पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड September 20, 2026, 13:29 IST
सारांश
पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने NPS स्वास्थ्य स्कीम के फाइनल रूल्स नोटिफाई कर दिए हैं। इस योजना का मुख्य मकसद खाताधारकों को रिटायरमेंट फंड के साथ-साथ बीमारियों के दौरान हेल्थ प्रोटेक्शन देना है। इसके तहत 30 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर मिलेगा और इलाज के लिए 25% तक विड्रॉल की सुविधा दी जाएगी।

NPS स्वास्थ्य में दो अलग हिस्से इन्वेस्टमेंट अकाउंट और सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होंगे।
पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत NPS स्वास्थ्य स्कीम के फाइनल रूल्स नोटिफाई कर दिए हैं। इन नए दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य NPS खाताधारकों को रिटायरमेंट फंड के साथ-साथ गंभीर बीमारियों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत सब्सक्राइबर्स को 30 लाख रुपये तक का अनिवार्य हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वृद्धावस्था में अस्पताल और इलाज के भारी-भरकम खर्चों की चिंता दूर हो सके। इसके साथ ही नए नियमों में चिकित्सा संबंधी जरूरतों के लिए NPS कॉर्पस से पार्शियल विड्रॉल का दायरा और सीमा तय कर दी गई है। NPS स्वास्थ्य को रिटायरमेंट सेविंग और हेल्थकेयर सुविधाओं का लाभ एक साथ देने के लिए तैयार किया गया है।
NPS स्वास्थ्य के फाइनल फ्रेमवर्क के तहत इसके दो अलग-अलग हिस्से होंगे। इसमें एक NPS स्वास्थ्य इन्वेस्टमेंट अकाउंट और एक अलग सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी शामिल होगी। योजना में एनरोलमेंट के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लेना अनिवार्य रखा गया है, हालांकि NPS अकाउंट और इंश्योरेंस पॉलिसी कानूनी और ऑपरेशनल तौर पर अलग-अलग रहेंगे। NPS में शामिल होने के लिए योग्य कोई भी व्यक्ति इन गाइडलाइंस के अनुसार NPS स्वास्थ्य में एनरोल कर सकता है।
इस योजना के मुख्य प्रावधानों में से एक हेल्थकेयर से जुड़े पार्शियल विड्रॉल की लिमिट है। सब्सक्राइबर योग्य हेल्थकेयर खर्चों के लिए NPS स्वास्थ्य अकाउंट में किए गए योगदान का 25% तक निकाल सकता है। इसमें तय आउटपेशेंट और इनपेशेंट खर्च शामिल हो सकते हैं। पार्शियल विड्रॉल की संख्या पर कोई रोक नहीं लगाई गई है और PFRDA ने पहले या बाद के विड्रॉल के लिए कोई न्यूनतम वेटिंग पीरियड तय नहीं किया है। हालांकि यह पैसा सीधे सब्सक्राइबर को नहीं दिया जाएगा। इसका भुगतान सीधे अस्पताल, हेल्थकेयर प्रोवाइडर या अन्य योग्य संस्था को मंजूर किए गए इलाज के खर्च के लिए किया जाएगा। यदि एक बार में होने वाला योग्य इनपेशेंट खर्च पार्शियल विड्रॉल से मिलने वाली राशि से अधिक हो जाता है, तो समय से पहले एग्जिट का प्रावधान भी रखा गया है।
योजना में न्यूनतम शुरुआती योगदान पहले साल के इंश्योरेंस प्रीमियम से जुड़ा है। इसमें सालाना मेंटेनेंस चार्ज के तौर पर 200 रुपये (साथ में लागू टैक्स) और NPS स्वास्थ्य अकाउंट में इन्वेस्टमेंट के तौर पर 1,000 रुपये भी शामिल हैं। इसके बाद का न्यूनतम योगदान 10 रुपये रखा गया है। पेंशन फंड इस कॉर्पस को मैनेज करने के लिए सालाना 0.08% तक का चार्ज (साथ में लागू टैक्स) ले सकता है। इंश्योरेंस का हिस्सा फैमिली फ्लोटर के रूप में बनाया गया है, जिसमें सब्सक्राइबर, जीवनसाथी और दो तक आश्रित बच्चे शामिल हैं। इसमें माता-पिता शामिल नहीं हैं। इसमें 10,000 रुपये डिडक्टिबल पर 1 लाख का कवर, 50,000 रुपये डिडक्टिबल पर 5 लाख का कवर, 1 लाख रुपये डिडक्टिबल पर 10 लाख का कवर और 3 लाख रुपये डिडक्टिबल पर 30 लाख रुपये का कवर चुनने के चार विकल्प मौजूद हैं। इसमें शामिल होने की उम्र 18 से 70 साल है, जिसे 85 साल की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है।
अगर इंश्योरेंस रिन्यूअल प्रीमियम भरने के लिए NPS स्वास्थ्य बैलेंस काफी नहीं होता है, तो पेंशन फंड रिन्यूअल से 90, 60 और 30 दिन पहले सब्सक्राइबर को अलर्ट भेजेगा। तय ग्रेस पीरियड के बाद भी प्रीमियम भुगतान न होने पर अकाउंट बंद करके इसे ऑल सिटिजन मॉडल वाले NPS अकाउंट में बदल दिया जाएगा। इंश्योरेंस पॉलिसी में 30 दिन का शुरुआती वेटिंग पीरियड रहेगा, जबकि पहले से मौजूद बीमारियों के लिए 12 महीने का वेटिंग पीरियड तय है। सब्सक्राइबर ऑल सिटिजन मॉडल के तहत अपने पुराने अकाउंट से डिडक्टिबल राशि तक फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। स्वास्थ्य अकाउंट बंद होने से सब्सक्राइबर के किसी दूसरे NPS अकाउंट पर कोई असर नहीं पड़ता है।
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