पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड June 25, 2026, 15:13 IST
सारांश
डाक विभाग ने पोस्ट ऑफिस बचत खातों, आरडी और सुकन्या समृद्धि अकाउंट के लिए डिपॉजिट और विड्रॉल के नए नियमों का एलान किया है। अब ग्राहक आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए बिना किसी पे-इन स्लिप या विड्रॉल स्लिप के पैसे जमा और निकाल सकेंगे।

पोस्ट ऑफिस में अब आधार बायोमेट्रिक के जरिए आसानी से होंगे वित्तीय ट्रांजैक्शन।
अगर आपका भी पोस्ट ऑफिस में कोई बचत खाता है या आपने अपनी बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। डाक विभाग (Department of Posts) ने अपने ग्राहकों के लिए डिपॉजिट और विड्रॉल से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। विभाग की तरफ से जारी एक ऑफिशियल ऑर्डर के मुताबिक, अब पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA), रेकरिंग डिपॉजिट (RD) और सुकन्या समृद्धि अकाउंट में पैसे जमा करने या निकालने के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से राहत मिल गई है। अब आप आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए सीधे पैसे का लेनदेन कर सकेंगे।
डाक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब पोस्ट ऑफिस के विभिन्न खातों में बिना पे-इन स्लिप के भी पैसे जमा किए जा सकते हैं। इसके लिए ग्राहकों को सिर्फ अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल करके बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करना होगा। इस नए नियम के तहत ग्राहक अपने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट, आरडी और सुकन्या समृद्धि अकाउंट में एक बार में 50,000 रुपये तक की रकम जमा कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी तरह के कागजी फॉर्म को भरने की जरूरत नहीं होगी।
पैसे जमा करने के साथ-साथ खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया को भी काफी आसान बना दिया गया है। नए नियमों के तहत पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA) से अब बिना किसी विड्रॉल स्लिप के भी पैसे निकाले जा सकते हैं। आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए ग्राहक एक बार में 20,000 रुपये तक की रकम अपने खाते से निकाल सकेंगे। हालांकि, विभाग ने साफ किया है कि यह खास सुविधा सिर्फ सिंगल टाइप अकाउंट्स के लिए ही उपलब्ध होगी। अगर किसी का जॉइंट अकाउंट है या माइनर के नाम पर खाता है, तो उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
अभी तक के नियमों के मुताबिक, पोस्ट ऑफिस के ग्राहकों को सिर्फ उसी ब्रांच में ट्रांजैक्शन करने की अनुमति थी जहां उनका खाता खुला हुआ था। लेकिन अब डाक विभाग ने ब्रांच इंटरऑपरेबिलिटी की शुरुआत कर दी है। इसका मतलब यह है कि जिन खाताधारकों का आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा हो चुका है, वे देश के किसी भी पोस्ट ऑफिस ब्रांच में जाकर आसानी से अपना लेनदेन कर सकेंगे। हालांकि, जिन खातों में आधार ऑथेंटिकेशन नहीं हुआ है, उन्हें केवल अपने मूल होम ब्रांच से ही लेनदेन करने की इजाजत होगी।
डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय सीमा से अधिक यानी हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए पुरानी कागजी प्रक्रिया ही लागू रहेगी। इसके लिए ग्राहकों को पहले की तरह विड्रॉल एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा और संबंधित अकाउंट्स ऑफिस से मंजूरी लेनी होगी। यह पूरा नया सिस्टम डाक विभाग के ब्रांच ऑफिसों में इस्तेमाल होने वाले 'ड्रीम' (DREAM) ऐप के जरिए लागू किया जा रहा है। इसके तहत मौजूदा कस्टमर इंफॉर्मेशन फाइल (CIF) को बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए आधार आधारित ई-केवाईसी सीआईएफ में बदला जा रहा है।
इस नए सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए डाक विभाग ने मोबाइल नंबर को लेकर भी एक बड़ा निर्देश दिया है। आगामी 1 सितंबर 2026 से ड्रीम ऐप के जरिए होने वाले किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य हो जाएगा। जो ग्राहक ई-केवाईसी या आधार आधारित डिपॉजिट और विड्रॉल करना चाहते हैं, उनके खातों में एक्टिव मोबाइल नंबर होना जरूरी है। 1 सितंबर के बाद बिना मोबाइल नंबर वाले खातों में इस ऐप के जरिए किसी भी तरह के लेनदेन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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