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  1. 8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों ने सौंपा नया सैलरी फॉर्मूला, 5% सालाना इंक्रीमेंट की मांग

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8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों ने सौंपा नया सैलरी फॉर्मूला, 5% सालाना इंक्रीमेंट की मांग

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 27, 2026, 19:15 IST

सारांश

8th Pay Commission: रेलवे तकनीकी सुपरवाइजर्स का कहना है कि उनका काम सुरक्षा से जुड़ा होता है। उन्हें ट्रेन संचालन, रखरखाव और 24 घंटे तकनीकी निगरानी जैसे अहम काम करने पड़ते हैं। इसलिए उनकी सैलरी और प्रमोशन व्यवस्था अलग होनी चाहिए।

8th pay commission

8th pay commission: एसोसिएशन ने हर साल 5% इंक्रीमेंट और प्रमोशन के समय दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने की भी मांग की है।

8th Pay Commission: इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन (IRTSA) ने 8वें वेतन आयोग के लिए रेलवे कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने और नई पे स्ट्रक्चर लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि तकनीकी कर्मचारियों का काम ज्यादा जिम्मेदारी और जोखिम वाला होता है, इसलिए उन्हें सामान्य कर्मचारियों से अलग वेतन व्यवस्था मिलनी चाहिए।
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अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग

एसोसिएशन ने सरकार को दिए अपने प्रस्ताव में कहा है कि सभी कर्मचारियों के लिए एक जैसा फिटमेंट फैक्टर लागू नहीं होना चाहिए। अभी आमतौर पर सभी के लिए एक समान मल्टीप्लायर तय किया जाता है, लेकिन IRTSA चाहती है कि अलग-अलग ग्रेड के हिसाब से अलग फिटमेंट फैक्टर मिले। उनके प्रस्ताव के मुताबिक जूनियर कर्मचारियों के लिए 2.92 और सबसे वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए 4.38 तक का फिटमेंट फैक्टर होना चाहिए।

इसका मतलब यह है कि वरिष्ठ कर्मचारियों की सैलरी में ज्यादा बढ़ोतरी हो, क्योंकि उनके ऊपर जिम्मेदारी और तकनीकी काम का दबाव ज्यादा होता है। एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में जूनियर और सीनियर कर्मचारियों की सैलरी का अंतर काफी कम हो गया है।

बेसिक सैलरी ₹52,600 तय करने की मांग

IRTSA ने यह भी मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹52,600 तय की जाए। यह मौजूदा 7वें वेतन आयोग की शुरुआती बेसिक सैलरी से काफी ज्यादा है।

रेलवे तकनीकी सुपरवाइजर्स का कहना है कि उनका काम सुरक्षा से जुड़ा होता है। उन्हें ट्रेन संचालन, रखरखाव और 24 घंटे तकनीकी निगरानी जैसे अहम काम करने पड़ते हैं। इसलिए उनकी सैलरी और प्रमोशन व्यवस्था अलग होनी चाहिए।

5% इंक्रीमेंट समेत ये भी हैं मांगें

एसोसिएशन ने हर साल 5% इंक्रीमेंट और प्रमोशन के समय दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने की भी मांग की है। इसके अलावा उन्होंने MACP यानी मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन सिस्टम में बदलाव की मांग की है। अभी कर्मचारियों को तय समय के बाद वित्तीय अपग्रेडेशन मिलता है, लेकिन IRTSA चाहती है कि यह 6, 12, 18, 24 और 30 साल की सेवा के बाद मिले ताकि कर्मचारियों को जल्दी फायदा मिल सके।

इसके साथ ही संगठन ने HRA बढ़ाने, वेतन विसंगतियां दूर करने और ट्रेनिंग पीरियड को भी MACP में जोड़ने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि नए वेतन लागू करने से पहले महंगाई भत्ते (DA) का 50% बेसिक पे में जोड़ दिया जाए। ये मांगें ऐसे समय पर आई हैं जब अलग-अलग कर्मचारी यूनियन और संगठन 8वें वेतन आयोग के लिए अपने सुझाव सरकार को दे रहे हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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