज होगी।

ऐसे मिलेगा CGHS पेंशनर कार्ड

जब संबंधित कार्यालय का Head of Office पेंशन से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर देगा और Pension Payment Order (PPO) जारी हो जाएगा, तब कर्मचारी BharatKosh पेमेंट गेटवे के जरिए CGHS का निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

इसके बाद CGHS पेंशनर कार्ड डिजिटल रूप से तैयार हो जाएगा। कर्मचारी इसे CGHS पोर्टल और Bhavishya पोर्टल, दोनों जगह से डाउनलोड कर सकेंगे। इससे कार्यालयों के चक्कर लगाने और कागजी दस्तावेज जमा करने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

पुराना तरीका भी रहेगा जारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नई सुविधा एक अतिरिक्त विकल्प है। अगर कोई कर्मचारी चाहे तो पहले की तरह सीधे CGHS पोर्टल के जरिए भी पेंशनर कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। यानी अब रिटायर होने वाले कर्मचारियों के पास अपनी सुविधा के अनुसार दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

रिटायर कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत अक्सर बढ़ जाती है। ऐसे समय में अगर CGHS पेंशनर कार्ड बनने में देरी हो जाए, तो इलाज और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। नई डिजिटल व्यवस्था से आवेदन की प्रक्रिया तेज होगी, कागजी काम कम होगा और दस्तावेजों की दोबारा जांच की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

सरकार का मानना है कि इससे रिटायर होने वाले कर्मचारियों को समय पर CGHS की सुविधाएं मिल सकेंगी। इसी वजह से सभी केंद्रीय मंत्रालयों और सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को इस नई सुविधा की जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

अगला लेख